सरकार रख सकती है कृषि कानून लागू राज्यों पर छोड़ने का प्रपोजल

सरकार रख सकती है कृषि कानून लागू राज्यों पर छोड़ने का प्रपोजल

सरकार रख सकती है कृषि कानून लागू राज्यों पर छोड़ने का प्रपोजल
Image source: Twitter @ani 

नई दिल्ली: किसान आंदोलन का आज 44वां दिन है और आज सरकार के साथ 9वीं बार किसानों की मीटिंग होगी। हालांकि किसानों का स्टैंड इस बार क्लियर है और उनकी मांग भी क्लियर है कि तीनों कृषि कानून रद्द हों और MSP पर अलग कानून बने। अपनी मांगों को लेकर अड़े किसानों ने गुरुवार को दिल्ली के चारों तरफ ट्रैक्टर मार्च निकालकर ताकत दिखाई थी।

राज्यों पर छोड़ा जा सकता है कानून लागू करने का फैसला

अनुमान लगाया जा रहा है कि कृषि कानूनों को लागू करने का फैसला अब केंद्र राज्य सरकारों पर छोड़ा जा सकता है। हालांकि इस बारे में डेरा नानकसर के मुखी बाबा लक्खा सिंह ने कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर से गुरुवार को एक मीडिएटर के तौर पर मुलाकात की थी जिसके बाद सूत्रों का कहना है कि केंद्रीय मंत्री ने बाबा लक्खा सिंह को बताया कि सरकार अब एक प्रस्ताव तैयार कर रही है। जिसमें राज्य सरकारों को कृषि कानून लागू करने या ना करने की छूट दी जाएगी।

किसान की सहमति पर खत्म हो सकता है आंदोलन

चर्चाएं हैं कि आज की बैठक में केंद्र सरकार किसानों के सामने इस प्रस्ताव का खुलासा कर सकती है। वहीं अगर किसान इस पर सहमति जताते हैं तो आंदोलन खत्म हो सकता है।

पंजाब भाजपा के नेता अमित शाह से मिले

पंजाब में भाजपा नेताओं के घेराव और हमले को लेकर पूर्व मंत्री सुरजीत सिंह ज्याणी और हरजीत सिंह ग्रेवाल ने गुरुवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की बिगड़ती कानून व्यवस्था पर चिंता जताई। पहले प्रदेश भाजपा अध्यक्ष अश्विनी शर्मा पर हमला हुआ, फिर पूर्व मंत्री तीक्ष्ण सूद के घर पर लोगों ने ट्रॉली भर गोबर फेंक दिया था।

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