ग्वालियर HC में अंबेडकर प्रतिमा लगाने को लेकर विवाद: वकीलों ने तिरंगा फहराया तो पुलिस रोकने की कोशीश की, झूमाझटकी हुई

MP High Court News: ग्वालियर हाईकोर्ट बेंच के कैंपस में डॉ. भीमराव अंबेडकर की मूर्ति लगाने को लेकर विवाद और बढ़ गया है। विवादित जगह पर बार एसोसिएशन के वकीलों ने तिरंगा झंडा फहरा दिया। जब पुलिस ने रोकने की कोशिश की तो वहां झूमाझटकी और धक्का-मुक्की तक हो गई।

MP High Court Ambedkar statue Controversy (3)

MP High Court Ambedkar statue Controversy (3)

हाइलाइट्स

  • एक पक्ष से प्रतिमा नहीं लगाने पर SC के ​निर्देश का हवाला
  • दूसरे पक्ष ने कहा SC और जबलपुर HC में लगी मूर्ति
  • HC में तिरंगा फहराने के बाद खुलकर सामने आया विवाद

MP High Court Ambedkar statue Controversy: ग्वालियर हाईकोर्ट (Gwalior High Court) बेंच के कैंपस में डॉ. भीमराव अंबेडकर (Dr. Bhimrao Ambedkar) की मूर्ति लगाने को लेकर विवाद और बढ़ गया है। एक तरफ कुछ वकील प्रतिमा लगाने के पक्ष में हैं, वहीं बार एसोसिएशन (bar Association) इसके खिलाफ खुलकर सामने आ गई है।

शनिवार, 10 मई को विवादित जगह पर बार एसोसिएशन के वकीलों ने तिरंगा झंडा फहरा दिया। जब पुलिस ने रोकने की कोशिश की तो वहां झूमाझटकी और धक्का-मुक्की तक हो गई। रविवार को इसका वीडियो सामने आया, जो अनुज बमरोलिया नाम के अकाउंट से सोशल मीडिया (Social Media) पर डाला गया है। उसमें लिखा है – यह कोई भारत-पाक बॉर्डर नहीं, ग्वालियर का हाईकोर्ट है। बार एसोसिएशन का कहना है कि यह झंडा उन्होंने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की याद में फहराया है और अब कोर्ट से 100 फीट ऊंचा तिरंगा लगाने की अनुमति मांगेंगे।

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क्या कह रहे दोनों पक्ष?

बार एसोसिएशन का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट का निर्देश है कि सार्वजनिक स्थानों पर कोई भी महापुरुष की प्रतिमा नहीं लगाई जानी चाहिए। इसके बावजूद बिना किसी जानकारी के परिसर में फाउंडेशन तैयार कर दिया गया। दूसरी ओर, एक समूह प्रतिमा लगाने के पक्ष में है। उनका तर्क है कि सुप्रीम कोर्ट और जबलपुर हाईकोर्ट में भी अंबेडकर की प्रतिमा लगी है, तो ग्वालियर में क्यों नहीं?

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बार अध्यक्ष बोले- बिना पूछे प्रस्ताव पास

बार एसोसिएशन अध्यक्ष पवन पाठक ने कहा कि बिल्डिंग कमेटी और बार को बिना बताए प्रस्ताव पास किया गया और प्रतिमा लगाने की तैयारी शुरू कर दी गई, जो गलत है। उनका कहना है कि यह मुद्दा जाति से ऊपर उठकर सोचना चाहिए, तिरंगे से बड़ा कोई नहीं।

बुदनी में शुरू होगा देश का पहला ड्रोन ट्रेनिंग सेंटर, महिलाओं को भी मिलेगा मौका

Budni Agriculture Drone Training Center (1)

MP Budni Drone Training Center: देश के किसान (Farmer ) अब खेती में ड्रोन (Drone) की मदद से दवाओं और खाद का छिड़काव कर सकेंगे। उन्हें ये सब सिखाने के लिए देश के चार बड़े कृषि संस्थानों में ड्रोन पायलट ट्रेनिंग सेंटर बनाए जा रहे हैं। सबसे पहला केंद्र मध्यप्रदेश (Madhya pradesh) के बुदनी (Budni) में शुरू होने जा रहा है। जहां महिलाओं को भी ड्रोन पायलट (Drone Pilot) बनने का मौका मिलेगा। पूरी खबर पढ़ने क्लिक करें...

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