RGPV घोटाला: पिपरिया में ABVP की बैठक से लेकर रायपुर में पूर्व VC की गिरफ्तारी तक, जानें 55 दिनों में कब क्या हुआ

RGPV Ghotala: राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में हुए भ्रष्टाचार को लेकर एबीवीपी शुरु से ही एक्शन मोड में रही।

RGPV घोटाला: पिपरिया में ABVP की बैठक से लेकर रायपुर में पूर्व VC की गिरफ्तारी तक, जानें 55 दिनों में कब क्या हुआ

हाइलाइट्स

  • राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में हुआ 19.48 करोड़ रुपए का घोटाला
  • पूर्व रजिस्ट्रार आरएस राजपूत और वित्त संचालक ऋषिकेश वर्मा की गिरफ्तारी होना शेष
  • आरोपियों पर कार्रवाई के लिए अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने 55 दिनों में किये 118 आंदोलन

RGPV Ghotala: राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में 19.48 करोड़ रुपए का घोटाला (RGPV Scam) हुआ।

इस मामले में पुलिस ने आरबीएल बैंक भोपाल के तत्कालीन मैनेजर कुमार मयंक, एक्सिस बैंक पिपरिया के तत्कालीन मैनेजर रामकुमार रघुवंशी और सोहागपुर की संस्था दलित संघ के सह सचिव सुनील रघुवंशी को गिरफ्तार किया है।

वहीं आज 11 अप्रैल को तत्कालीन कुलपति सुनील कुमार गुप्ता को छत्तीसगढ़ के रायपुर से गिरफ्तार कर लिया है। यह पूरा घटनाक्रम 55 दिनों तक चला। आइये आपको बतातें है कि इस पूरे मामले में कब क्या हुआ।

ABPV ने 18 चरणों में किया आंदोलन

आरजीपीवी में हुए घोटाले (RGPV Ghotala) को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABPV) शुरु से ही अक्रामक मूड में रही। ABPV ने दोषियों पर कार्रवाई के लिए इन 55 दिनों में 18 चरणों में आंदोलन किया।

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अभाविप का कहना है कि जब तक मामले के अन्य 2 फरार आरोपी आरएस राजपूत और ऋषिकेश शर्मा गिरफ्तारी नहीं हो जाती, उनका विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा।

17 फरवरी को पिपरिया में बनी रणनीति

राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (RGPV) से 156 किमी दूर नर्मदापुरम जिले के पिपरिया में 17 फरवरी को आरजीपीवी में हुए घोटाले को लेकर चर्चा हुई।

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मौका था एबीवीपी के मध्य भारत प्रांत की दो दिवसीय कार्यकारिणी बैठक का, जिसमें घोटाले (RGPV Ghotala) को लेकर आंदोलन करने का निर्णय लिया गया।

घोटाले को लेकर पहला आंदोलन

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में भ्रष्टाचार और आर्थिक अनियमित्ताओं (RGPV Ghotala) को लेकर 19 फरवरी को धरना दिया। जांच प्रभावित न हो इसलिए VC को छुट्टी पर भेजने की मांग की।

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उच्च शिक्षा मंत्री ने तत्कालीन कुलसचिव डॉ आरएस राजपूत को पद से हटाकर एवं तत्कालीन कुलपति प्रो सुनील कुमार को छुट्टी पर जाने का आदेश दिया और विश्वविद्यालय में एक जांच समिति का गठन हुआ।

ABPV के प्रदर्शन से ऐसे बना प्रशासन पर प्रेशर

01 मार्च, प्रदर्शन का पहला दिन: जांच समिति की समयावधि समाप्त होने पर भी जब कार्रवाई नहीं हुई तो 01 मार्च से फिर से आरजीपीवी में अनिश्चितकालीन प्रदर्शन शुरू हुआ। जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग की गई।

02 मार्च, प्रदर्शन का दूसरा दिन: प्रदर्शन के दूसरे दिन शाम को जांच समिति का घेराव किया और विश्वविद्यालय में ताला लगा दिया। इसका असर ये हुआ कि इसी दिन रात में शासन को प्रारंभिक जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत कर दिया गया।

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03 मार्च, प्रदर्शन का तीसरा दिन: सुबह प्रदर्शन स्थल पर उच्च शिक्षा मंत्री पहुंचे। ABPV ने दोषियों पर FIR की कॉपी नहीं दिखाने तक प्रदर्शन जारी रखने की घोषणा कर दी। मंत्री के आश्वासन पर आर्थिक मामलों की जांच शुरू हुई।

03 मार्च, प्रदर्शन की अंतिम रात: तत्कालीन कुलपति, कुलसचिव, वित्त संचालक ऋषिकेश वर्मा, कुमार मयंक] दलित संघ के विरुद्ध रात 10 बजे गांधी नगर थाना भोपाल में FIR दर्ज। एबीवीपी ने प्रदर्शन वापस लिया।

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अग्रिम जमानत की याचिका खारिज

