सस्ती हो सकती है दालें, कीमतें कम करने के लिए सरकार उठाएं अहम कदम

नई दिल्ली: कोरोना काल के बाद से ही हर चीजों के दाम बढ़ गए हैं और महंगाई तो कम होती नजर नहीं आ रही है। वहीं अगर दालों की बात करें तो दाल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। सरकार ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए बड़ा कदम उठाया है। जिसके तहत अब दालों के दामों में कमी आ सकती है।

दरअसल, सरकार ने दाल का इंपोर्ट बढ़ाने का फैसला किया है। कारोबारियों को 15 नवंबर तक 4 लाख टन अरहर का इंपोर्ट करना होगा। वहीं डीजीएफटी (DGFT) के तहत आने वाले रीजनल अथॉरिटी को अर्जेंट बेसिस पर एप्लीकेंट्स को लाइसेंस जारी करने के लिए जरूरी कदम उठाने को कहा गया है।

चार लाख टन अरहर होगी इंपोर्ट

डायरेक्टरेट जनरल ऑफ फॉरेन ट्रेड यानी डीजीएफटी ने वित्त वर्ष 2020-21 ( Financial year 2020-21) के लिए उड़द और अरहर (तुअर) का इम्पोर्ट कोटा लिस्ट जारी किया है। सरकार की तरफ से चार लाख टन अरहर इंपोर्ट करने की मंजूरी दी गई है। इसके अलावा करीब 1.5 लाख टन उड़द इंपोर्ट करने की भी इजाजत मिली है।

दालों की कीमतें कम करने के लिए सरकार उठाएं अहम कदम

बाजार में दाल के बढ़ते दामों को कंट्रोल करने के लिए केंद्र सरकार राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को धुली उड़द (खरीफ 2018 का स्टॉक) वाली 79 रुपये और (खरीफ 2019 का स्टॉक) वाली 81 रुपये प्रति किलो के दर से उपलब्ध करा रही है। तुअर दाल खुदरा रेट के लिए 85 रुपये प्रति किलो की दर से दी जा रही है।

दालों की खुदरा कीमतों को कम करने के लिए डीओसीए ( DOCA ) ने पहले ही राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को MSP+10 फीसदी की कीमत पर सरकार द्वारा रखे गए बफर स्टॉक में से थोक या खुदरा पैक की सप्लाई के लिए सिस्टम बनाया है।

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