UP NEWS: लखनऊ कोर्ट में शूटआउट, गैंगस्टर संजीव जीवा की गोली मारकर हत्या

उत्तरप्रदेश की राजधानी लखनऊ से हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है। बता दें कि लखनऊ कोर्ट में.........................

UP NEWS: लखनऊ कोर्ट में शूटआउट, गैंगस्टर संजीव जीवा की गोली मारकर हत्या

UP NEWS: उत्तरप्रदेश की राजधानी लखनऊ से हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है। बता दें कि लखनऊ जिला कोर्ट में गैंगस्टर संजीव जीवा की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई है। फायरिंग की वजह से कोर्ट रूम में अफरातफरी मच गई। बताया जा रहा है कि बदमाश वकील का ड्रेस पहने हुए थे।

उधर जिला कोर्ट में गोलीकांड के बाद किसी भी स्थिति से निपटने के लिए मौके पर भारी संख्या में पुलिस जवानों को रवाना किया गया है। आला अधिकारी भी मौके पर पहुंच चुके हैं।

एक बच्ची को भी लगी गोली 

कोर्ट परिसर में गोली कांड के बाद वकीलों में आक्रोश है।  एक वकील ने कहा, मैं यहां हर दिन आता हूं लेकिन आज जो हुआ वो शर्मनाक है। एक बच्ची को भी गोली लगी है। उसका पिता अपनी बच्ची के लिए तड़प रहा है। कोर्ट में आने से पहले जांच होती है, हम लोगों की भी जांच होती है. कोर्ट परिसर के भीतर अस्त्र आ रहा है। "

गिरफ्तार हुआ संजीव का हत्यारा

संजीव जीवा हत्या करने वाले शख्स विजय यादव को गिरफ्तार कर लिया गया है। बताया जा रहा है कि हमलावर की उम्र महज 19 साल है। फिलहाल वह पुलिस हिरासत में है। बता दें कि हमलावर जौनपुर का रहने वाला बताया जा रहा है।

जांच के लिए SIT का गठन

 मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गैंगस्टर संजीव माहेश्वरी उर्फ जीवा हत्या कांड की जांच के SIT का गठन कर दिया है। ADG टेक्निकल मोहित अग्रवाल, नीलब्जा चौधरी और अयोध्या आईजी प्रवीण कुमार को जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई है। बता दें कि तीनों अधिकारियों के 7 दिन में जांच पूरी का रिपोर्ट देने के लिए कहा गया है।

कौन है गैंगस्टर संजीव? 

आपको बता दें कि संजीव माहेश्वरी, मुजफ्फरनगर का कुख्यात गैंगस्टर था। वह शामली जिले का रहना वाला था। इसे संजीव जीवा के नाम से भी जाना जाता है। बताया जाता है कि शुरुआत में संजीव माहेश्वरी ने एक डिस्पेंसरी में कंपाउंडर का काम किया था। बाद में किसी मसले को लेकर उसी डिस्पेंसरी के मालिक का अपहरण कर लिया था। फिर यही से गैंगस्टर बनने की कहानी की शुरूआत हो जाती है।

1990 के दशक में संजीव माहेश्वरी ने कोलकाता के एक कारोबारी के बेटे का अपहरण कर लिया था और फिरौती में दो करोड़ की मांग की। इसके बाद वह हरिद्वार नाजिम गिरोह में शामिल हो गया और बाद में सतेंद्र बरनाला से उसकी दोस्ती हो गई। लेकिन उसके अंदर गैंग बनाने की ख्वाहिश थी।

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इसके बाद तो मानों संजीव ने पीछे मुड़कर नहीं देखा और कई घटनाओं को अंजाम दिया। गैंगस्टर संजीव पर बीजेपी नेता ब्राह्मनंद द्विवेदी औऱ कृष्णानंद राय मर्डर में भी नाम आया था। बता दें कि 22 से ज्यादा मुकदमें उसके खिलाफ दर्ज थे।

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