रोचक किस्सा : एक ऐसी शर्त जिसने सोनिया गांधी और राजीव गांधी में बन गई थी दूरियां!

रोचक किस्सा : एक ऐसी शर्त जिसने सोनिया गांधी और राजीव गांधी में बन गई थी दूरियां!

देश के पूर्व प्रधानमंत्री और गांधी परिवार से कांग्रेस पार्टी का सबसे बड़ा चेहरा रहे राजीव गांधी की राजनीति में कई कठिनाईयां आई। राजीव गांधी वो प्रधानमंत्री रहे है जिन्होंने कई मुश्किलों का सामना किया। ऐसा ही एक किस्सा उनकी लव लाइफ से जुड़ा हुआ है। आज हम वो किस्सा बताने जा रहे है, जिसमें एक शर्त ने सोनिया और राजीव गांधी को एक दूसरे से दूर कर दिया था। दरअसल, राजीव गांधी और सोनिया गांधी की पहली मुलाकात कैब्रिज में पढ़ाई करने के दौरान हुई थी। दोनों की मुलाकात एक रेस्टोरेंट में हुई थी। पहली ही मुलाकात में राजीव गांधी अपनी प्रेमिका सोनिया गांधी को दिल दे बैठे थे।

दोनों की मुलाकात के बाद ये सिलसिला जारी रहा। दोनों एक दूसरे से मिलने लगे थें। एक दिन राजीव गांधी ने एक नैपकिन पर एक कविता लिखकर सोनिया गांधी को दी। और यही से दोनों के बीच गहरे प्यार की शुरूआत हुई। हालांकि दोनों को अपनी प्रेमकहानी के दौरान कई परेशानियों का सामना करना पड़ा था।

एक शर्त ने खड़ी की बड़ी समस्या

राजीव गांधी और सोनिया के बीच प्यार बढ़ता ही गया। एक दिन सोनिया गांधी ने अपने पिता स्टेफिनो मायनो को राजीव गांधी के बारे में बताया तो उनके पिता नाराज हो गए। सोनिया के पिता भले ही कभी भारत नहीं आए हो लेकिन वह भारत की राजनीति से अच्छी तरफ से वाकिफ थे। उन्हें डर था कि वह अपनी बेटी को घर से इतना दूर भेजें वो भी भारत के सबसे बड़े राजनीतिक गांधी परिवार में। कुछ दिनों बाद राजीव गांधी सोनिया के घर पहुंचे अरौर उनके पतिा से उनकी बेटी का हाथ मांग लिया। लेकिन तब सोनिया के पिता ने शादी के लिए हामी तो भर दी पर उन्होंने एक शर्त रख दी। सोनिया के पिता की शर्त थी कि दोनों को एक साल तक एक-दूसरे से अलग रहना होगा। यदि एक साल बाद भी दोनों को लगेगा कि वह दोनों एक-दूसरे के लिए बने हैं, तब उन्हें शादी से कोई आपत्ति नहीं होगी। पिता ने भले ही शर्त रख दी लेकिन दोनों के बीच प्यार इतना हो गया था कि सोनिया गांधी के पिता को उनके रिश्ते को अपनाना ही पड़ा।

अमिताभ बच्चन के घर में रूकी थी सोनिया गांधी

पिता के शादी की बात मानने के बाद सोनिया गांधी पहली बार 13 जनवरी 1968 को भारत आई। सोनिया को राजीव गांधी की मां इंदिरा गांधी भी पसंद कर चुकी थी। लेकिन एक समस्या यह खड़ी हो गई कि प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी किसी लड़की को अपने घर में रोकना उन्हें ठीक नहीं लगा। इंदिरा गांधी यह भी नहीं चाहती थी कि सोनिया गांधी किसी होटल में रूके। इंदिरा ने जब इस बरे में अपने करीबी टी एन कौल और पारिवारिक मित्र मोहम्मद यूनुस को बताया, तो उन्होंने सुझाव दिया कि क्यों न सोनिया को अमिताभ बच्चन की मां तेजी बच्चन के दिल्ली वाले घर पर ठहराया जाए। इसके बाद सोनिया गांधी अमिताभ बच्चन के घर पहुंची। इस तरह सोनिया गांधी की भारत में पहली दोस्ती अमिताभ बच्चन से हुई। 12 दिन बाद एक समारोह अमिताभ बच्चन के घर पर किया गया जिसमें राजीव गांधी और सोनिया गांधी की सगाई हुई। इसके बाद 25 फरवरी 1968 को राजीव और सोनिया गांधी की शादी हुई।

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