सरकार सभी निर्यात वस्तुओं पर कर वापसी योजना का लाभ देगी

नयी दिल्ली, 31 दिसंबर (भाषा) सरकार ने निर्यातकों को राहत देते हुए बृहस्पतिवार को कहा कि उसने सभी वस्तुओं पर कर वापसी योजना आरओडीटीईपी का लाभ देने का निर्णय किया है।

सरकार ने निर्यातकों को कर और शुल्क की वापसी को लेकर मार्च में निर्यात उत्पादों पर शुल्कों और करों से छूट (आरओडीटीईपी) योजना को मजूरी दी थी। इस पहल का मकसद धीमे पड़ते देश के निर्यात को गति देना था।

वित्त मंत्रालय ने एक बयान में कहा, ‘‘निर्यात को बढ़ावा देने के लिये बड़ा कदम उठाते हुए सरकार ने आरओडीटीईपी योजना का लाभ सभी निर्यात वस्तुओं को एक जनवरी, 2021 से देने का फैसला किया है।’’

बयान के अनुसार योजना से निर्यातकों को केंद्रीय, राज्य और स्थानीय करों की वापसी हो सकेगी। जबकि अबतक निर्यातकों को इससे छूट या इसकी वापसी नहीं हो रही थी, इससे भारत के निर्यात को नुकसान हो रहा था।

इसमें कहा गया है, ‘‘कर या शुल्क वापसी को निर्यातकों के लेजर खाते में डाला जएगा और उसका उपयोग आयातित वस्तुओं पर मूल सीमा शुल्क के भुगतान में किया जाएगा। इसे अन्य आयातकों को भी हस्तांतरित किया जा सकता है।’’

बयान के अनुसार आरओडीटीईपी दरों की अधिसूचना जल्दी ही वाणिज्य विभाग जारी करेगा। यह पूर्व वाणिज्य और गृह सचिव जी के पिल्लै की अध्यक्षता वाली समिति की सिफारिशों पर आधारित होगा।

समिति की अंतिम रिपोर्ट जल्दी ही आने की उम्मीद है।

इस बारे में भारतीय निर्यात संगठनों के शीर्ष निकाय फियो के अध्यक्ष शरद कुमार सर्राफ ने कहा कि आरओडीटीईपी दरों की अधिसूचना महत्वपूर्ण है क्योंकि यह निर्यातकों को अपने उत्पादों के दाम के बारे में निर्णय करने में मदद करेगा।

उन्होंने कहा कि भारत से वस्तु निर्यात योजना (एमईआईएस) के तहत प्रोत्साहन उन वस्तुओं को दिया जाना चाहिए जिसके लिये दरों को समय-समय पर अधिसूचित करना होता है।

देश का निर्यात चालू वित्त वर्ष में अप्रैल-नवंबर के दौरान 17.76 प्रतिशत घटकर 173.66 अरब डॉलर रहा।

भाषा

रमण अजय

अजय

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