Gloomy Sunday: दुनिया का सबसे मनहूस गाना, सुनते ही लोग कर लेते थे सुसाइड

gloomy sunday

नई दिल्ली। जानकार कहते हैं कि अगर आपका मुड खराब है तो आप संगीत सुने। कई रिसर्च स्टडीज में भी कहा गया है कि संगीत सुनकर तनाव को कम किया जा सकता है। संगीत मन को सुकून देता है। लेकिन आज हम आपको स्टोरी ऑफ द डे में एक ऐसे गाने के बारे में बताएंगे, जिसे सुनकर ना जाने कितने लोगों ने अपनी जान दे दी। सुनने में थोड़ा अजीब जरूर लग रहा है, लेकिन यह सच है। इतिहास में एक गाना ऐसा भी था जिसे सुनने भर से लोग आत्महत्या कर लेते थे।

दो कैटेगरी के होते हैं गीत

अमूमन संगीत दो कैटेगरी के होते हैं। एक जिसे सुनकर आंखें भर आएं, दूसरा जिसपर कदम थिरकने लगें। लेकिन एक गाना ऐसा भी था, जिसको लंबे समय तक लोग सुनने से डरते थे। 1930 के दशक में आए इस गाने का नाम ‘ग्लूमी संडे’ (Gloomy Sunday) था। मान्यता है कि इस गाने को सुनने वाला अपनी जान ले लेता है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार इसके ब्रॉडकास्ट पर भी बैन लगा दिया गया था। लोग इस गाने को ‘हंगेरियन सुसाइड सॉन्ग’ के नाम से भी जानते हैं। आइए जानते हैं कि आखिर इस गाने में ऐसा क्या था जो इसे इतना खतरनाक माना जाता है।

गाना क्यों लिखा गया था?

साल 1933, हंगरी में सेरेस नाम का एक 34 वर्षीय गीतकार एक गीत लिखने की कोशिश कर रहा था। क्योंकि उसकी प्रेमिका ने उसे छोड़ दिया था। कुछ लोगों का मानना है कि सेरेस ने ग्लूमी संडे अपनी प्रेमिका के याद में लिखा था तो कुछ का मानना है कि ये गीत युद्ध की विभीषिका को ध्यान में रखकर लिखा गया था।

कई प्रोड्यूसर्स ने रिकॉर्ड करने से मना कर दिया था

उस समय ज्यादातर प्रोड्यूसर्स को ये गीत इतना डिप्रेसिंग लगा कि उन्होंने इसे रिकॉर्ड करने से मना कर दिया। हालांकि, 2 साल बाद गाने को रिकॉर्ड किया गया और फिर इसे प्रसारित किया गया। माना जाता है कि इस गीत के ब्रॉडकास्ट होने के बाद एक के बाद एक लोग आत्महत्या करने लगे।

इसे अंग्रेजी में भी ट्रांसलेट किया गया

1936 में छपी टाइम मैग्जीन की रिपोर्ट ने हंगरी में कुल 17 आत्महत्याओं के लिए ग्लूमी संडे को जिम्मेदार ठहराया। किसी ने इसको सुनते-सुनते कई सारी नींद की गोलियां खा ली। तो किसी ने अपने सुसाइड नोट में इस गाने के लिरिक्स कोट किए थे। गीत की चर्चा इतनी बढ़ी कि इसे अंग्रेज़ी में ट्रांसलेट किया गया। सैम लुइस के कंपोज किए गए इस वर्जन को मशहूर जैज सिंगर बिली हॉलीडे ने गया।

इस गीत के कंपोजर ने भी खुदखुशी कर ली थी

17 जुलाई 1959 को 44 साल की बिली की भी मौत अस्पताल में हो गई। कहा जाता है कि बिली ने जहर खा लिया था। वहीं 1968 में इस गीत के कंपोजर ने भी खुदखुशी कर ली थी। वो बुडापेस्ट के एक अपार्टमेंट की खिड़की से कूद गए थे।

हंगरी में सुसाइट रेट काफी ज्यादा है

बता दें कि हंगरी वैसे भी उन देशों में शामिल है जहां सुसाइड रेट काफी ज्यादा है। वहीं 1930 के दशक की गिनती उस दौर में की जाती है जब दुनिया ग्रेट डिप्रेशन का शिकार थी। जाहिर सी बात है कि जब इस गाने को ब्रॉडकास्ट किया गया होगा, तो अवसाद में ग्रस्त लोग इस गीत से खुद को जोड़ते होंगे। ठीक वैसे ही जैसे प्रेम संबंध टूटने पर लोग अक्सर गजल और दर्द भरे गीत सुनने लगते हैं। जिन 17 लोगों की बात टाइम में छपी थी, उनसे इस गीत के संबंध तो थे, मगर ये कभी साफ नहीं हुआ कि इसी गीत के चलते उन सब ने खुदखुशी की।

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