RGPV Scam मामले में 01 अप्रैल को तत्कालीन कुलपति प्रो. सुनील कुमार गुप्ता ने जिला न्यायालय भोपाल में अग्रिम जमानत के लिए आवेदन प्रस्तुत किया। जिसे 02 अप्रैल को कोर्ट ने खारिज कर दिया।

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RGPV Scam मामले में तत्कालीन रजिस्ट्रार डॉ. आरएस राजपुत ने भी हाईकोर्ट में जमानत हेतु के लिए याचिका लगाई है। जिस पर सुनवाई होना बांकी है।

इस तरह चला घटनाक्रम

05 मार्च 2024: तत्कालीन कुलपति सुनील कुमार ने हाईकोर्ट जबलपुर में FIR रद्द करवाने के लिए याचिका लगाई। जिसे 20 मार्च को हाई कोर्ट ने खारिज कर दिया।

06 मार्च 2024: तत्कालीन कुलपति डॉ. सुनील कुमार गुप्ता ने राजभवन पहुंचकर अपना त्यागपत्र दे दिया। शाम तक इसकी पुष्टी भी हो गई।

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07 मार्च 2024: तकनीकी शिक्षा विभाग ने तत्कालीन कुलसचिव आरएस राजपूत को निलंबित कर दिया। राजभवन ने डॉ. रूपम गुप्ता को प्रभारी कुलपति के रूप में नियुक्त करने का आदेश दिया।

11 मार्च 2024: तकनीकी शिक्षा विभाग ने विस्तृत जांच समिति की घोषणा की। RGPV में धारा 54 लगाने अभाविप ने मुख्यमंत्री मोहन यादव को पत्र लिखा पत्र।

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13 मार्च 2024: एबीवीपी के भोपाल महानगर के प्रतिनिधियों ने RGPV घोटाले में लिप्त संबंधित चार्टर्ड अकाउंटेंट और फर्म के विरुद्ध केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को वैधानिक कार्रवाई हेतु मांग पत्र सौंपा।

28 मार्च 2024: वर्तमान प्रभारी कुलपति के समक्ष दोषी पाए गए पूर्व के तत्कालीन प्रभारी कुलसचिव डॉ. एसएस कुशवाह के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा।

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29 मार्च 2024: RGPV Scam मामले में अभाविप प्रतिनिधि मंडल ने भोपाल पुलिस आयुक्त से मिलकर आरोपियों के खिलाफ उचित कार्यवाही और गिरफ्तारी की मांग रखकर ज्ञापन प्रेषित किया।

30 मार्च 2024: तत्कालीन कुलसचिव राजपूत के ड्राइवर को 5 बोरी दस्तावेज के साथ आसाराम बापू चौराहे पर पकड़ा। रात में गांधी नगर पुलिस थाने का घेराव किया। सुनील कुमार की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीम रवाना।

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31 मार्च 2024: आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर पुलिस आयुक्त कार्यालय भोपाल का घेराव किया। एसआईटी चीफ मलकीत सिंह ने बताया कि आरोपियों का लुक आउट नोटिस और ईनाम भी घोषित किया गया है।

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एबीवीपी ने फिर तेज किया प्रदर्शन

05 अप्रैल को एबीवीपी के प्रतिनिधि मंडल ने आरजीपीवी घोटाले (RGPV Ghotala) को लेकर मंत्री विश्वास सारंग, विधायक रामेश्वर शर्मा और भगवानदास सबदानी से मिलकर आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर ज्ञापन सौंपा।

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06 अप्रैल को भोपाल के रोशनपुरा चौराहा, रेतरे घाट चौराहा, आसाराम बापू चौराहा, बीमा कुंज चौराहा और इंद्रपुरी चौराहा पर पुलिस की नाकामी के विरुद्ध प्रदर्शन किया।

07 अप्रैल को सीएम से मुलाकात

आरजीपीवी घोटाले (RGPV Ghotala) पर आरोपियों के विरूद्ध कार्रवाई की मांग को लेकर 07 अप्रैल को सीएम हाउस पर मानव शृंखला बनाई। सीएम से मुलाकात कर आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की।

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मुख्यमंत्री मोहन यादव ने जल्द गिरफ्तारी का आश्वासन दिया। इसी दिन एबीवीपी के प्रतिनिधि मंडल ने तकनीकी शिक्षा मंत्री से भी मुलाकात की।

FIR के 38 दिन बाद पुलिस के हत्थे चढ़े सुनील कुमार

आरजीवीपी घोटाले (RGPV Ghotala) मामले में पुलिस ने 3 मार्च की रात को FIR दर्ज की थी। पूर्व कुलपति सुनील कुमार 38 दिन बाद रायपुर में पुलिस के हत्थे चढ़ गए।

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पुलिस ने सुनील कुमार पर दस हजार रुपये का ईनाम भी घोषित किया था। RGPV Scam मामले में FIR भोपाल के गांधीनगर थाने में दर्ज है। पुलिस सुनील कुमार गुप्ता को रायपुर से भोपाल ला रही है।

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