IPS DM Awasthi : रिटायर DGP अवस्थी को सरकर ने दी संविदा नियुक्ति, आदेश जारी

IPS DM Awasthi : रिटायर DGP अवस्थी को सरकर ने दी संविदा नियुक्ति, आदेश जारीGovernment has given contract appointment to retired DGP DM Awasthi vkj

IPS DM Awasthi : रिटायर DGP अवस्थी को सरकर ने दी संविदा नियुक्ति, आदेश जारी

IPS DM Awasthi : राज्य सरकार ने रिटायर डीजी डीएम अवस्थी को संविदा नियुक्ति दे दी है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अवस्थी के रिटायरमेंट की शाम 31 मार्च को उनकी संविदा नियुक्ति पर मुहर लगा दी थी। देर रात उनका आदेश भी जारी हो गया।

अवस्थी की अभी सिर्फ संविदा नियुक्ति का आदेश जारी हुआ है। उन्हें ओएसडी बनाया गया है। उन्हें ओएसडी के रूप में दायित्व क्या मिलेगा, इसका आदेश अलग से निकलेगा। वैसे अवस्थी को ईओडब्ल्यू, एसीबी में ही पोस्टिंग की जाएगी, ऐसी खबर है। सामान्य प्रशासन विभाग इसका आदेश निकलेगा। 86 बैच के आईपीएस अवस्थी तीन साल डीजीपी रहे।

23 साल की उम्र में बने थे आईपीएस

उत्तरप्रदेश के कानपुर के रहने वाले डीएम अवस्थी तीन साल गुजरात में इंजीनिरियंग सर्विस में रहे। 23 साल की उम्र में 1986 में उनका आईपीएस में चयन हुआ। पुलिस एकेडमी हैदराबाद से ट्रेनिंग कंप्लीट होने के बाद सतना से उनका प्रोबेशन प्रारंभ हुआ। एसपी में उनका पहला जिला छिंदवाड़ा रहा। फिर रायगढ़। रायगढ से वे एआईजी इंटेलिजेंस बनकर भोपाल गए। इस पद पर वे तीन साल रहे। इंटेलिजेंस के बाद उन्हें एसपी उज्जैन बनाया गया।

रायपुर एसपी रहे अवस्थी

छत्तीसगढ़ बनने से पहले सिर्फ एक पोस्टिंग उन्होंने रायगढ़ एसपी के तौर पर की थी। मगर राज्य के बंटवारे के बाद उन्हें छत्तीसगढ़ कैडर मिला तो फिर छत्तीसगढ़ के होकर रह गए। छत्तीसगढ़ में वे रायपुर के एसएसपी, रायपुर आईजी के पद पर रहे। वे चार साल तक इंटेलिजेंस चीफ रहे। रमन सरकार की तीसरी पारी में इंटेलिजेंस से हटने के बाद उन्होंने छत्तीसगढ़ पुलिस हाउसिंग कारपोरेशन का दायित्व संभाला।

2018 में बने डीजीपी

दिसंबर 2018 में जब कांग्रेस की भूपेश बघेल सरकार ने एएन उपध्याय को हटाकर डीएम अवस्थी को डीजीपी बनाया था। इस पद पर वे करीब तीन साल रहे। फिर उन्हें पुलिस प्रशिक्षण का डायरेक्टर बनाया गया। तीन महीने पहले उन्हें ईओडब्लू और एसीबी का डायरेक्टर बनाया गया था।

7 साल तक किया खुफिया विभाग में काम

सात साल इंटेलिजेंस में रहे डीएम अवस्थी देश के गिने-चुने आईपीएस अधिकारियों में शामिल होंगे, जो दो राज्यों में सात साल तक खुफिया विभाग में रहे। उनकी गिनती एक दमदार और दबंगई के साथ अपनी बात रखने वाले अधिकारी के रूप में होती है।

यह भी पढ़ें
Here are a few more articles:
Read the Next Article