Gold Rate After Diwali: दिवाली के बाद गोल्ड के दाम में गिरावट, चेक करें देशभर के बड़े शहरों में लेटेस्ट रेट

Gold Rate After Diwali: दिवाली और धनतेरस से पहले जहां गोल्ड के दामों में जबरदस्त तेजी देखने को मिली थी, वहीं अब त्योहारों के बाद इसकी चमक कुछ फीकी पड़ गई है।

Gold Rate After Diwali: दिवाली के बाद गोल्ड के दाम में गिरावट, चेक करें देशभर के बड़े शहरों में लेटेस्ट रेट

Gold-Silver Price Today: दिवाली और धनतेरस से पहले जहां गोल्ड के दामों में जबरदस्त तेजी देखने को मिली थी, वहीं अब त्योहारों के बाद इसकी चमक कुछ फीकी पड़ गई है। लगातार दूसरे दिन सोने की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई है। दिवाली के अगले दिन भी गोल्ड सस्ता हुआ है। आइए जानते हैं देश के प्रमुख शहरों में आज का गोल्ड और सिल्वर रेट।

गोल्ड रेट में गिरावट जारी

पिछले दो दिनों में 24 कैरेट सोने की कीमत में ₹180 प्रति 10 ग्राम की कमी आई है। वहीं दिवाली से पहले यानी धनतेरस (18 अक्टूबर) को भी 24 कैरेट गोल्ड ₹1910 प्रति 10 ग्राम सस्ता हुआ था। आज फिर से सोना ₹10 प्रति 10 ग्राम नीचे आया है।
22 कैरेट सोना भी आज ₹10 प्रति 10 ग्राम सस्ता हुआ है।

चांदी का ताज़ा भाव

दो दिनों की स्थिरता के बाद दिल्ली में आज चांदी ₹100 प्रति किलोग्राम सस्ती होकर ₹1,71,900 पर पहुंच गई है।

देश के 10 बड़े शहरों में गोल्ड रेट (प्रति 10 ग्राम)

देश के 10 बड़े शहरों में गोल्ड रेट 

शहर22 कैरेट (₹)24 कैरेट (₹)
दिल्ली1,19,9401,30,830
मुंबई1,19,7901,30,680
कोलकाता1,19,7901,30,680
चेन्नई1,19,1901,30,030
हैदराबाद1,19,7901,30,680
बेंगलुरु1,19,7901,30,680
लखनऊ1,19,9401,30,830
पटना1,19,8401,30,730
जयपुर1,19,9401,30,830
अहमदाबाद1,19,7601,30,840

क्यों गिर रहे हैं सोने के दाम?

ऑल इंडिया जेम एंड ज्वेलरी डोमेस्टिक काउंसिल (GJC) के फाउंडर मेंबर और पूर्व चेयरमैन **अनंत पद्मनाभन** के अनुसार, फिलहाल बाजार में मुनाफावसूली (profit booking) की वजह से कीमतें थोड़ी नरम हैं। हालांकि उन्होंने बताया कि आने वाले महीनों में सोना ₹1.50 लाख प्रति 10 ग्राम तक पहुंच सकता है।

इसकी बड़ी वजह है

* दुनिया भर के केंद्रीय बैंकों द्वारा गोल्ड की बढ़ती खरीद,
* चीन और जापान में बढ़ती मांग,
* और रूस-यूक्रेन युद्ध व अमेरिका-चीन तनाव।

लेकिन अगर शॉर्ट टर्म करेक्शन हुआ, तो कीमतें अस्थायी रूप से ₹1.15 लाख प्रति 10 ग्राम तक गिर सकती हैं।

ये भी पढ़ें : Govardhan Puja 2025: कब और कैसे शुरू हुई भगवान श्रीकृष्ण को 56 भोग लगाने की परंपरा? पढ़ें कथा

यह भी पढ़ें
Here are a few more articles:
Read the Next Article