Gangster Dawood Ibrahim: डॉन को पकड़ना अब हो गया मुमकिन ! NIA ने 25 लाख का इनाम किया घोषित

डरवर्ल्ड गैंगस्टर दाऊद इब्राहिम को पकड़ने के लिए एनआईए की कार्रवाई तेज हो गई है जहां पर अंडरवर्ल्ड गैंगस्टर दाऊद इब्राहिम के लिए एनआईए ने 25 लाख के इनाम की घोषणा की

Gangster Dawood Ibrahim: डॉन को पकड़ना अब हो गया मुमकिन ! NIA ने 25 लाख का इनाम किया घोषित

Gangster Dawood Ibrahim: इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है जहां पर अंडरवर्ल्ड गैंगस्टर दाऊद इब्राहिम को पकड़ने के लिए एनआईए की कार्रवाई तेज हो गई है जहां पर अंडरवर्ल्ड गैंगस्टर दाऊद इब्राहिम के लिए एनआईए ने 25 लाख के इनाम की घोषणा की है तो वहीं पर उनकी डी कंपनी से जुड़े लोगों पर 20 लाख रूपए की घोषणा की गई है।

आतंकवादी हमले की करता है प्लानिंग

आपको बताते चलें कि, अंडरवर्ल्ड गैंगस्टर दाऊद इब्राहिम का काला चिट्ठा फिर खुल गया है जहां पर डी कंपनी के कई ठिकानों और कामों का पता चला है। बताया जा रहा है कि, डी कंपनी ने हथियारों की तस्करी, विस्फोटकों, ड्रग्स और नकली भारतीय मुद्रा की तस्करी के लिए भारत में एक डी कंपनी का संगठन बनाया है जो पाकिस्तानी एजेंसियों और आतंकी संगठनों के साथ मिलकर आतंकवादी हमले की योजना बनाने का काम करते है।

1993 के मामले का मुख्य आरोपी

एक अधिकारी ने बृहस्पतिवार को बताया कि जांच एजेंसी ने अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम के करीबी सहयोगी शकील शेख उर्फ छोटा शकील पर 20 लाख रुपये तथा उसके साथियों हाजी अनीस उर्फ अनीस इब्राहिम शेख, जावेद पटेल उर्फ जावेद चिकना तथा इब्राहिम मुश्ताक अब्दुल रज्जाक मेमन उर्फ टाइगर मेमन पर 15-15 लाख रुपये के नकद इनाम की घोषणा भी की है। ये सभी 1993 में मुंबई में हुए सिलसिलेवार बम धमाकों के मामले में वांछित आरोपी हैं। अधिकारी ने बताया कि एनआईए ने इनकी गिरफ्तारी में मददगार साबित होने वाली सूचना मांगी है।

एनआईए का बड़ा बयान

एजेंसी ने फरवरी में ‘डी’ कंपनी के खिलाफ एक मामला दर्ज किया था। एनआईए ने एक बयान में कहा कि दाऊद इब्राहिम कास्कर को संयुक्त राष्ट्र ने वैश्विक आतंकवादी घोषित किया हुआ है जो अपने करीबी साथियों अनीस इब्राहिम शेख, छोटा शकील, जावेद चिकना तथा टाइगर मेमन समेत अन्य लोगों के साथ अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी नेटवर्क ‘डी-कंपनी’ चलाता है। बयान के अनुसार, ये सभी लोग विभिन्न आतंकवादी-आपराधिक गतिविधियों जैसे कि हथियारों की तस्करी, मादक पदार्थ की तस्करी, अंडरवर्ल्ड आपराधिक गिरोह, धन शोधन, आतंकवाद के लिए निधि जुटाने के वास्ते अहम संपत्तियां अनधिकृत रूप से रखने तथा लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद और अल-कायदा समेत अंतरराष्ट्रीय आतंकी संगठनों के साथ काम करने में लिप्त हैं।

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