9 साल बाद हिंदी विश्वविद्यालय को मिला अपना भवन, राज्यपाल और सीएम ने किया ऑनलाइन शुभारंभ

9 साल बाद हिंदी विश्वविद्यालय को मिला अपना भवन, राज्यपाल और सीएम ने किया ऑनलाइन शुभारंभ

भोपाल। हिंदी भाषा को बढ़ावा देने के लिए स्थापित अटल बिहारी वाजपेई हिंदी विश्वविद्यालय को 9 साल बाद अपना भवन मिला। हिंदी दिवस पर आज भोपाल के मुगालिया कोर्ट में बना हिंदी भवन का लोकार्पण राज्यपाल आनंदीबेन और सीएम शिवराज सिंह चौहान ने ऑनलाइन के माध्यम से किया।

हिंदी विश्वविद्यालय के कुलसचिव विजय कुमार सिंह ने बताया कि विश्वविद्यालय को अपना भवन मिल चुका है अभी तक भवन नहीं मिलने से अधोसंरचना नहीं बन पाई थी और भर्ती जैसे प्रक्रिया और इंजीनियरिंग व मेडिकल की पढ़ाई के लिए भी अनुमति नहीं मिली थी। अब सभी व्यवस्थाओं को शुरू करने की कोशिश की जाएगी। हालांकि विवि में अभी भी शिक्षकों की कमी बनी हुई है।

 

नियुक्ति का मामला कई वर्षो से अटका
विवि में करीब तीन हजार विद्यार्थियों को पढ़ाने के लिए 25 से ज्यादा असिस्टेंट प्रोफेसरों को बतौर गेस्ट फैकल्टी रखा गया। उनकी नियुक्ति का मामला कई वर्षो से अटका है। विवि को केंद्रीय विवि का दर्जा दिलाने की तत्कालीन राज्यपाल लालजी टंडन की पहल से उनमें उम्मीद जगी थी। राज्यपाल टंडन ने प्रोफेसरों की नियुक्ति के संबंध में बात भी कही थी, लेकिन उच्च शिक्षा विभाग की ओर से सहमति नहीं मिली। 25 से ज्यादा असिस्टेंट प्रोफेसर और अन्य कर्मचारी अभी भी संविदा पर काम कर रहे हैं।

सिर्फ 500 छात्र ही पढ़ाई कर रहे
हिंदी विश्वविद्यालय में लक्ष्य तय किया गया था कि कुछ सालों में एक लाख से ज्यादा छात्रों को प्रवेश देने की व्यवस्था होगी, लेकिन प्रचार-प्रसार न होने से इस साल सिर्फ 500 छात्र ही पढ़ाई कर रहे।

विदिशा रोड के पास नया भवन
हिंदी विवि को पहले पुरानी विधानसभा और भोज विवि परिसर में जगह दी गई। फिर वहां से कोलार स्थित कॉलेज में संचालन किया गया। करीब 9 साल के बाद अब मुगालिया कोट, विदिशा रोड के पास नया भवन बनकर तैयार​ किया गया । इसका शुभारंभ हिंदी दिवस के दिन यानि आज किया गया। विवि प्रशासन को उम्मीद है कि विश्वविद्यालय नए भवन में शिफ्ट हो गया है अब छात्रों की संख्या ज्यादा बढ़ेगी।

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