गुरुग्राम भीम आर्मी के चीफ के ग्वालियर आने पर रोक: एमपी पुलिस ने नोटिस भेज 24 घंटे में मांगा जवाब, पुलिस अलर्ट

Gurugram Bhim Army Chief Gwalior Entry Controversy: मध्यप्रदेश के ग्वालियर हाईकोर्ट बेंच परिसर में बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा लगाने के लिए गुरुग्राम से भीम सेना की टीम मुरैना तक पहुंच गई

Gwalior Ambedkar Statue Controversy

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Gwalior Ambedkar Statue Controversy: मध्यप्रदेश के ग्वालियर हाईकोर्ट बेंच परिसर में बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा लगाने के लिए गुरुग्राम से भीम सेना की टीम मुरैना तक पहुंच गई है। लॉ एंड ऑर्डर बिगड़ने की आशंका को ध्यान में रखते हुए ग्वालियर जिला प्रशासन ने भीम सेना के प्रमुख सतपाल तंवर को नोटिस जारी करते हुए हाईकोर्ट आने पर रोक लगा दी है।
यहां बता दें, भीम आर्मी ने 26 मई को फूलबाग स्थित अंबेडकर प्रतिमा पर माल्यार्पण और महारानी लक्ष्मीबाई स्टेच्यू के सामने सभा की अनुमति मांगी थी, लेकिन प्रशासन ने लॉ एंड ऑर्डर का हवाला देकर मना कर दिया है।

इसके साथ ही पुलिस ने सतपाल तंवर से 24 घंटे में तीन सवालों के जवाब मांगे गए हैं। पुलिस ने माहौल बिगड़ने से बचाने के लिए भड़काऊ पोस्ट पर नजर रखने के लिए तीन टीमें बनाई हैं। सतपाल तंवर के जयपुर हाईकोर्ट में मनु की प्रतिमा को हटाने की धमकी भरे बयान के बाद राजस्थान और मध्य प्रदेश की सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं।

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सतपाल ने ग्वालियर आने से पहले कुर्बानी की बात कही

सतपाल तंवर की अगुवाई में भीम सेना की एक टीम गुरुग्राम से ग्वालियर के लिए निकल पड़ी है। उन्होंने अपने समर्थकों से ग्वालियर और जयपुर पहुंचने की अपील करते हुए सोशल मीडिया पर वीडियो और पोस्टर जारी किए, जिसमें उन्होंने बाबा साहेब के सम्मान में कुर्बानी देने की बात कही। ग्वालियर हाईकोर्ट परिसर में किसी अप्रिय घटना की आशंका को देखते हुए सुरक्षा बढ़ा दी गई है।

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क्या है पूरा मामला ?

इस विवाद की शुरुआत 19 फरवरी, 2025 को हुई थी। जब वकीलों के एक समूह ने चीफ जस्टिस सुरेश कुमार कैत को ग्वालियर हाईकोर्ट में अंबेडकर प्रतिमा स्थापित करने के लिए एक ज्ञापन सौंपा था। हालांकि हाईकोर्ट की सात सदस्यीय बिल्डिंग कमेटी ने सुरक्षा और अनुशासन का हवाला देते हुए प्रतिमा स्थापना की अनुमति देने से इनकार कर दिया। बार एसोसिएशन का एक वर्ग इस फैसले का समर्थन कर रहा है, जबकि दूसरा वर्ग इसे संविधान निर्माता के सम्मान का मुद्दा बताकर विरोध में खड़ा है। गुरुग्राम स्थित भीम सेना की धमकी ने इस विवाद को अब जातिगत और राजनीतिक रंग दिया है।

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