Farmers Protest: किसानों-सरकार के बीच आज 8वें दौर की वार्ता, बैठक से पहले किसान संगठनों की चेतावनी-कृषि कानूनों पर बात नहीं बनी तो...

Farmers Protest: किसानों-सरकार के बीच आज 8वें दौर की वार्ता, बैठक से पहले किसान संगठनों की चेतावनी-कृषि कानूनों पर बात नहीं बनी तो...Farmers Protest Update Talks Between Farmers And Government Today 8th Round Of Talk Kisan Andolan in Delhi border farm laws repeal

Farmers Protest: किसानों-सरकार के बीच आज 8वें दौर की वार्ता, बैठक से पहले किसान संगठनों की चेतावनी-कृषि कानूनों पर बात नहीं बनी तो...

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Farmers Protest Update: कृषि कानूनों को लेकर सरकार और किसानों के बीच गतिरोध लगातार जारी है। हालांकि आज फिर से बातचीत में गतिरोध खत्म होने की उम्मीद जताई जा रही है। कृषि कानूनों के खिलाफ 26 नवंबर से दिल्ली बॉर्डर पर विरोध-प्रदर्शन कर रहे किसानों और सरकार के बीच आज 8वें राउंड की वार्ता होगी। आज किसान नेता और केंद्रीय मंत्री दिल्ली के विज्ञान भवन में दोपहर 2 बजे फिर से बैठक करेंगे। किसान MSP की गारंटी और नए तीनों कृषि कानूनों को रद्द करने की मांग पर अड़े हुए हैं।

किसान मज़दूर संघर्ष कमेटी के सुखविंदर सिंह सभरा ने वार्ता से पहले सरकार को खुली चेतावनी देते हुए कहा है कि, अगर आज तीनों कानूनों को निरस्त करने की बात नहीं बनती और MSP गारंटी का कानून नहीं आता तो हमारे अगले कार्यक्रम पहले से ही तैयार हैं। 6 जनवरी को ट्रैक्टरों पर मार्च किया जाएगा। सात जनवरी को देश को जगाने की कवायद शुरू होगी।

भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत ने सख्त तेवर दिखाते हुए कहा है कि, आज सरकार के साथ कई मुद्दों पर चर्चा होनी है। सरकार को यह समझना चाहिए कि किसान इस आंदोलन को अपने दिल में ले गया। नए कृषि कानूनों को निरस्त करने से कम में नहीं समझेगा। सरकार को स्वामीनाथन की रिपोर्ट को लागू करना चाहिए और एमएसपी पर कानून बनाना चाहिए।

कृषि कानूनों के खिलाफ बुराड़ी के निरंकारी समागम ग्राउंड में किसानों का प्रदर्शन जारी है। फरीदकोट के ज़िला प्रधान बिंदर सिंह गोले वाला ने बताया, "आज की बैठक में तीन कानूनों को रद्द करने की बात चलेगी। उम्मीद है कि बैठक में कुछ हल निकलेगा, अगर नहीं निकला तो हमारा संघर्ष चलता रहेगा।"

भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा, स्वामीनाथन कमेटी की रिपोर्ट, तीन कृषि क़ानूनों की वापसी और MSP पर क़ानून बने वार्ता का एजेंडा यही रहेगा। हम वापस नहीं जाएंगे। अब तक 60 किसान शहीद हो चुके हैं। सरकार को जवाब देना होगा।

बता दें कि, इससे पहले 30 दिसंबर को केंद्र सरकार और किसान संगठनों के बीच छठवें दौर की बैठक में 4 में से दो मुद्दों पर सहमति बनी थी। पहला मुद्दा पर्यावरण से जुडे अध्‍यादेश पर जबकि दूसरा बिजली बिल से संबंधित था। आज आठवें दौर की बातचीत होने वाली है। इसी बीच कृषि कानूनों के खिलाफ सिंघु बॉर्डर पर चल रहे किसानों के विरोध प्रदर्शन को देखते हुए बॉर्डर पर सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं।

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