Singroli News: बेटी का शव खाट पर रखकर 25 किमी पैदल चलकर अस्पताल पहुंचा पिता, पोस्टमार्टम के बाद इसी तरह वापस घर लौटा…

सिंगरौली। “तुम्हारी फाइलों में गांव का मौसम गुलाबी है, मगर ये आंकड़े झूठे हैं ये दावा किताबी है” यह लाइनें कवि आदम गोंडवी की कविता की हैं। इस कविता की हकीकत दिखाने वाला मामला प्रदेश के सिंगरौली जिले से सामने आया है। यहां एक पिता अपनी बेटी का शव खाट पर रखकर 25 किमी पैदल चलकर अस्पताल पहुंचा। इसके बाद शव का पोस्टमार्टम कराकर वापस इसी तरह घर ले गया। मामला सिंगरौली जिले के आदिवासी अंचल सरई क्षेत्र के गड़ई गांव का है।

इस गांव के निवासी धिरूपति की 16 वर्षीय बेटी ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। इसकी जानकारी संबंधित थाना क्षेत्र को दी गई। पुलिस ने परिजनों से बेटी के शव का पोस्टमार्टम कराने के लिए अस्पताल लाने को कहा। परिजनों ने एंबुलेंस और शव वाहन लाने की बात कही। लेकिन कोरोना काल में दोनों ही वाहन उपलब्ध नहीं हो सके। पुलिस ने भी गाड़ी देने से इंकार कर दिया। इसके बाद धिरुपति और उसके परिवार के एक और व्यक्ति ने बेटी के शव को खाट पर रखा और बल्ली के सहारे उसे बांधकर 25 किमी दूर अस्पताल पोस्टमार्टम के लिए ले गया।

25 किमी चलकर ही शव वापस लाया पिता…
पोस्टमार्टम कराने के बाद ऐसे ही शव वापस लाकर अंतिम संस्कार किया गया। रास्ते में उनका किसी ने वाडियो बना लिया। अब यह वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। स्वर्णिम मध्यप्रदेश के सिस्टम की इस बेरहम तस्वीर देखकर सभी का दिल पसीज किया। मौके पर मौजूद लोगों ने उनका वीडियो तो बनाया लेकिन किसी ने उनकी मदद नहीं की। इस मामले का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद लोगों ने यहां के प्रशासन को जमकर कोसा है।

यहां के रहवासियों ने बताया कि यह कोई नया मामला नहीं है। यहां आए दिन खाट पर बांधकर ही शव लाए जाते हैं। यह एक पिछड़ा इलाका है जो सिंगरौली से 70 किमी दूर है। निवास चौकी के पास का क्षेत्र जिला मुख्यालय से पूरी तरह कटा हुआ है। इस मामले का भी लोगों ने वीडियो जरूर बनाया लेकिन कोई मदद के लिए आगे नहीं आया।

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