Ganesh Visarjan 2025: अनंत चौदस 6 सितंबर को, इसी दिन लगेंगे पंचक, क्या है हवन करने का सही दिन

Ganesh Visarjan 2025: अनंत चौदस 6 सितंबर को, इसी दिन लगेंगे पंचक, क्या है हवन करने का सही दिन ganesh-visarjan-6-sep-2025-anant-chaturdashi-panchak-muhurat-havan-ke-niyam-rules-mantra-vrat-tyohar-hindi-news-pds

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Ganesh Visarjan 6 Sep Anant Chaturdashi 2025 Niyam Panchak Muhurat:  27 अगस्त से शुरू हुए गणेश उत्सव की समाप्ति दो दिन बाद होने जा रही है। 10 दिनी गणेश उत्सव की समाप्ति इस दिन हो जाएगी। इसी दिन पंचक भी शुरू होंगे।

हिन्दू पंचांग (Hindi Panchang) के अनुसार इस बार गणेश विसर्जन पंचकों से बेहद शुभ माना जाता है। पर क्या पंचकों में हवन (Panchak me Havan Shubh- Ashubh) किया जा सकेगा, यदि नहीं तो हवन करने का सही दिन क्या है। चलिए जानते हैं ज्योतिषाचार्य पंडित रामगोविंद शास्त्री से।

सितंबर में इस दिन से शुरू होंगे पंचक

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हिन्दू पंचांग के अनुसार दो दिन बाद पंचक शुरू हो रहे हैं। सितंबर में पंचकों की शुरुआत 6 सितंबर से हो रही है। इसी दिन अनंत चतुर्दशी यानी अनंत चौदस भी है।

गणेश विसर्जन के पहले हवन कब कर सकते हैं

हिन्दू परंपरा के अनुसार गणेश विसर्जन के पहले हवन किया जाता है। ऐसे में अनंत चतुर्दशी के दिन पंचक रहेंगे इसलिए इसके पहले 5 सितंबर को हवन करना शुभ माना जा रहा है। हालांकि कई लोग अपनी सुविधा अनुसार हवन कर स​कते हैं।

अनंत चतुर्दशी मुहूर्त तिथि

पर्व / तिथिप्रारंभसमाप्ति
अनंत चतुर्दशी मुहूर्त6 सितंबर 2025, रात 3:12 बजे7 सितंबर 2025, देर रात 1:41 बजे
इसके बाद7 सितंबर 2025,पूर्णिमा तिथि प्रारंभ

ज्योतिषाचार्य पंडित रामगोविंद शास्त्री के अनुसार अनंत चतुर्दशी मुहूर्त 6 सितंबर की रात 3:12 मिनट से शुरू हो जाएगा। जो 7 सितंबर की देर रात 1:41 तक रहेगा। इसके बाद पूर्णिमा तिथि आ जाएगी।

पंचकों में गणेश विसर्जन क्यों होता है शुभ

हिन्दू धर्म मान्यताओं के अनुसार पंचकों में गणेश स्थापना, गणेश विसर्जन, दुर्गा कलश स्थापना, दुर्गा विसर्जन शुभ माना जाता है। वो इसलिए क्योंकि पंचकों में जो काम होते हैं वे लगातार पांच वार हुए माने जाते हैं। इसलिए यदि इस दौरान जो शुभ काम होता है वो बार बार होने की कामना की जाती है।

क्या कहलाते हैं पंचक

(What is Panchak) 

आपको बता दें शुभ कामों के लिए जब मुहर्त देखे जाते हैं उनमें पंचक भी शामिल हैं। पंचक वह समय है चंद्रमा के कुंभ और मीन राशि में होने के दौरान लगता है। ज्योतिष के अनुसार इस दौरान किए गए कार्य का प्रभाव पांच गुना बढ़ जाता है। इसलिए इस दौरान किए गए दुष्प्रभाव से बचने के लिए पंचक कोई भी शुभ कार्य करने से बचने के लिए सलाह दी जाती है।

[caption id="attachment_872129" align="alignnone" width="798"]pandit ram govind shastri pandit ram govind shastri[/caption]

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