Google Doodle: बास्केटबॉल के जनक की याद में गूगल ने बनाया खास डूडल

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नई दिल्ली। गूगल पर हमेशा आपने डूडल को देखा होगा। ये डूडल किसी खास मकसद से बनाए जाते हैं। गूगल इसके जरिए हमेशा किसी ना किसी व्यक्ति विशेष या त्योहारों को सेलिब्रेट करता है। 15 जनवरी यानि की आज के दिन गूगल ने अपने डूडल के जरिए जेम्स नाइस्मिथ (James Naismith) को याद कर रहा है।

बास्केटबॉल गेम की शुरूआत की थी
नाइस्मिथ ने आज ही के दिन 1891 में बास्केटबॉल (Basketball) गेम की शूरूआत की थी। जिसे आज दुनिया के सबसे पॉपुलर खेलों में माना जाता है। उनके इस खास आविष्कार और खेल के लिए उनके इस योगदान को लेकर गूगल ने अपने एनिमेटेड डूडल से उन्हें सम्मानित किया है।

कौन हैं जेम्स नाइस्मिथ?
नाइस्थिम का जन्म 6 नवंबर 1861 को कनाडा के ओंटारियो में हुआ था। उन्होंने अपनी पढ़ाई फिजिकल एजुकेशन में पूरी की थी। इसके बाद इसी क्षेत्र में उनहोंने टीचर के रूप में अपने करिअर की शुरूआत की। जब वो फिजिकल टीचर बने तो उन्हें 1890 में YMCA इंटरनेशनल ट्रेनिंग कॉलेज ने शरारती छात्रों को कैंपस में रखने के लिए एक इंडोर गेम विकसीत करने का काम सौंपा। दरअसल, कॉलेज प्रशासन का मानना था कि इससे बच्चे इंग्लैंड की कड़कड़ाती ठंड में बाहर नहीं जाएंगे। नाइस्थिम ने उस दौरान दो टोकरी को लेकर उसे एक उंचाई पर बांध दिया और एक फुटबॉल के साथ 10 नियमों के सहारे बास्केटबॉल की शुरूआत हो गई।

14 दिनों में तैयार की गई थी गेम की पूरी रूपरेखा
उन्होंने इस गेम के लिए वास्तविक रूप से 13 नियमों को लिखा और 14 दिन के अंदर इस गेम की पूरी रूपरेखा तैयार की। उन्हें दुनिया का पहला बासक्टबॉल कोच भी माना जाता है। इस खेल के अविष्कार के लगभग एक दशक बाद 1904 ओलंपिक (olympics) में बास्केटबॉल को डेमो खेल के रूप में शामिल किया गया। हालांकि इसे आधिकारिक रूप से 1936 के बर्लिन ओलंपिक (Berlin Olympics) में खेल के प्रकारों में शामिल किया गया।

दुनिया भर के 200 देशों में खेला जाता है बास्केटबॉल
आधिकारिक रूप से इस गेम को ओलंपिक में शामिल होने के 3 साल बाद ही नाइस्मिथ की 78 साल की उम्र में ब्रेन हेमरेज से निधन हो गया। उनका दिया हुआ ये खेल आज पुरी दुनिया में फेमस है और इसे दुनिया भर के लगभग 200 देशों में खेला जाता है।

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