Kejriwal Cabinet: केजरीवाल कैबिनेट का फिलहाल विस्तार नहीं, सिसोदिया के इस्तीफे के बाद गहलोत और आनंद को मिली जिम्मेदारी

Kejriwal Cabinet: केजरीवाल कैबिनेट का फिलहाल विस्तार नहीं, सिसोदिया के इस्तीफे के बाद गहलोत और आनंद को मिली जिम्मेदारी Kejriwal Cabinet: No expansion of Kejriwal cabinet at present, Gehlot and Anand got responsibility after Sisodia's resignation

Kejriwal Cabinet: केजरीवाल कैबिनेट का फिलहाल विस्तार नहीं, सिसोदिया के इस्तीफे के बाद गहलोत और आनंद को मिली जिम्मेदारी

Kejriwal Cabinet: दिल्ली सरकार के सामने चुनौतियां बढ़ती दिखाई दे रही है। जहां पहले ही मनी लॉन्ड्रिंग केस में 9 महीने से सत्येंद्र जैन जेल में बंद है वहीं अब आबकारी केस में मनीष सिसोदिया की गिरफ्तारी से हड़कंप मचा हुआ है। सिसोदिया को 4 मार्च तक सीबीआई की रिमांड पर भेजा गया है। मंगलवार को मनीष सिसोदिया और सत्येंद्र जैन ने दिल्ली कैबिनेट से इस्तीफा भी दे दिया। सीएम अरविंद केजरीवाल ने दोनों का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है। सूत्रों की मानें तो मनीष सिसोदिया के विभाग को कैलाश गहलोत और राजकुमार आनंद संभालेंगे। फिलहाल दिल्ली में अभी कोई नया मंत्री नहीं बनेगा।

दिल्ली कैबिनेट से आम आदमी पार्टी के नेता मनीष सिसोदिया के इस्तीफे के बाद, उनके वित्त, योजना, लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी), बिजली, गृह, शहरी विकास, सिंचाई और बाढ़ नियंत्रण और जल के विभागों को कैलाश गहलोत को सौंप दिया गया है। जबकि बाकी विभाग राज कुमार आनंद संभालेंगे। सिसोदिया 18 विभागों- शिक्षा, वित्त, योजना, भूमि और भवन, सतर्कता, सेवा, पर्यटन, कला, संस्कृति और भाषा, श्रम, रोजगार, लोक निर्माण विभाग, स्वास्थ्य, उद्योग, बिजली, गृह का प्रभार संभाल रहे थे। इसके अलावा शहरी विकास, सिंचाई, बाढ़ नियंत्रण और जल का काम देख रहे थे।

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बता दें कि गहलोत कानून, न्याय और विधायी मामले, परिवहन, प्रशासनिक सुधार, सूचना और प्रौद्योगिकी, राजस्व, महिला और बाल विकास मंत्री हैं और इसके अलावा वह अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति, समाज कल्याण और सहकारिता विभाग भी संभाल रहे थे।

बता दें कि सिसोदिया को 2021-22 के लिए रद्द की गई शराब नीति के निर्माण और लागू करने में भ्रष्टाचार के मामले में रविवार शाम को सीबीआई ने गिरफ्तार किया था। दिल्ली की एक विशेष अदालत ने सोमवार को आबकारी नीति मामले में सिसोदिया को पांच दिन की सीबीआई रिमांड पर भेज दिया। ताकि एजेंसी को उनसे "उचित और निष्पक्ष जांच" के लिए पूछे जा रहे सवालों के "वास्तविक और वैध" जवाब मिल सकें।

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