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विदिशा में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान से किसानों की मांग: सोयाबीन की कीमत 6 हजार रुपए करने को लेकर सौंपा ज्ञापन

Shivraj Singh Chauhan: केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान रविवार को विदिशा जिले के दौरे पर थे। कृषि मंत्री बनने के बाद पहली बार शिवराज विदिशा पहुंचे थे।

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Rohit Sahu
विदिशा में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान से किसानों की मांग: सोयाबीन की कीमत 6 हजार रुपए करने को लेकर सौंपा ज्ञापन

Shivraj Singh Chauhan: केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान रविवार को विदिशा जिले के दौरे पर थे। कृषि मंत्री बनने के बाद पहली बार शिवराज विदिशा पहुंचे थे। इस दौरान किसानों ने शिवराज सिंह चौहान से सोयाबीन की कीमत बढ़ाने की मांग की। फिलहाल सोयाबीन का समर्थन मुल्य 4,892 रुपए है। जिसे बढ़ाकर 6000 रुपए करने की मांग किसान कर रहे हैं। इसी संबंध में किसानों ने शिवराज सिंह चौहान को ज्ञापन सौंपा है।

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सोयाबीन की कीमत बढ़ाने को लेकर आज से आंदोलन शुरू

रविवार से पूरे प्रदेश में किसानों का आंदोलन शुरू हो गया है। किसानों का आरोप है कि पिछले 10 सालों से सोयाबीन की कीमतें न्यूनतम स्तर पर हैं। इस मुद्दे को लेकर किसानों में काफी आक्रोश है और वे उचित मूल्य की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। खास बात यह है कि आंदोलन के लिए किसान संगठनों ने मोर्चा बनाया है और चरणबद्ध आंदोलन की घोषणा की है।

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10 साल पुराने दाम पर सोयाबीन बेचता है किसान

सोयाबीन की फसलों के दाम में भारी गिरावट के कारण किसानों को 10 साल पुराने दामों पर बेचना पड़ रहा है, जिससे उन्हें काफी नुकसान हो रहा है। किसानों का कहना है कि सीजन की शुरुआत में सोयाबीन की कीमत 6200 से 6500 रुपये प्रति क्विंटल थी, लेकिन अब मंडी में सोयाबीन 4000 से 4200 रुपये प्रति क्विंटल बिक रहा है। इस गिरावट से किसानों को पहले के मुकाबले प्रति क्विंटल कम से कम दो हजार रुपये का नुकसान हो रहा है।

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7 सितंबर तक चलेगा किसानों का आंदोलन

किसानों ने सोयाबीन की उचित कीमत की मांग को लेकर आंदोलन शुरू किया है, जिसे गांव-गांव तक पहुंचाने के लिए ग्राम पंचायत स्तर से शुरुआत की गई है। किसान संगठन पिछले कई महीनों से सोशल मीडिया पर सक्रिय हैं और प्रदेश के तमाम किसान संगठनों ने मोर्चा बनाकर बड़े आंदोलन की तैयारी की है। आंदोलन के पहले चरण में, 5,000 चुने हुए गांवों में ग्राम पंचायत सचिव को मुख्यमंत्री के नाम का ज्ञापन सौंपा जाएगा। अन्य गांवों में भी आंदोलन को पहुंचाने के लिए संयुक्त किसान मोर्चा की टोलियां बनाई गई हैं। यह आंदोलन फिलहाल 7 सितंबर तक ग्राम पंचायत स्तर पर चलेगा।

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