ग्वालियर में पकड़े गए फर्जी BSF कॉन्स्टेबल: 12-12 लाख देकर खरीदी थी नौकरी, बिना परीक्षा और फिजिकल टेस्ट के सीधे जॉइनिंग

Gwalior BSF Constable Fraud: बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स (BSF) में फर्जी तरीके से नौकरी पाने वाले 9 कैंडिडेट्स पकड़ में आए। उन्हें अब पुलिस के हवाले कर दिया गया है। उन्होंने नौकरी के लिए 12-12 लाख रुपए दलालों को दिए थे।

Gwalior BSF Constable Fraud

Gwalior BSF Constable Fraud: बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स (BSF) में आरक्षक की नौकरी पाने के लिए दलालों ने अभ्यर्थियों से 12-12 लाख रुपए में सौदा किया था। इसके बदले में उन्हें ना तो लिखित परीक्षा देनी थी, और न ही फिजिकल टेस्ट पास करना था। सीधे लेटर ले जाकर जॉइनिंग करना था। इन कैंडिडेट्स ने किया भी ऐसा ही और अब पकड़ाए तो पूरे फर्जीवाड़े की कहानी बयां कर दी। पुरा मामला ग्वालियर के टेकनपुर स्थित बीएसएफ ट्रेनिंग सेंटर ( BSF Traning Center) का है।

पुलिस ने लिया रिमांड

जानकारी के मुताबिक इन्हें 21 से 25 जनवरी के बीच पकड़ा गया है। पुलिस ने उन्हें 11 फरवरी तक रिमांड पर लिया। दरअसल, स्टाफ सिलेक्शन कमीशन (SSC) ने केंद्रीय अर्द्ध सैनिक बलों में आरक्षक भर्ती के लिए ऑनलाइन परीक्षा आयोजित कराई थी। फिजिकल टेस्ट में पास होने के बाद कैंडिडेट्स के दस्तावेजों और बायोमैट्रिक जांच होनी थी। इसी दौरान ये फर्जी कैंडिडेट पकड़े गए।

आरोपियों ने रिमांड पर चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। बताया कि दलालों ने BSF ट्रेनिंग सेंटर में आरक्षक की एक पोस्ट के लिए हर कैंडिडेट्स से 12-12 लाख रुपए में सौदा किया था। इसके लिए BSF के रायपुर (छत्तीसगढ़) से जॉइनिंग लेटर आए थे, ये बिल्कुल ऑरिजनल थे। हालांकि, ये उन अभ्यर्थी के थे, जो लिखित और फिजिकल पास कर चुके थे।

ऐसे पकड़ाए थे फर्जी कैंडिडेट्स

एसएससी ने केंद्रीय अर्द्ध सैनिक बलों में 2024 में ऑनलाइन आरक्षक भर्ती परीक्षा (लिखित) आयोजित कराई थी। इसमें चयनित अभ्यर्थियों को ग्वालियर बीएसएफ टेकनपुर अकादमी में 21 से 25 जनवरी के बीच जॉइनिंग लेनी थी।

25 जनवरी को 9 अभ्यर्थी ऐसे पहुंचे थे, जिनके पास जॉइनिंग लेटर थे। इनसे बायोमैट्रिक और दस्तावेज लिए गए, जिसका परीक्षा और फिजिकल के दौरान लिए गए बायोमैट्रिक से मिलान किया गया तो फर्जीवाड़ा सामने आ गया।

इस दौरान उत्तर प्रदेश के अलीगढ़, आगरा, मध्यप्रदेश के मुरैना और राजस्थान के धौलपुर के 9 अभ्यर्थी BSF के अधिकारियों ने पकड़े और ग्वालियर के बिलौआ थाना पुलिस को FIR के लिए सौंप दिए।

