रोचक किस्सा : मध्यप्रदेश का वो मुख्यमंत्री जिसने शेर के पुट्ठे पर मारी थी लात

रोचक किस्सा : मध्यप्रदेश का वो मुख्यमंत्री जिसने शेर के पुट्ठे पर मारी थी लात Former Chief Minister Dr Story of Govind Nairan Singh and Principal Secretary RCVP Noronha vkj

रोचक किस्सा : मध्यप्रदेश का वो मुख्यमंत्री जिसने शेर के पुट्ठे पर मारी थी लात

मध्यप्रदेश की राजनीति में ऐसे कई नेता रहे है जिनके किस्से आज भी मशहूर है। चाहे वह प्रकाश चंद्रसेठी हो, दिग्विजय सिंह हो। नेताओं के किस्से आज भी रोचक है। ऐसा ही एक किस्सा मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री डॉ गोविंद नायराण सिंह (Former Chief Minister Dr. Govind Nairan Singh) का भी है। डॉ. गोविंद नारायण सिंह (Dr. Govind Nairan Singh) मध्य प्रदेश के सबसे पढ़े-लिखे राजनेता रहे। गोविंद सिंह संविदकाल के दौरान प्रदेश के मुख्यमंत्री (Former Chief Minister Dr. Govind Nairan Singh) बने थे, तब उनके कई किस्से मशहूर हुए थें। उस समय गोविंद सिंह के मुख्य सचिव आरसीवीपी नरोन्हा हुआ करते थे। पूर्व सीएम गोविंद सिंह के प्रमुख सचिव रहे नरोन्हा साहब ने एक किताब लिखी थी। जिसका नाम था ए टेल टोल्ड बाय एन ईडियट। नरोन्हा अकादमी के महानिदेशक रहे इंद्रनील शंकर दाणी ने हिंदी में इसका अनुवाद किया है।

जब अचानक सामने आया शेर?

किताब में पूर्व मुख्यमंत्री गोविंद नारायण और नरोन्हा साहब एक किस्सा लिखा है। एक दिन गोविंद सिंह और नरोन्हा साहब एक खुली जीप में सतपुड़ा के जंगलों में सैर कर रहे थे। जब दोनों सैर कर रहे थे तो गोविंद सिंह प्रमुख सचिव नरोन्हा साहब को बाघों के शिकार के किस्से सुना रहे थे। बातों ही बातों में नरोन्हा साहब ने गोविंद सिंह जी से पूद लिया कि अगर आपके सामने शेर आ जाए तो आप क्या करेंगे? नरोन्हा साहब की बात सुनकर गोविंद नारायण जी ने कहा कि, क्या करेंगे, उसके पुट्ठे पर दो लात जमा देंगे.. और क्या? गोविंद नारयाण जी ने इतना ही कह था कि इत्तेफाक से कुछ देर बाद सड़क के किनारे एक बाघ बैठा मिल गयर।

पूर्व मुख्यमंत्री ने मारी शेर के पुट्ठे में लात!

बाद्य को देखकर गोविंद नारायण जी ने ड्राइवर को गाड़ी रोकने का आदेश दिया। जैसे ही गाड़ी रूकी तो गोविंद सिंह जी नीचे उतरे और बाघ के सामने जा पहुंचे। उन्होंने बाद्य के पुट्ठे पर एक लात मारी और वापस आकर जीप पर बैठ गए। गोविंद सिंह जी को ऐसा करने के बाद नरोन्हा ने उनसे पूछा की आपको बाघ से डर नहीं लगा..? इस पर गोविंद नारायण ने कहा कि बाघ का डर मेरे डर से बड़ा था। हमला मैंने किया था...। वह जब तक हमले की सोचता, तब तक मैं सुरक्षित जगह पहुंच गया। किताब में नरोन्हा साहब ने लिखा है कि वह वो दृश्य देखकर दंग रह गए थे। उनकी चतुराई, दुस्साहस मुझे झकझोर गया। इसलिए डॉ.गोविंद नारायण सिंह मध्य प्रदेश के सबसे पढ़े लिखे, बहादुर और एक अच्छे राजनेता के रूप में पहचाना जाता है।

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