Ladakh Protest: लद्दाख हिंसा पर फारूक अब्दुल्ला का बड़ा बयान, कहा- जनता स्टेटहुड की लड़ाई लड़ रही है

Ladakh Protest: लद्दाख हिंसा पर नेशनल कॉन्फ्रेंस प्रमुख फारूक अब्दुल्ला ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने आंदोलनकारियों का समर्थन करते हुए कहा कि यह विदेशी ताकतों की नहीं, बल्कि जनता की असली आवाज है।

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हाइलाइट्स

  • फारूक अब्दुल्ला ने लद्दाख हिंसा का किया समर्थन
  • कहा- जनता स्टेटहुड की लड़ाई लड़ रही है
  • बीजेपी पर चिंगारी भड़काने का आरोप लगाया

Ladakh Protest: लद्दाख में स्टेटहुड (Ladakh Statehood) की मांग को लेकर भड़की हिंसा पर नेशनल कॉन्फ्रेंस (National Conference) के प्रमुख और जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला (Farooq Abdullah) का बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने लेह हिंसा का समर्थन करते हुए कहा कि यह आंदोलन पूरी तरह से जनता की आवाज है, न कि किसी विदेशी ताकत की साजिश। अब्दुल्ला ने बीजेपी (BJP) पर चिंगारी भड़काने का आरोप लगाते हुए केंद्र सरकार से गंभीर चेतावनी भी दी।

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फारूक अब्दुल्ला का बयान: "लद्दाख की जनता अपनी स्टेटहुड के लिए लड़ रही है"

प्रेस कॉन्फ्रेंस में फारूक अब्दुल्ला ने कहा, "लद्दाख के लोग अपनी स्टेटहुड (Ladakh Statehood Protest) की लड़ाई लड़ रहे हैं। शुरुआत में उन्होंने अपनी मांगें शांति से रखीं, लेकिन जब सरकार ने वादे पूरे नहीं किए, तब उन्होंने गांधी का रास्ता छोड़कर आंदोलन का रास्ता चुना।"

उन्होंने आगे कहा कि लेह में प्रदर्शनकारियों ने बीजेपी दफ्तर और पुलिस की गाड़ियों को आग के हवाले किया। इस पर उन्होंने केंद्र को चेतावनी देते हुए कहा कि लद्दाख का इलाका चीन और पाकिस्तान की सीमा से जुड़ा हुआ है, ऐसे में यहां चिंगारी भड़काना खतरनाक साबित हो सकता है।

"यह विदेशी ताकतों की नहीं, जनता की आवाज है"

फारूक अब्दुल्ला ने यह भी स्पष्ट किया कि हिंसा को लेकर जो विदेशी ताकतों का आरोप लगाया जा रहा है, वह पूरी तरह गलत है। "लद्दाख की जनता की यह अपनी आवाज है। जो लोग राज्य के साथ गलत कर रहे हैं, उन्हें लद्दाख से सबक लेना चाहिए।"

"युवाओं ने तय कर लिया है कि जान जाएगी पर स्टेटहुड नहीं"

नेशनल कॉन्फ्रेंस प्रमुख ने कहा कि अब लद्दाख के युवा किसी भी हाल में पीछे हटने को तैयार नहीं हैं। "हमारे बच्चों ने तय कर लिया है कि जान जाएगी लेकिन स्टेटहुड नहीं जाएगा। नेशनल कॉन्फ्रेंस ने हमेशा गांधी का रास्ता चुना है, लेकिन अब युवाओं के गुस्से को रोकना मुश्किल है।"

"दिल्ली के नेताओं को जागना होगा"

फारूक अब्दुल्ला ने आंदोलनकारियों का समर्थन करते हुए कहा: "लद्दाख में जो हो रहा है, उसकी जिम्मेदारी दिल्ली के नेताओं की है। अगर सरकार जल्द ही इस मुद्दे पर गंभीरता नहीं दिखाएगी, तो हालात और बिगड़ सकते हैं।"

जब उनसे चीन द्वारा जमीन कब्जाने पर सवाल किया गया, तो उन्होंने जवाब दिया, "अगर कब्जा नहीं किया है तो फिर बीजेपी वाले क्यों कहते हैं कि हमें अपनी जमीन वापस लेनी है? हम वहां पैट्रोलिंग तक नहीं कर पा रहे हैं।"

लद्दाख हिंसा पर फारूक अब्दुल्ला के बयान की मुख्य बातें

क्र.सं.मुख्य बिंदु
1फारूक अब्दुल्ला ने लद्दाख हिंसा का समर्थन किया
2कहा – "लद्दाख की जनता स्टेटहुड की लड़ाई लड़ रही है"
3बीजेपी पर लगाया चिंगारी भड़काने का आरोप
4दावा – "यह विदेशी ताकतों की नहीं, जनता की आवाज है"
5सरकार को चेतावनी – "चीन और पाकिस्तान बॉर्डर पर चिंगारी न भड़काएं" 

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लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा देने की मांग को लेकर बुधवार को लेह में छात्रों और सुरक्षाबलों के बीच हिंसक झड़प हुई। इस दौरान हुई पत्थरबाजी और आगजनी में 4 लोगों की मौत हो गई, जबकि 70 से अधिक लोग घायल हो गए। पूरी खबर पढ़ने के लिए क्लिक करे्ं 

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