कद-काठी देख कोचिंग से चुने कैंडिडेट्स

पूछताछ में सभी फर्जी अभ्यर्थियों ने पुलिस के सामने स्वीकार किया है कि वह अर्द्ध सैनिक बलों में भर्ती की तैयारी कर रहे थे। सभी को कोचिंग या फिजिकल ट्रेनिंग सेंटर के आसपास दलाल टकराए हैं। सितंबर 2024 में परीक्षा के ठीक पहले दलाल इनके पास आए थे। दलालों ने इनसे संपर्क कर कहा कि ऐसे तैयारी करते रहे तो लग गई नौकरी। एक पोस्ट पर 1 लाख युवा परीक्षा देते हैं। कैसे मिलेगी नौकरी?

यहां अलग-अलग शहरों में दलालों ने अलग-अलग लोगों से संपर्क किया था। फर्जी ही सही, लेकिन ऐसे अभ्यर्थी चुने थे जो कद काठी से अर्द्ध सैनिक बल में बतौर आरक्षक चुने जाने योग्य थे। इनको 12 लाख रुपए में एक आरक्षक की पोस्ट ऑफर की गई थी। इसके बाद आधी राशि एडवांस में भुगतान करनी थी।

किसी ने बेची जमीन, तो किसी ने ऑटो

दलालों ने भर्ती दिलाने का भरोसा दिया और अर्द्ध सैनिक बलों में सेटिंग के कुछ प्रूफ दिए। इसके बाद ये बेरोजगार युवा तैयार हो गए। अलीगढ़ हाथरस निवासी संदीप कुमार ने अपनी एक बीघा जमीन बेचकर दलाल को एडवांस में पैसे दिए, जबकि एक अन्य आगरा निवासी दलवीर ने ऑटो बेचकर एडवांस की राशि दी।

9 अभ्यर्थियों ने जमा किए हैं 28.25 लाख रुपए

दलालों ने इन 9 फर्जी कैंडिडेट्स से अभी तक 28.25 लाख रुपए बतौर एडवांस ले लिया है। सबसे बड़ी रकम एक अभ्यर्थी ने 8 लाख रुपए दी है, यह वही कैंडिडेट है जिसने अपनी एक बीघा जमीन बेची है। इसके अलावा एक कैंडिडेट ने 6 लाख रुपए, एक कैंडिडेट ने चार लाख रुपए दिए हैं। इसके अलावा एक कैंडिडेट ने 3.5 लाख रुपए, दो कैंडिडेट‌्स ने दो-दो लाख, एक ने 75 हजार और दो अभ्यर्थी ने सिर्फ 50-50 हजार रुपए बतौर एडवांस दिए हैं। सभी को 12-12 लाख रुपए जॉइनिंग होने के बाद देने थे।

लिखित-फिजिकल में पास, नहीं की जॉइनिंग

BSF के रायपुर सेंटर से सभी जॉइनिंग लेटर जारी हुए हैं। यह वो कैंडिडेट्स के थे, जिन्होंने परीक्षा दी थी। उसमें पास होने के बाद फिजिकल भी दिया था। लेकिन, वे फाइनल जॉइनिंग देने नहीं पहुंचे थे। सभी कैंडिडेट छत्तीसगढ़ के ही मूल निवासी थे। इन्होंने जॉइनिंग नहीं करने के बदले दलालों को जॉइनिंग लेटर बेच दिए। अब पुलिस यह पता लगा रही है कि दलालों का रायपुर सेंटर से क्या घालमेल है।

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जांच के लिए ग्वालियर पुलिस रायपुर पहुंची

ग्वालियर पुलिस की एक टीम रायपुर पहुंची है। यह टीम वहां पता लगाएगी कि बीएसएफ के रायपुर सेंटर से जॉइनिंग लेटर कैसे जारी हुए? परीक्षा और फिजिकल देने वाले जिन कैंडिडेट्स के नाम सामने आए हैं, वह सही अभ्यर्थी थे या फिर दलालों की सेटिंग से बैठाए गए सॉल्वर थे।

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