Advertisment

ग्वालियर: अटलजी, बहादुर के लड्डू, चाची के मंगोड़ और द्वारका के पेड़े खाना कभी नहीं भूलते थे, प्रधानमंत्री बनने के बाद चखते रहते थे इनका स्वाद

author-image
Bansal Digital Desk
ग्वालियर: अटलजी, बहादुर के लड्डू, चाची के मंगोड़ और द्वारका के पेड़े खाना कभी नहीं भूलते थे, प्रधानमंत्री बनने के बाद चखते रहते थे इनका स्वाद

नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी के संस्थापक सदस्यों में से एक और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी (Atal Bihar Vajpayee) की आज तीसरी पुण्यतिथि (Death Anniversary) है। वाजपेयी का अपनी जन्मभूमि मध्य प्रदेश के ग्वालियर से गहरा लगाव था। वे खाने के बेहद शौकीन थे। जब भी वे ग्वालियर में होते नया बाजार स्थित बहादुर के लड्डू, दौलतगंज के अग्रेसन पार्क के बाहर फुटपाथ पर दुकान चलाने वाली चाची के मंगोड़ और भिंड के द्वारिका के पेड़े का स्वाद लेना नहीं भूलते थे।

Advertisment

अक्सर दुकानों पर जाया करते थे

वाजपेयी अक्सर इन दुकानों पर जाया करते थे। अगर वे ग्वालियर नहीं जा पाते तो, किसी स्वजन या कार्यकर्ता से अपने लिए दिल्ली मंगवा लिया करते थे। मंगोड़े उन्हें इतना पसंद था कि वो बचपन में अपने पिता कृष्ण बिहारी वाजपेयी के साथ चाची की दुकान पर जाया करते थे। बड़े होने पर भी उनका स्वाद नहीं बदला, वे अक्सर मंगोड़े खाने चाची की दुकान पर ही जाते थे।

अम्मा ने रखी थी अनोखी मांग

2004 में प्रधानमंत्री पद से हटने के बाद जब वे एक बार अपना जन्मदिन मनाने ग्वालियर आए तो उन्होंने सर्किट हाउस में चाची के बुलवाया और उन्हें एक लाख रूपए का चेक दिया। चाची ने चेक लेने से मना कर दिया। उन्होंने कहा कि मुझे पैसा नहीं चाहिए, मैंने जहां तुम्हें आशीर्वाद दिया था वह जगह मुझे दिलवा दो। अटलजी तब तत्कालीन मुख्यमंत्री बाबूलाल गौर को अम्मा को गुमटी दिलाने को कहा। आज भी चाची के बेटे उसी जगह पर अपनी दुकान लगाते हैं।

बहादुर का लड्डू खाना नहीं भूलते

मंगोड़े के अलावा अटलजी को नया बाजारा स्थित बहादुर स्वीट्स का लड्डू काफी पसंद था। वे अक्सर इस दुकान पर भी जाया करते थे। दरअसल, अटलजी का पैतृक निवास शिंदे की छावनी में है और उनकी बहन उर्मिला का ससुराल सिंधी कॉलोनी में है। अटलजी जब भी बहन से मिलने उनके घर जाते तो बीच में नया बाजार स्थित बहादुर स्वीट्स पर जाना नहीं भूलते थे। अटलजी के जीतने भी जानकार थे, जब वे दिल्ली जाते तो बहादूर के लड्डू ले जाना नहीं भूलते थे।

Advertisment

द्वारिका का पेड़ा खाना नहीं भूलते थे

ग्वालियर के अलावा अटलजी भिंड के बजरिया इलाके में स्थित द्वारिका पेड़ा हाउस से पेड़ा खाना नहीं भूलते थे। जब अटल बिहारी वाजपेयी प्रधानमंत्री बन गए तो दुकान संचालक खुद उनके लिए पेड़े दिल्ली भेज दिया करते थे।

UP CM Yogi news UP CM news Rashtriya Smriti Sthal Politics PM Modi narendra modi Namita Bhattacharya cries Keshav Prasad Maurya india Gwalior former PM Atal Bihari Vajpayee Former Indian Prime Minister Atal Bihari Vajpayee news food Delhi news updates CM Yogi BJP headquarters news Bharatiya Janata Party (BJP) headquarters bhaang atal ji demise Atal ji Atal Bihari Vajpayee funeral Atal Bihari Vajpayee Death Anniversary Atal Bihari Vajpayee Atal Bihari Vaajpayee health update Atal Bihari Vaajpayee Amit Shah abp news
Advertisment
चैनल से जुड़ें