Gwalior Gas Leak Incident: भाई के बाद बहन की भी मौत, माता-पिता की हालत गंभीर, गेहूं में कीटनाशक छिड़कने से हुआ हादसा

Gwalior Gas Leak Incident: ग्वालियर में कीटनाशक छिड़ने से निकली गैस से हुए हादसे में भाई के बाद बहन की भी मौत हो गई। माता-पिता की हालत नाजुक है। वहीं गेहूं में कीटनाशक छिड़कने वाला मकान मालिक फरार है।

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Gwalior Gas Leak Incident

हाइलाइट्स

  • ग्वालियर गैस हादसे में दो की मौत
  • सल्फास से निकली जहरीली गैस
  • माता-पिता की हालत अब भी गंभीर

Gwalior Gas Leak Incident: मध्यप्रदेश के ग्वालियर में कीटनाशक से निकली गैस से बीमार 13 साल की क्षमा शर्मा ने भी मंगलवार, 4 नवंबर को दम तोड़ दिया। रिम्स अस्पताल में क्षमा ने आखिरी सांस ली। इससे पहले सोमवार को क्षमा के छोटे भाई वैभव की मौत हो गई थी। बच्चों के माता-पिता की हालत भी नाजुक है। दोनों को रिम्स हॉस्पिटल से न्यू जेएएच हॉस्पिटल में शिफ्ट किया गया है।

क्या है पूरा मामला ?

घटना सोमवार को गोला का मंदिर इलाके में प्रीतम विहार कॉलोनी की है। यहां घर के पोर्च में रखे गेहूं को घुन से बचाने के लिए मकान मालिक ने सल्फास से बने कीटनाशक का छिड़काव किया था। इसके किराए पर रहे सत्येंद्र शर्मा परिवार समेत दरवाजा बंद कर सोने चले गए थे।

पोर्च के सामने दो कमरों में किराए से रहने वाला सत्येंद्र शर्मा का परिवार इस कीटनाशक से बनी जहरीली गैस का शिकार हो गया। मकान मालिक श्रीकृष्ण यादव तीसरी मंजिल पर रहता था, जो घटना के बाद से फरार है।

[caption id="attachment_925987" align="alignnone" width="910"]publive-image सत्येंद्र शर्मा को परिवार।[/caption]

 किराएदार का परिवार बेहोश था

सोमवार दोपहर जब मकान मालिक श्रीकृष्ण नीचे आया तो बदबू फैली हुई थी। उसने देखा कि किरायेदार सत्येंद्र शर्मा (51), उनकी पत्नी रजनी, बेटी क्षमा (13) और बेटा वैभव उर्फ करुआ (4 साल) बेहोश थे। जिसके बाद उसने पड़ोसियों की मदद से सभी को हॉस्पिटल पहुंचाया। यहां वैभव को मृत घोषित कर दिया गया था।

जब होश में आती, तो क्षमा परिवार के बारे में पूछती थी

अस्पताल में भर्ती क्षमा शर्मा की स्थिति सबसे गंभीर थी। वह कभी-कभी आंखें खोलकर अपने माता-पिता और भाई के बारे में पूछती थी। सोमवार की रात लगभग 1 बजे से उसकी स्थिति बिगड़ने लगी। मंगलवार, 4 नवंबर की सुबह 4 बजे उसने दम तोड़ दिया।

सत्येंद्र शर्मा भिंड के मालनपुर टूडीला गांव के निवासी हैं। वे ग्वालियर के महाराजपुरा इंडस्ट्रियल एरिया की एक फैक्ट्री में काम करते हैं। परिवार के साथ वे प्रीतम विहार कॉलोनी में श्रीकृष्ण यादव के तीन मंजिला मकान के ग्राउंड फ्लोर पर किराए पर रहते हैं।

मकान मालिक इसी बिल्डिंग में तीसरी मंजिल पर परिवार सहित रहता है

5 बहनों के बाद मन्नत से वैभव का जन्म हुआ था।

रिश्तेदारों ने बताया कि पांच बेटियों के बाद कई मंदिरों में मन्नत मांगी गई थी, तब जाकर 46 साल की उम्र में सत्येंद्र को बेटा हुआ। उनकी दो बेटियों की बचपन में ही मौत हो गई थी। बड़ी बेटी भारती और दीपा की शादी हो चुकी है। सबसे छोटी बेटी क्षमा उनके साथ रहती थी।

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दीदी-जीजा ने खाना बनाया, खाया और सो गए।

सत्येंद्र के साले रामू शर्मा ने बताया- जीजाजी और दीदी रविवार को कहीं गए थे। शाम को घर लौटकर खाना बनाया, खाया और सो गए। हमारा घर पास ही है, लेकिन मकान मालिक ने हमें घटना की जानकारी नहीं दी।

सूचना मिली तो हम करीब 10.30 बजे उनके घर पहुंचे, तब तक मकान मालिक सत्येंद्र और उनकी पत्नी को हॉस्पिटल रवाना कर दिया गया था

चारों तरफ बदबू फैली हुई थी। अंदर जाते ही सिर चकराने लगा, इसलिए हमने मुंह पर कपड़ा बांधा। दो-दो पट्टे बांधने के बाद भी चक्कर आ रहे थे। बिटिया क्षमा अंदर थी, उसे हमने बाहर निकाला। वह बोल तो रही थी, लेकिन उसका ब्लड प्रेशर काफी लो था।

वैभव उस वक्त तीसरी मंजिल पर था। हमने क्षमा और वैभव को अस्पताल में भर्ती कराया।

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