Gaganyaan mission: भारत जल्दी ही अंतरिक्ष में मानव भेजकर रचेगा इतिहास, चार अंतरिक्ष यात्रियों ने रूस में पूरी की ट्रेनिंग

Gaganyaan mission: भारत जल्दी ही अंतरिक्ष में मानव भेजकर रचेगा इतिहास, चार अंतरिक्ष यात्रियों ने रूस में पूरी की ट्रेनिंग

Gaganyaan mission

नई दिल्ली। गगनयान मिशन के लिए भारत के सभी चार अंतरिक्ष यात्रियों ने रूस में एक साल की ट्रेनिंग पूरी कर ली है। ट्रेनिंग लेने वालों में भारतीय वायु सेना के एक ग्रुप कैप्टन और तीन विंग कमांडर शामिल हैं। मालूम हो कि पिछले साल जून 2019 में भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) और रूसी लांच सेवा प्रदाता ग्लैवकॉसमॉस के बीच अंतरिक्ष यात्रियों की ट्रेनिंग के लिए समझौता हुआ था। जिसकी शरूआत 10 फरवरी, 2020 को हुई थी। लेकिन कोरोना महामारी के चलते इसे कुछ समय के लिए रोक दिया गया था।

अब इसरो देगा प्रशिक्षण

हालांकि इस मिशन के लिए चारों अंतरिक्ष यात्रियों ने अब रूस में ट्रेनिंग पूरी कर ली है और वापस भारट लौट गए हैं। यहां उन्हें इसरो के डिजाइन किए गए ट्रेनिंग मॉड्यूल में प्रशिक्षण दिया जाएगा। ये ट्रेनिंग तीन भागों में होगा। पहले पार्ट में पूरे प्रोजेक्ट पर मॉड्यूल तैयार किया जाएगा, दूसरे में चालक दल के सदस्यों के लिए एक मॉड्यूल और अंत में फ्लाइट हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर पर एक मॉड्यूल तैयार किया जाएगा।

पीएम मोदी ने की थी मिशन की घोषणा

ISRO से ट्रेनिंग पूरी होने के बाद इन चारों अंतरिक्ष यात्रियों को गगनयान के जरिये अंतरिक्ष में भेजा जाएगा। बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने 15 अगस्त, 2018 को लालकिले से गणणनयान मिशन की घोषणा की थी। इस मिशन पर करीब 10 हजार करोड़ रूपए का खर्च आएगा। इस मिशन को लेकर इसरो के प्रमुख के. सिवन (K.Sivan) ने कहा था कि भारत 2021 में अंतरिक्ष में मानव भेजकर इतिहास रचेगा।

वायुसेना भी इसरों के साथ मिलकर कर रही है काम

भारत के लिहाज से देखें तो गगनयान मिशन बेहद अहम है। यह भारत का पहला मानव मिशन होगा। इस मिशन को स्वदेशी रॉकेट (GSLV Mark) के जरिए लॉन्च किया जाएगा। इस साल दिसंबर में तीन वैज्ञानिकों की एक टीम को अंतरिक्ष में भेजा जाएगा। जो कम से कम सात दिन वहां गुजारने के बाद वापस धरती पर लौटेगी। इस मिशन के लिए, भारतीय वायु सेना इसरो के साथ कदम से कदम मिलाकर चल रही है। उसने इस मिशन के लिए 10 पायलटों के चयन का पहला चरण भी पूरा कर लिया है।इस मिशन के तहत तीन अंतरिक्ष मिशनों को कक्षा में भेजा जाएगा। जिसमें में 2 मानवरहित होंगे, जबकि एक मानव युक्त मिशन होगा।

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