छत्तीसगढ़ के एक गांव में चार कौवों की मौत, नमूनें जांच के लिए भेजे गए

बालोद, आठ जनवरी (भाषा) देश के कुछ राज्यों में बर्ड फ्लू के मामले सामने आने के बीच छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में चार कौवे मरे पाए गए हैं और मौत के कारणों का पता लगाने के लिए नमूनों को जांच के लिए भेजा गया है।

बालोद के जिलाधिकारी जन्मेजय महोबे ने शुक्रवार को बताया कि जिला मुख्यालय से लगभग 13 किलोमीटर दूर पोंडी गांव में अचानक कौवों की मौत होने की जानकारी मिली है। इस घटना के बाद क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग तथा मुर्गी पालकों को सतर्क कर दिया गया है।

महोबे ने बताया कि पक्षियों के कंकालों को एकत्र कर भोपाल के राष्ट्रीय उच्च सुरक्षा पशुरोग संस्थान भेजा गया है और जांच के बाद ही पता चल सकेगा कि कौवों की मौत बर्डफ्लू से हुई है या नहीं।

जिले के एक अन्य अधिकारी ने बताया कि बुधवार को गांव में एक कौवे की मौत के बाद ग्रामीणों ने उसके कंकाल को तत्काल जला दिया था, लेकिन दूसरे दिन तीन कौवे और मरे मिले तब इसकी सूचना स्थानीय अधिकारियों को दी गई।

अधिकारियों ने बताया कि घटना की सूचना मिलने के बाद राज्य के पशुधन विकास विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे तथा कंकालों को जांच के लिए भेजा गया।

उन्होंने बताया कि पशु चिकित्सा विभाग ने जिले के सभी मुर्गी पालकों से कहा है कि यदि उनके यहां बड़ी संख्या में मुर्गियों या पक्षियों की मौत होती है तो इसकी जानकारी वह जिले के वरिष्ठ अधिकारियों को दें।

इधर राज्य सरकार ने बर्ड फ्लू रोकने तथा सीमावर्ती राज्यों से पक्षियों के परिवहन पर कड़ी निगरानी का निर्देश जारी किया है।

राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि छत्तीसगढ़ में बर्डफ्लू का अब तक कोई भी मामला सामने नहीं आया है,लेकिन देश के कुछ राज्यों में बर्ड फ्लू की पुष्टि होने के बाद छत्तीसगढ़ में भी इसे लेकर चेतावनी जारी की गई है।

भाषा सं संजीव शोभना

शोभना

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छत्तीसगढ़ के एक गांव में चार कौवों की मौत, नमूनें जांच के लिए भेजे गए

बालोद, आठ जनवरी (भाषा) देश के कुछ राज्यों में बर्ड फ्लू के मामले सामने आने के बीच छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में चार कौवे मरे पाए गए हैं और मौत के कारणों का पता लगाने के लिए नमूनों को जांच के लिए भेजा गया है।

बालोद के जिलाधिकारी जन्मेजय महोबे ने शुक्रवार को बताया कि जिला मुख्यालय से लगभग 13 किलोमीटर दूर पोंडी गांव में अचानक कौवों की मौत होने की जानकारी मिली है। इस घटना के बाद क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग तथा मुर्गी पालकों को सतर्क कर दिया गया है।

महोबे ने बताया कि पक्षियों के कंकालों को एकत्र कर भोपाल के राष्ट्रीय उच्च सुरक्षा पशुरोग संस्थान भेजा गया है और जांच के बाद ही पता चल सकेगा कि कौवों की मौत बर्डफ्लू से हुई है या नहीं।

जिले के एक अन्य अधिकारी ने बताया कि बुधवार को गांव में एक कौवे की मौत के बाद ग्रामीणों ने उसके कंकाल को तत्काल जला दिया था, लेकिन दूसरे दिन तीन कौवे और मरे मिले तब इसकी सूचना स्थानीय अधिकारियों को दी गई।

अधिकारियों ने बताया कि घटना की सूचना मिलने के बाद राज्य के पशुधन विकास विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे तथा कंकालों को जांच के लिए भेजा गया।

उन्होंने बताया कि पशु चिकित्सा विभाग ने जिले के सभी मुर्गी पालकों से कहा है कि यदि उनके यहां बड़ी संख्या में मुर्गियों या पक्षियों की मौत होती है तो इसकी जानकारी वह जिले के वरिष्ठ अधिकारियों को दें।

इधर राज्य सरकार ने बर्ड फ्लू रोकने तथा सीमावर्ती राज्यों से पक्षियों के परिवहन पर कड़ी निगरानी का निर्देश जारी किया है।

राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि छत्तीसगढ़ में बर्डफ्लू का अब तक कोई भी मामला सामने नहीं आया है,लेकिन देश के कुछ राज्यों में बर्ड फ्लू की पुष्टि होने के बाद छत्तीसगढ़ में भी इसे लेकर चेतावनी जारी की गई है।

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