GST Rate Changes: टूथपेस्ट से लेकर मोबाइल फोन तक... जानें आपकी जेब को मिलेगी कितनी राहत!

GST Rate Changes: रोजमर्रा के सामान पर 5% और 18% टैक्स, लग्जरी और तंबाकू पर 40%। परिवारों को महीने में बचत का फायदा।

GST Rate Changes: टूथपेस्ट से लेकर मोबाइल फोन तक... जानें आपकी जेब को मिलेगी कितनी राहत!

हाइलाइट्स

  • जीएसटी अब सिर्फ 5% और 18% स्लैब में।

  • रोजमर्रा के सामान जैसे साबुन, टूथपेस्ट, शैम्पू सस्ते होंगे।

  • लग्जरी और तंबाकू उत्पादों पर टैक्स बढ़ाकर 40% किया गया।

GST Rate Changes Household Savings: जीएसटी काउंसिल की 56वीं बैठक ने देश के टैक्स ढांचे में बड़ा बदलाव किया है। अब तक चार अलग-अलग दरों पर जीएसटी वसूला जाता था, लेकिन इस बैठक में इन्हें घटाकर केवल दो कर दिया गया। अब सिर्फ 5 प्रतिशत और 18 प्रतिशत जीएसटी दरें लागू होंगी। इसके साथ ही कई जरूरी वस्तुएं और सेवाएं टैक्स मुक्त (Tax Free) कर दी गई हैं, जबकि लग्जरी प्रोडक्ट्स और तंबाकू पर टैक्स बढ़ाकर 40 प्रतिशत कर दिया गया है।

कैटेगरीसामानपहले GSTअब GST
रोजमर्रा के सामानसाबुन, शैम्पू, टूथपेस्ट18%5%
डेयरी प्रोडक्ट्सघी, मक्खन12%5%
पैक्ड फूडनूडल्स और नमकीन12%5%
किचन आइटम्सबर्तन12%5%
बच्चों के उत्पादबच्चों की बोतलें, नैपकिन और डायपर12%5%
घरेलू उपकरणसिलाई मशीन12%5%

रोजमर्रा की चीजें होंगी सस्ती

सरकार के इस फैसले से आम जरूरत की चीजें जैसे साबुन, शैम्पू, टूथपेस्ट और बर्तन अब पहले से सस्ते मिलेंगे। उदाहरण के तौर पर अगर एक टूथपेस्ट की कीमत 100 रुपए है, जिस पर पहले 18 प्रतिशत जीएसटी लगता था, तो ग्राहक को 118 रुपए चुकाने पड़ते थे। नई दर लागू होने के बाद अब उस पर केवल 5 प्रतिशत जीएसटी लगेगा, यानी 105 रुपए में वही प्रोडक्ट मिलेगा। इसी तरह घी, मक्खन, नूडल्स, नमकीन, बच्चों की बोतलें, नैपकिन, डायपर और सिलाई मशीन जैसी चीजों पर भी अब 5 प्रतिशत टैक्स ही लिया जाएगा।

मान लो आपको टूथपेस्ट खरीदना है जिसकी असली कीमत 100 रुपए है। लेकिन सरकार कहती है कि उस पर 18% जीएसटी टैक्स देना होगा।

तो 100 रुपए का 18% = 18 रुपए होता है।

इसका मतलब आपको 100 + 18 = 118 रुपए देने पड़ेंगे।

अब नई दर आ गई। अब उसी टूथपेस्ट पर सरकार ने कहा कि सिर्फ 5% जीएसटी लगेगा।

तो 100 रुपए का 5% = 5 रुपए होगा।

अब आपको 100 + 5 = 105 रुपए देने होंगे।

मतलब आपको टूथपेस्ट 118 रुपए का मिलता था, अब वही 105 रुपए में मिल जाएगा।

Bright infographic of household items with GST reduced to 5% title.

घर-गृहस्थी पर असर

किराने और डेयरी से जुड़ी कई चीजों (जैसे रोटी/पराठा/पनीर जैसी बेसिक आइटम) पर जीएसटी अब 0% पर आ गया है। बटर-घी, सीरियल्स, बिस्किट जैसे कई आइटम 12–18% से घटकर 5% पर आ गए, तो महीने की थाली कुछ सस्ती पड़ेगी। साबुन-टूथपेस्ट, छोटे उपकरण, कुछ उपभोक्ता सामान 12%/18% से नीचे आने से दैनिक खर्च में थोड़ी बचत दिखेगी। सूची राज्य/ब्रांड के अनुसार बदल सकती है, पर रुझान सस्ता होने का है।

Realistic bright scene of an Indian man unpacking groceries at home.

