Guru Nanak Jayanti: गुरु नानक जयंती आज, पीएम मोदी और सीएम शिवराज ने दी बधाई, जानें इस दिन का महत्व

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Guru Nanak Jayanti 2020: सिख धर्म के संस्थापक गुरु नानक देव की आज 551वीं जयंती (Guru Nanak Jayanti 2020) मनाई जा रही है। इस मौके पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद (President Ramnath Kovind), प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ( PM Narendra Modi), कांग्रेस नेता राहुल गांधी और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शुभकामनाएं दी हैं। गुरु नानक जयंती के अवसर पर आज हम इस दिन के महत्व के बारे में भी आपको बताएंगे।

गुरु नानक देव की शिक्षाओं का करें पालन- रामनाथ कोविंद
जयंती की बधाई देते हुए राष्ट्रपति कोविंद ने ट्विटर पर लिखा, गुरु नानक देव ने लोगों को एकता, समरसता, सौहार्द और सेवाभाव का मार्ग दिखाया और परिश्रम, ईमानदारी, आत्मसम्मान पर आधारित जीवनशैली का बोध कराने वाला आर्थिक दर्शन दिया। उनका जीवन और उनकी शिक्षाएं मानव जाति के लिए प्रेरणा पुंज हैं।

पीएम मोदी ने ट्वीट कर दी बधाई
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, गुरु नानक देव जी के विचार हमें समाज की सेवा करने और बेहतर दुनिया सुनिश्चित करने के लिए प्रेरित करते रहें।

राहुल गांधी ने दी बधाई

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ट्वीट कर बधाई देते हुए कहा, गुरु नानक देव जी से प्रार्थना है कि, विश्व में शांति और सौहार्द बढ़े और सबका कल्याण हो।  उनकी दिखाई राह पर हम सब चलें और मानवता के काम आयें।

गुरु नानक साहिब का जन्म 15 अप्रैल 1469 को पंजाब के तलवंडी में हुआ था, जो अब पाकिस्तान में हैं। यह जगह ननकाना साहिब के नाम से भी जानी जाती है। सिख धर्म में गुरु पर्व का बहुत महत्व होता है। हर साल कार्तिक मास की पूर्णिमा के दिन गुरु नानक जयंती मनाई जाती है। प्रकाश पर्व के दिन गुरु नानक देव के द्वारा दी गई शिक्षाओं के बारे में बताया जाता है और गुरु ग्रंथ साहिब पाठ किया जाता है।

छोटी सी उम्र में ही प्रसिद्ध हो गए थे गुरु नानक देव
गुरु नानक देव की शिक्षाएं आज भी लोगों का मार्ग दर्शन कर रही हैं। इनके अनुयायी इन्हें नानक देव, नानक, बाबा नानक और नानक शाह जी जैसे नामों से संबोधित करते हैं। कई चमत्कारिक घटनाओं की वजह से गुरु नानक देव 7-8 साल की उम्र में ही प्रसिद्ध हो गए थे।

गुरु नानक देव की शिक्षाएं

  • दुनिया की हर जगह और हर प्राणी में ईश्वर मौजूद हैं।
  • ईमानदारी और मेहनत से पेट भरना चाहिए।
  • मेहनत और ईमानदारी की कमाई में से जरूरतमंदों की सहायता करें।
  • स्त्री-पुरुष समान हैं, सभी को समान नज़रिए से देखें।
  • भोजन शरीर को जीवित रखने के लिए आवश्यक है, लेकिन लालच के लिए संग्रह करने की आदत बुरी है।

 

 

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