MP के लिए खुशखबरी, कोरोना के खिलाफ प्रदेश के लोग सबसे मजबूत

MP के लिए खुशखबरी, कोरोना के खिलाफ प्रदेश के लोग सबसे मजबूत Good news for Madhya Pradesh, people of the state are strongest against Corona NKP

MP के लिए खुशखबरी, कोरोना के खिलाफ प्रदेश के लोग सबसे मजबूत

भोपाल। कोरोना वायरस की तीसरी लहर की आशंकाओं के बीच मध्य प्रदेश के लिए एक अच्छी खबर सामने आई है। इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) द्वारा पिछले महीने कराए गए सीरो सर्वे की रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि मध्य प्रदेश की 79 फीसदी आबादी मे कोरोना वायरस के खिलाफ एंटीबॉडी है। बतादें कि ICMR ने इस सर्वे को देश भर में कराया था। जिसमें मप्र पहले नंबर पर है उसके बाद 76.2 फीसदी के साथ राजस्थान दूसरे नंबर पर है। वहीं, इस मामले में केरल सबसे पीछे है। यहां केवल 44 फीसद लोगों में ही एंटीबॉडी मिली है।

कई राज्यों में 70 फीसदी से अधिक लोगों में एंटीबॉडी

मध्य प्रदेश, राजस्थान, बिहार और गुजरात समेत कई राज्यों के लोगों में 70 फीसद से अधिक कोविड एंटीबॉडी पाइ गई है। मप्र और राजस्थान के बाद बिहार के 75.9 प्रतिशत लोगों में एंटीबॉडी पाइ गई। जबकि गुरजात में 75.3 प्रतिशत लोगों में, छत्तीसगढ़ में 74.6 प्रतिशत, उत्तराखंड में 73.1 प्रतिशत, उत्तर प्रदेश में 71 प्रतिशत और आंध्र प्रदेश में 70.2 प्रतिशत लोगों में एंटीबॉडी पाई गई है।

सबसे कम केरल के लोगों में एंटीबॉडी

इसी तरह कर्नाटक के 69.8 फीसदी लोगों में एंटीबॉडी मिली है। इसके बाद तमिलनाडु में 69.2 फीसद, ओडिशा में 68.1 फीसद, पंजाब में 66.5 फीसद, तेलंगाना में 63.1 फीसद, जम्मू-कश्मीर में 63 फीसद, हिमाचल प्रदेश में 62 फीसद, झारखंड 61.2 फीसद, पश्चिम बंगाल में 60.9 फीसद, हरियाणा में 60.1 फीसद, महाराष्ट्र 58 फीसद, असम में 50.3 फीसद और केरल में सबसे कम 44.4 फीसद लोगों में एंटीबॉडी मिली है।

MP में इतने लोगों के रैडम सैंपल लिए गए थे

रिपोर्ट के अनुसार जून-जुलाई में मध्य प्रदेश के विभिन्न शहरों से कुल 1229 रैंडम सैंपल लिए गए थे। जब इन नमूनों का परीक्षण किया गया तो 971 नमूनों में एंटीबॉडी पाइ गई। यानी प्रदेश के 79 प्रतिशत लोगों में कोविड एंटीबॉडी की मौजूदगी के संकेत मिले हैं।

प्रदेश में वैक्सीन लगवाने वालों की संख्या

देश में सबसे अधिक एंटीबॉडी के साथ प्रदेश में अब तक वैक्सीन लगवाने वालों की संख्या भी 3,00,98,663 हो गई है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इसे लेकर कहा कि, ये प्रदेशवासियों की जागरूकता और कोरोना को हराने के प्रति इच्छा-शक्ति का परिणाम है।

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