Ghaziabad Railway Station: अत्याधुनिक एयरपोर्ट से कम नहीं होगा नया रेलवे स्टेशन ! फूड कोर्ट से लेकर फुल WIFI जैसी मिलेगी सुविधाएं

Ghaziabad Railway Station: अत्याधुनिक एयरपोर्ट से कम नहीं होगा नया रेलवे स्टेशन ! फूड कोर्ट से लेकर फुल WIFI जैसी मिलेगी सुविधाएं

Ghaziabad Railway Station: मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल के रानी कमलापति स्टेशन की चमक के चर्चे तो आम है जहां एयरपोर्ट जैसी चमक और अत्याधुनिक सुविधाएं लुभाती है। अब उत्तरप्रदेश के गाजियाबाद रेलवे स्टेशन को इस तरह ही मॉर्डन लुक में तैयार किया जा रहा है जिसे देख लोग खुद ही कहेगें स्टेशन हो तो ऐसा। हाल ही में रेल मंत्रालय ने नए रेलवे स्टेशन के मॉडल की तस्वीर जारी की हैं. इन तस्वीरों में गाजियाबाद का पुराना रेलवे स्टेशन एकदम एयरपोर्ट की तरह चमचमाता दिखाई दे रहा है।

350 करोड़ की लागत से तैयार 

आपको बताते चलें कि, रेल मंत्रालय ने कहा, स्टेशन पूरी तरह से बन जाने के बाद यहां रूफ प्लाजा, फूड कोर्ट, वेटिंग रूम, बच्चों के खेलने के लिए अलग स्थान और स्थानीय सामानों के लिए स्टॉल समेत कई सुविधाएं होंगी। इस खूबसूरत तस्वीरों को देखकर कयास लगा सकते है कि, स्टेशन काफी खूबसूरत और कई आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा। यात्रियों की सुविधा को देखते हुए स्टेशन के रिडेवलपमेंट पर काम किया जा रहा है. 350 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली इस स्टेशन की पुरानी बिल्डिंग में अब कई बदलाव किए जा रहे है। यहां पर खास बात यह रहेगी कि, यात्रियों के लिए वेटिंग हॉल से लेकर टिकट काउंटर और अधिकारियों के कार्यालय अलग-अलग मंजिल पर होंगे। महिला और पुरुष के लिए अलग-अलग डॉरमेट्री रूम होंगे. नवजात बच्चों के लिए भी अलग कमरों की व्यवस्था होगी. स्टेशन से एग्जिट के लिए एक फुट ओवरब्रिज बनेगा, जो पहले से बने धोबीघाट आरओबी से कनेक्ट होगा.  इसके अलावा एस्केलेटर और लिफ्ट की व्यवस्था होगी. पूरे रेलवे स्टेशन पर वाई-फाई होगा. दिव्यांगों और बुजुर्गों के लिए व्हील चेयर की व्यवस्था होगी. ब्रांडेड कंपनियों का फूड कोर्ट होगा।

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रोजाना 400 ट्रेनें गुजरती है

यहां पर आपको बताते चलें कि, गाजियाबाद का स्टेशन काफी बड़ा है यहां पर स्टेशन पर आने वाले यात्री सीधे प्लेटफार्म पर जाने की बजाय इस लाउंज में पहुंचेंगे. यहां खानपान के लिए स्टॉल का भी इंतजाम किया जाएगा. यात्रियों की ट्रेन के आने की उद्घोषणा के बाद ही वह प्लेटफार्म पर जाएंगे. इससे प्लेटफार्म पर हर वक्त रहने वाली भीड़ नहीं रहेगी. तीसरी मंजिल पर अधिकारियों के कार्यालय बनाए जाएंगे. एक से लेकर चार नंबर प्लेटफार्म बिल्डिंग के अंदर रहेंगे, जबकि प्लेटफार्म नंबर 5 और 6 इससे बाहर रहेंगे, इसमें टीनशेड डाला जाएगा। आपको बता दें कि, रोजाना करीब 400 से ज्यादा ट्रेनें गुजरती हैं. इसमें करीब 200 ट्रेनों के स्टॉपेज होते है।

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