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नई दिल्ली। श्री अमरनाथ यात्रा के लिए गुरुवार को ज्येष्ठ पूर्णिमा पर पवित्र गुफा में भवन पर वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ प्रथम पूजा की गई। पूजा के लिए जम्मू से भी कई सेवक कश्मीर के लिए मंगलवार को ही रवाना हो गए थे। प्रथम पूजा में श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) नितीश्वर कुमार, आईएफएस अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी अनूप कुमार सोनी सहित बोर्ड के अन्य अधिकारी व सदस्य मौजूद रहे। इस बार कोविड महामारी के कारण अमरनाथ यात्रा को रद्द किया गया है, जिससे यात्रा की पारंपरिक पूजा अर्चना व अन्य अध्यात्मिक गतिविधियां सांकेतिक तौर पर की जाएंगी। वहां मौजूद सभी लोगों ने भोले बाबा से दुनिया भर में मानवता को कोरोना वायरस के चंगुल से बचाने के लिए प्रार्थना की। बता दें कि उपराज्यपाल मनोज सिन्हा जोकि श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड के अध्यक्ष भी हैं, उन्होंने बोर्ड के सदस्यों के साथ चर्चा के बाद यात्रा रद्द करने का फैसला लिया था।
श्रद्धालु ऑनलाइन सुबह और शाम की आरती में होंगे शामिल
राज्यपाल की ओर से निर्देश दिया गया कि भक्तों को ऑनलाइन तरीके से सुबह और शाम की आरती में शामिल होने के लिए सक्षम बनाया जाए। उन्होंने कहा कि इससे उन्हें यात्रा और जोखिम से बचने के साथ-साथ उनके दर्शन करने में मदद मिलेगी। बैठक में बताया गया कि श्राइन बोर्ड ने पवित्र गुफा से आरती के सीधे प्रसारण के लिए वर्चुअल और टेलीविजन तंत्र स्थापित किया है।
53 दिनों तक चलनी थी पवित्र यात्रा
बोर्ड के सदस्यों के साथ व्यापक विचार विमर्श के बाद यह फैसला किया गया है यात्रा सिर्फ संकेतिक होगी हालांकि पवित्र गुफा में सभी पारंपारिक धार्मिक पूजा अर्चना होगी। उन्होंने कहा कि लोगों की जिंदगी बचाना बहुत जरूरी है इसलिए हमने यात्रा नहीं करवाने का फैसला जनहित में लिया है। बता दें कि श्री अमरनाथ यात्रा को 28 जून से शुरू करने का फैसला दिया गया था और यात्रा 56 दिन की थी जो रक्षा बंधन वाले दिन 22 अगस्त को संपन्न होनी थी।
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