एक और उदाहरण से समझते हैं

मान लीजिए एक परिवार है जिसमें 6 लोग रहते हैं- दादी, माता-पिता और तीन बच्चे। यह परिवार महीने भर में रोजमर्रा की कई चीजें खरीदता है, जैसे टूथपेस्ट, साबुन, शैम्पू, घी, मक्खन और नूडल्स। पहले इन सब चीजों पर ज्यादा जीएसटी लगता था, लेकिन अब दरें घटने से इन्हें खरीदना सस्ता हो जाएगा।

उदाहरण के लिए, मान लीजिए यह परिवार हर महीने 2 टूथपेस्ट, 6 साबुन, 2 शैम्पू की बोतलें, 1 किलो घी और 5 पैकेट नूडल्स खरीदता है। पुराने जीएसटी दरों के हिसाब से इनकी कीमत मान लेते हैं- टूथपेस्ट 118 रुपए, साबुन 25 रुपए का एक, शैम्पू 118 रुपए का, घी 560 रुपए किलो और नूडल्स 60 रुपए पैकेट। इस तरह पूरे महीने का खर्च करीब 1,276 रुपए बैठता था।

अब नई दरों के हिसाब से वही सामान सस्ता हो जाएगा। टूथपेस्ट अब 105 रुपए का, साबुन 22 रुपए का, शैम्पू 105 रुपए का, घी 530 रुपए किलो और नूडल्स 55 रुपए पैकेट मिलेंगे। यानी अब पूरे महीने का खर्च 1,146 रुपए आएगा। मतलब इस परिवार को सिर्फ इन कुछ चीजों पर ही महीने भर में 130 रुपए की बचत होगी। अगर इसी तरह के और भी सामान जोड़ दिए जाएं जैसे बच्चों के नैपकिन, बर्तन या सिलाई मशीन के पार्ट्स, तो बचत और बढ़ जाएगी।

सामानपुरानी कीमत (₹)नई कीमत (₹)बचत (₹)
टूथपेस्ट (2)23621026
साबुन (6)15013218
शैम्पू (2)23621026
घी (1kg)56053030
नूडल्स (5 पैकेट)30027525
कुल खर्च1,4821,357125

यह उदाहरण दिखाता है कि 6 लोगों का परिवार जीएसटी दरें घटने से कैसे फायदा उठा सकता है। महीने की बचत सालभर में जोड़ो तो करीब 1,500 से 2,000 रुपए की राहत मिलेगी। यह रकम परिवार दूसरी जरूरतों जैसे बच्चों की पढ़ाई, कपड़े या मेडिकल खर्च पर लगा सकता है।

फूड आइटम्स पर पूरी तरह जीएसटी खत्म

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने जानकारी दी कि दूध, रोटी, पराठा, छेना, पनीर और चपाती जैसे कई फूड आइटम्स पर जीएसटी पूरी तरह हटा दिया गया है। इसका सीधा फायदा घर-घर की रसोई पर पड़ेगा। लोगों को रोजमर्रा का खर्च कम लगेगा और छोटे विक्रेताओं को भी राहत मिलेगी।

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इलेक्ट्रॉनिक्स पर क्या होगा असर

नए दो-स्लैब GST में ज्यादातर इलेक्ट्रॉनिक्स/अप्लायंसेज अब 18% पर आ गए हैं, जिससे AC, बड़े TV, डिशवॉशर, मॉनिटर/प्रोजेक्टर जैसे आइटम सस्ते होंगे। मोबाइल फोन पर दर में बदलाव नहीं, वह 18% ही है।

क्या सस्ता होगा

  • AC, TV, डिशवॉशर: इन पर पहले 28% लगता था, अब 18% लगेगा, इसलिए फेस्टिव-सीजन में कीमतें नीचे आने की उम्मीद है।

  • बड़े TV (32-इंच से ऊपर), मॉनिटर, प्रोजेक्टर, सेट-टॉप बॉक्स 28% से 18% पर आए। ब्रांड्स ने इस कटौती से बिक्री बढ़ने की तैयारी जताई है।

Electronics infographic with GST cut: Previously 28%, now 18%.

