Gang of child thieves: दिल्ली में सीबीआई ने 7 शातिरों को दबोचा, जानें मासूमों की चोरी से लेकर सौदे तक की कहानी

Gang of child thieves: सीबीआई ने दिल्ली में 7 शातिरों को दबोचा है। उनके पास दो बच्चों को बरामद भी किया है। सीबीआई की कार्रवाई जारी है।

Gang of child thieves: दिल्ली में सीबीआई ने 7 शातिरों को दबोचा, जानें मासूमों की चोरी से लेकर सौदे तक की कहानी

   हाइलाइट्स

  • सीबीआई ने दिल्ली में बच्चा चोर गैंग को पकड़ा
  • हरियाणा और दिल्ली में सर्च ऑपरेशन चलाया
  • गैंग बच्चों की चोरी कर नि:संतान माता- पिता को बेचती थी

Gang of child thieves: दिल्ली में मासूमों की सौदेबाजी को लेकर सीबीआई (CBI) ने एक बड़े गिरोह (Gang of child thieves ) का पर्दाफाश किया है। गैंग के बदमाश पैसों के लिए नवजातों की खरीद-फरोख्त को अंजाम दे रहे थे। इस काम में अस्पतालों के कर्मचारी भी थे। इनकी करतूत के बारे में जानकर हर व्यक्ति हैरान है।

सीबीआई (CBI) ने शनिवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए बच्चों की खरीद-फरोखत में शामिल पांच महिलाओं समेत 7 लोगों को गिरफ्तार किया है।

ये गैंग चोरी किए गए बच्चों को सोशल मीडिया पर विज्ञापन के माध्यम से निःसंतान माता-पिता को बेचते थे। पुलिस को उम्मीद है कि इनसे बड़ी जानकारी मिल सकती है। जिससे कार्रवाई में आगे बढ़ा जा सकेगा।

   सीबीआई रेड में मिले दो नवजात

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सीबीआई अफसर ने बताया कि हमें इनपुट मिले थे। उसी आधार पर हमारी टीम ने हरियाणा और दिल्ली के सात ठिकानों पर सर्च ऑपरेशन चलाया था।

इस ऑपरेशन में हमें एक डेढ़ दिन का बच्चा तो दूसरा 15 दिन का नवजात मिला है। यह गिरोह दोनों बच्चों को बेचने की फिराक में था।

   फिलहाल गैंग के ये लोग गिरफ्तार

गैंग (Gang of child thieves ) के जिन सात आरोपियों को सीबीआई (CBI) ने गिरफ्तार किया है। उनकी पहचान सोनीपत के नीरज, दिल्ली के पश्चिम विहार की इंदु, पटेल नगर का अस्लम, कन्हैया नगर की पूजा कश्यप, माल्वीय नगर की अंजली, कविता और रितू के तौर पर हुई है।

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   ऐसे बेचते थे बच्चा

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गिरोह (Gang of child thieves ) के पकड़े गए आरोपियों से शुरुआती पूछताछ में पता चला है कि ये लोग बच्चों को बेचने के लिए सोशल मीडिया का सहारा लिया करते थे।

आमतौर पर ये फेसबुक पेज, व्हाट्सएप ग्रुप जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर विज्ञापन देकर गोद लेने वाले इच्छुक निःसंतान दंपतियों से संपर्क किया करते थे।

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   एक बच्चे का सौदा 4 से 6 लाख रुपए में होता था

सीबीआई अधिकारी के मुताबिक ये वास्तविक माता-पिता और सरोगेट माताओं से भी बच्चा खरीदकर निःसंतान दंपतियों को बेचा करते थे।

एक नवजात की कीमत चार से छह लाख रुपए होती थी। गिरोह (Gang of child thieves ) के लोगों ने कई निःसंतान माता-पिता के साथ लाखों रुपए की ठगी भी की है।

तलाशी के दौरान इनके पास से साढ़े पांच लाख रुपए नकद और गोद लेने से संबंधित कई कागजात बरामद हुए हैं।

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