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नई दिल्ली। प्रदेश सहित पूरे देश में मंहगाई के कारण आमजनों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पेट्रोल-डीजल की कीमतें आसमान छू रही हैं। पिछले एक महीने में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में कई बार इजाफा किया गया है। अब केंद्र सरकार ने लोकसभा में एक सवाल के जवाब में प्रति लीटर पेट्रोल-डीजल पर लगने वाले टेक्स का खुलासा किया है। इस खुलासे में सरकार पेट्रोल पर प्रति लीटर 33 डीजल पर 32 रुपए प्रति लीटर की कमाई हो रही है।
लोकसभा में एक सवाल के जवाब में राज्य वित्त मंत्री अनुराग ठाकुर ने इसकी जानकारी दी है। जबकि मार्च 2020 से 5 मई 2020 के बीच उसकी ये आय क्रमशः 23 रुपये और 19 रुपये प्रति लीटर थी। ठाकुर ने लोकसभा में बताया कि एक जनवरी से 13 मार्च 2020 के बीच सरकार की पेट्रोल और डीजल से प्रति लीटर क्रमश: 20 रुपये और 16 रुपये की आमदनी हो रही थी।
पहले कम मिलता था टेक्स
इस तरह अगर 31 दिसंबर 2020 से तुलना की जाए तो सरकार की पेट्रोल से कमाई 13 रुपये और डीजल से 16 रुपये प्रति लीटर बढ़ी है। वहीं, इस जानकारी के बाद लोकसभा में वाईएसआर कांग्रेस पार्टी, कांग्रेस, जदयू सहित अन्य दलों के सदस्यों ने प्रश्नकाल के दौरान सरकार से पेट्रोल-डीजल की कीमतों को कम करने के उपाय पूछे।
वहीं सरकार से यह भी सवाल किया कि क्या यह जीएसटी के अंदर आएगा। बढ़ी हुई पेट्रोल की कीमतों को लेकर वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि पेट्रोल, डीजल जैसे पेट्रोलियम उत्पादों पर कुछ कर राज्य लगाते हैं और कुछ केंद्र लगाते हैं। ऐसे में राज्य सरकार भी इन पर कर कम करें और हम (केंद्र सरकार) भी ऐसा करें, दोनों इस बारे में विचार करें। वहीं पेट्रोल को जीएसटी के दायरे में लाने पर ठाकुर ने कहा कि जीएसटी परिषद में राज्य और केंद्र मिलकर तय कर सकते हैं कि इसे कब इसके दायरे में लाना है।