इनमें नहीं हुआ कोई बदलाव

  • मोबाइल फोन: इनमें भी मोबाइल/स्मार्टफोन 18% GST पर ही हैं, इसलिए सिर्फ GST बदलने से इनके दाम में कमी नहीं आएगी।

  • कई कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स जो पहले से 18% में थे, वे इसी स्लैब में रहेंगे। कीमतें अन्य फैक्टर (कस्टम ड्यूटी/कंपटीशन/ऑफर) से बदल सकती हैं।

हेल्थ और इंश्योरेंस सेवाएं टैक्स फ्री

स्वास्थ्य सेवाओं को और सुलभ बनाने के लिए काउंसिल ने बड़ा कदम उठाया है। अब इंडिविजुअल हेल्थ और लाइफ इंश्योरेंस पर कोई टैक्स नहीं लगेगा। इसके अलावा 33 जीवन रक्षक दवाएं और दुर्लभ व गंभीर बीमारियों की दवाएं भी पूरी तरह टैक्स फ्री कर दी गई हैं। इससे मरीजों और उनके परिवारों को बड़ी राहत मिलेगी।

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कॉस्मेटिक्स पर कितना लगेगा जीएसटी

नए जीएसटी स्लैब में, कॉस्मेटिक्स और पर्सनल केयर उत्पादों पर टैक्स दरें घटाकर 18% से 5% कर दी गई हैं। इसमें शैम्पू, टूथपेस्ट, हेयर ऑयल, साबुन, शेविंग क्रीम, डियोड्रेंट्स, और अन्य ब्यूटी और मेकअप उत्पाद शामिल हैं।

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22 सितंबर से लागू होंगी नई दरें

नए जीएसटी स्लैब नवरात्रि के पहले दिन यानी 22 सितंबर से लागू हो जाएंगे। सरकार का मानना है कि त्योहारों के समय यह बदलाव लोगों को राहत देंगे और खरीदारी को बढ़ावा देंगे।

इस बदलाव का मकसद क्या है

वित्त मंत्री ने कहा कि इन सुधारों का उद्देश्य टैक्स ढांचे को सरल बनाना और छोटे उद्योगों को बढ़ावा देना है। अभी तक इनवर्टेड ड्यूटी स्ट्रक्चर (Inverted Duty Structure) की समस्या बनी हुई थी, जिसमें कच्चे माल पर ज्यादा टैक्स और तैयार माल पर कम टैक्स लगता था। इस असंतुलन को दूर करने के लिए ही जीएसटी 2.0 लागू किया गया है।

प्रधानमंत्री ने क्या कहा

पीएम नरेंद्र मोदी ने भी इस फैसले पर खुशी जताई। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि जीएसटी दरों में कटौती और सुधारों से आम जनता, किसान, एमएसएमई, मध्यम वर्ग, महिलाएं और युवा सभी को लाभ मिलेगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह कदम छोटे व्यापारियों के लिए मददगार साबित होगा और नागरिकों की जिंदगी बेहतर बनाएगा।

https://twitter.com/narendramodi/status/1963285580940546131

FAQs

1. जीएसटी दरों में बदलाव से आम परिवार को क्या लाभ होगा?
जीएसटी काउंसिल ने टैक्स स्लैब को केवल 5% और 18% कर दिया है, जिससे रोजमर्रा के सामान जैसे साबुन, टूथपेस्ट, शैम्पू, घी, नूडल्स आदि सस्ते हो जाएंगे। उदाहरण के लिए, पहले 100 रुपए के टूथपेस्ट पर 18% GST लगता था और कीमत 118 रुपए होती थी, अब सिर्फ 5% GST लगेगा और कीमत 105 रुपए होगी। इस बदलाव से एक 6 सदस्यीय परिवार महीने में लगभग 130 रुपए की बचत कर सकता है, और सालभर में 1,500-2,000 रुपए तक राहत मिल सकती है।

2. किन चीजों पर अब जीएसटी पूरी तरह टैक्स फ्री हो गया है?
सरकार ने कई जरूरी फूड और हेल्थ आइटम्स को टैक्स फ्री कर दिया है। इसमें दूध, रोटी, पराठा, पनीर, छेना जैसी बेसिक फूड आइटम शामिल हैं। इसके अलावा इंडिविजुअल हेल्थ और लाइफ इंश्योरेंस, 33 जीवन रक्षक दवाएं और दुर्लभ बीमारियों की दवाएं भी टैक्स फ्री हो गई हैं। इससे लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं और दैनिक जरूरी चीजों में सीधे लाभ मिलेगा।

3. किस चीज पर टैक्स बढ़ाया गया है और क्यों?
लग्जरी प्रोडक्ट्स और तंबाकू उत्पादों पर टैक्स बढ़ाकर 40% कर दिया गया है। इसमें कार्बोनेटेड ड्रिंक्स, याट्स, प्राइवेट जेट, बड़ी कारें और 350 सीसी से अधिक इंजन वाली मोटरसाइकिलें शामिल हैं। इसका मकसद आम जनता के लिए रोजमर्रा की चीजों को सस्ता रखना और लग्जरी और हानिकारक उत्पादों पर अधिक टैक्स लगाना है।

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