Advertisment

एफपीआई ने जनवरी में इक्विटी में अब तक 5,156 करोड़ रुपये निवेश किये

author-image
Bhasha
भारत ने 2015-20 के दौरान व्यापार को आसान बनाने के लिए कई कदम उठाए: डब्ल्यूटीओ

नयी दिल्ली, 10 जनवरी (भाषा) सुधारों को आगे बढ़ाने वाले बजट तथा तीसरी तिमाही में कंपनियों के बेहतर वित्तीय परिणाम की उम्मीद में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) ने इस साल के शुरुआती छह कारोबारी सत्रों में भारतीय पूंजी बाजार में शुद्ध आधार पर 5,156 करोड़ रुपये का पूंजी निवेश किया।

Advertisment

डिपॉजिटरी आंकड़ों के अनुसार, एफपीआई ने एक से आठ जनवरी के बीच इक्विटी में 4,819 करोड़ रुपये और ऋणपत्रों में 337 करोड़ रुपये निवेश किया।

इस तरह समीक्षाधीन अवधि में एफपीआई ने कुल 5,156 करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश किया।

एलकेपी सिक्योरिटीज के अनुसंधान प्रमुख एस रंगनाथन ने कहा, ‘‘भारतीय बाजारों में एफपीआई की आमद मुख्य रूप से एक सुधारवादी बजट के साथ-साथ अच्छी तीसरी तिमाही के बेहतर परिणाम की उम्मीदों के कारण है।’’

Advertisment

एक अन्य संस्था ग्रोव के सह संस्थापक एवं मुख्य परिचालन अधिकारी (सीओओ) हर्ष जैन ने कहा कि इसके अलावा, अन्य देशों की तुलना में भारत में कोविड-19 के मामलों की कम संख्या भी एक प्रमुख कारण है कि भारत में निवेश बढ़ रहा है। कई अन्य देशों ने कोरोना के बढ़ते मामलों के मद्देनजर लॉकडाउन को फिर से शुरू किया है।

उन्होंने कहा कि 2020 में भारत में आये निवेश की मात्रा उभरते बाजारों में सबसे अधिक है, जबकि अधिकांश उभरते बाजारों में वास्तव में निकासी हुई।

जैन ने कहा, ‘‘भारत पिछले कुछ तिमाहियों में सुधार को देखते हुए एक मजबूत आर्थिक पुनरुद्धार की उम्मीद को लेकर एक आकर्षक निवेश गंतव्य के रूप में उभरा है।’’

Advertisment

जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के मुख्य निवेश रणनीतिकार वीके विजयकुमार ने कहा कि भारत, चीन, रूस और दक्षिण कोरिया एफपीआई के पसंदीदा गंतव्य हैं।

भाषा सुमन महाबीर

महाबीर

Advertisment
चैनल से जुड़ें