सरकार एयरलाइन परिचालकों के साथ समुद्री विमान सेवा शुरू करने पर कर रही है विचार

नयी दिल्ली, चार जनवरी (भाषा) सरकार एयरलाइन परिचालकों के साथ मिलकर दिल्ली-अयोध्या समेत विभिन्न मार्गों पर समुद्री विमान सेवा (सीप्लेन) शुरू करने की तैयारी में है। बंदरगाह, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय ने सोमवार को यह कहा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 31 अक्टूबर, 2020 को गुजरात में केवड़िया से अहमदाबाद में साबरमती रिवरफ्रंट के बीच समुद्री विमान सेवा की शुरुआत के बाद यह बयान आया है।

मंत्रालय ने कहा कि समुद्री विमान सेवा से देश भर में यात्रा तीव्र और आसान होगी और यह सेवा पासा पलटने वाली साबित होगी।

आधिकारिक बयान के अनुसार, ‘‘बंदरगाह, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय संभावित एयरलाइन परिचालकों के जरिये विशेष उद्देश्यीय इकाई (एसपीवी) रूपरेखा के तहत चुनिंदा मार्गों पर समुद्री विमान सेवा शुरू करने की प्रक्रिया में है।’’

परियोजना का क्रियान्वयन सागरमाला विकास कंपनी लि. (एसडीसीएल) के जरिये किया जाएगा जो मंत्रालय के अधीन है।

बयान के अनुसार, जिन मार्गों पर समुद्री विमान सेवा शुरू करने की योजना बनायी गयी है, उसमें अंडमान निकोबार और लक्षद्वीप के विभिन्न द्वीपों, असम में गुवाहाटी रिवरफ्रंट और उमरानसो जलाशय, दिल्ली में यमुना रिवर फ्रंट (केंद्र) से अयोध्या, टिहरी, श्रीनगर (उत्तराखंड), चंडीगढ़ और कई अन्य पर्यटक स्थल शामिल हैं।

इसमें कहा गया है कि इस प्रकार की और जगहों के लिये सेवाओं को लेकर एसडीसीएल इसमें रुचि रखने वाले अनुसूचित/गैर-अनुसूचित एयरलाइन परिचालकों के साथ काम करने को लेकर गंभीर है।

बंदरगाह, पोत और जलमार्ग मंत्री मनसुख मांडविया ने कहा कि समुद्री विमान सेवा की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के देश भर में संपर्क व्यवस्था में सुधार और भारत को पर्यटकों के लिये एक आकर्षक गंतव्य नाने के दृष्टिकोण के अनुरूप है।

उन्होंने कहा कि जलमार्ग के आसपास के दूरदराज, धार्मिक/पर्यटक स्थलों तक बेहतर संपर्क व्यवस्था से यात्रा सुगम होगी।

बयान के अनुसार इससे रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और इन स्थानों पर पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा जिससे अंतत: दीर्घकाल में क्षेत्र का सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में योगदान बढ़ेगा।

भाषा रमण अजय

अजय

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