श्मशान में नाबालिग की मौत: दिवाली की रात पिता संग पूजा करने गया था, पिता कुछ सामग्री लेने घर गया...लौटा तो होश उड़ गए

Gwalior Diwali Night Suicide Case: श्मशान में नाबालिग की मौत, दिवाली की रात पिता संग पूजा करने गया था, पिता कुछ सामग्री लेने घर गया...लौटा तो होश उड़ गए

Gwalior Diwali Night Suicide

Gwalior Diwali Night Suicide

हाइलाइट्स

  • दिवाली की रात श्मशान में फांसी
  • पिता लौटा तो बेटा लटका मिला
  • नाबालिग की मौत की वजह संदिग्ध

Diwali Night Suicide Case: मध्यप्रदेश के ग्वालियर में दिवाली की रात करीब 12 बजे नाबालिग बेटे ने मुक्तिधाम में फांसी लगा ली। जिससे उसकी मौत हो गई। पिता-पुत्र श्मशान में पूजा करने पहुंचे थे। इसी दौरान कुछ सामग्री लेने के लिए पिता घर गए और लौटे तो बेटा पूजा स्थल पर नहीं मिला। तलाश के बाद बेटा मुक्तिधाम के एक कमरे में फांसी के फंदे पर लटका मिला।

जानकारी के मुताबिक, दिवाली की रात घर में लक्ष्मी पूजन के बाद एक परिवार पास ही मुक्तिधाम में देवताओं की पूजा करने और दीप रखने के लिए गया था। पिता-पुत्र श्मशान घाट पहुंचे तो बीच पूजा में से पिता अचानक से उठकर कुछ सामग्री लेने घर चला गया। कुछ देर बाद जब पिता लौटकर श्मशान पहुंचा तो पूजा स्थल पर बेटा दिखाई नहीं दिया। इधर उधर देखा तो मुक्तिधाम के एक कमरे में उसका नाबालिग बेटा फांसी के फंदे पर लटका हुआ था। पूरी घटना रात 12 बजे की बताई गई है।

घटना का पता लगते ही कंपू थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच के बाद मर्ग कायम कर लिया। फिलहाल पता नहीं चला है कि नाबालिग ने क्यों और किन परिस्थितियों में सुसाइड किया है। गुरुवार, 23 अक्टूबर को पुलिस ने परिवार के बयान दर्ज किए हैं।

[caption id="attachment_919420" align="alignnone" width="1047"]publive-image कंपू थाना पुलिस ने मर्ग कायम किया।[/caption]

पिता दोबारा से श्मशान पहुंचा तो... होश उड़ गए

शहर के आमखो स्थित टंकी रोड माता मंदिर के पास किशनलाल पथरोल का परिवार रहता है। दिवाली की रात घर में पूजा करने के बाद किशनलाल अपने 17 साल के बेटे को साथ लेकर पास में स्थित मुक्तिधाम में देवताओं की पूजा करने के लिए पहुंचा था। रात के ठीक 12 बजे थे। इसी बीच पिता को याद आया कि वह कुछ सामग्री घर पर भूल आया है। बेटे संतोष से यह बोलकर कि तुम यहीं बैठना, मैं सामग्री लेकर आता हूं। इसके बाद किशन घर चला गया और लौटा तो संतोष गायब था। चिंचित पिता ने उसे मुक्तिधाम खोजा तो वह एक कमरे में फांसी के फंदे पर लटका मिला। यह देख उसके होश उड़ गए। पिता ने बेटे को फंदे से नीचे उतारा और नब्ज टटोली तो कोई प्रतिक्रिया महसूस नहीं हुई। उसे पता चला की उसकी मौत हो चुकी है। इसके बाद किशन ने कंपू थाना पुलिसको सूचना की। पुलिस मौके पर पहुंची और जांच के बाद मर्ग कायम कर लिया है।

एक ही सवाल- ऐसा क्यों किया ?

कंपू थाना पुलिस ने इस मामले में दिवाली के अगले दिन शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद मर्ग कायम कर लिया था। पर पुलिस को यह समझ नहीं आ रहा था कि अच्छा भला लड़का उसने अचानक से यह कदम क्यों उठाया ? गुरुवार को पुलिस ने वापस मृतक नाबालिग के घर पहुंचकर बातचीत की है और पिता के बयान लिए।

पिता बोले- कुछ नहीं जानता

मृतक के पिता किशनलाल पथरोल ने पुलिस को बताया कि जब वह पूजन सामग्री लेने के लिए मुक्तिधाम से निकला था तो बेटा संतोष एक दम सामान्य था। बिलकुल भी ऐसा नहीं लगा कि वह कुछ इस तरह कदम उठा लेगा। सुबह से भी काफी खुश था। पिता ने बताया कि मेरे जाने के बाद वहां क्या हुआ कि बेटे ने तत्काल इतना बड़ा कदम उठा लिया इस पर वह कुछ नहीं जानता।

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पुलिस बोली- यह कदम क्यों उठाया ?

कंपू थाना प्रभारी अमर सिंह सिकरवार का कहना है कि दीपावली की रात श्मशान घाट में एक नाबालिग ने फांसी लगाकर जान दी है। छात्र ने यह कदम क्यों उठाया यह पता लगाया जा रहा है।

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