EPFO Insurance Scheme: PF खाताधारकों के लिए खुशखबरी, मिल रहा है 7 लाख का फ्री बीमा, जानिए कैसे मिलेगा फायदा

EPFO Insurance Scheme: अगर आपका EPF (कर्मचारी भविष्य निधि) खाता है, तो आप न केवल बचत और पेंशन के हकदार हैं, बल्कि ₹7 लाख तक के मुफ्त बीमा कवर के भी पात्र हैं।

EPFO Insurance Scheme: PF खाताधारकों के लिए खुशखबरी, मिल रहा है 7 लाख का फ्री बीमा, जानिए कैसे मिलेगा फायदा

EPFO Insurance Scheme: अगर आपका EPF (कर्मचारी भविष्य निधि) खाता है, तो आप न केवल बचत और पेंशन के हकदार हैं, बल्कि ₹7 लाख तक के मुफ्त बीमा कवर के भी पात्र हैं। यह सुविधा EPFO की “इम्प्लॉयी डिपॉजिट लिंक्ड इंश्योरेंस (EDLI)” स्कीम के तहत मिलती है। इस योजना की खास बात यह है कि इसके लिए कर्मचारी को **कोई प्रीमियम नहीं देना पड़ता**, पूरा बीमा योगदान कंपनी यानी नियोक्ता की तरफ से किया जाता है।

क्या है EDLI स्कीम?

[caption id="" align="alignnone" width="1920"]क्या है EDLI स्कीम? क्या है EDLI स्कीम?[/caption]

EDLI (Employees’ Deposit Linked Insurance) स्कीम, EPFO द्वारा दी जाने वाली एक जीवन बीमा पॉलिसी है, जो हर सक्रिय EPF सदस्य को स्वचालित रूप से कवर करती है। यह योजना EPF (Provident Fund) और EPS (Pension Scheme) के साथ तीसरा प्रमुख लाभ है। जब तक आपका PF खाता सक्रिय है, आप इस बीमा के दायरे में हैं। नियोक्ता आपकी बेसिक सैलरी + डीए का 0.5% हर महीने EDLI स्कीम में जमा करता है। कर्मचारी के वेतन से इसके लिए कोई कटौती नहीं होती, यानी यह बीमा पूरी तरह से मुफ्त है।

कब मिलता है बीमा क्लेम?

अगर किसी कर्मचारी की नौकरी के दौरान मृत्यु हो जाती है चाहे वह कार्यस्थल पर हो या छुट्टी पर तो उसके परिवार या नामांकित व्यक्ति को यह बीमा राशि दी जाती है। इस योजना के तहत न्यूनतम बीमा राशि ₹2.5 लाख और अधिकतम ₹7 लाख तक होती है। यह रकम कर्मचारी के पिछले 12 महीनों की औसत सैलरी और PF बैलेंस पर निर्भर करती है। यह सुविधा स्थायी, कॉन्ट्रैक्ट या टेंपरेरी सभी कर्मचारियों को मिलती है, जिनका PF खाता है। हालांकि, यह स्कीम असम के चाय बागानों के कर्मचारियों पर लागू नहीं होती, क्योंकि उनके लिए अलग नियम हैं।

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कंपनी की जिम्मेदारी और नियम

EPFO ने इस स्कीम के तहत नियोक्ताओं पर सख्त जिम्मेदारी तय की है। कंपनी को हर महीने 0.5% योगदान समय पर जमा करना अनिवार्य है। ऐसा न करने पर 1% प्रति माह का जुर्माना लगाया जाता है, जो नियोक्ता को अपनी जेब से भरना होता है। अगर कंपनी गंभीर आर्थिक संकट से गुजर रही हो, तो जुर्माना घटाया या माफ किया जा सकता है। कर्मचारी की मृत्यु पर नॉमिनी या कानूनी उत्तराधिकारी को दावा करने का अधिकार है। दावा मिलने के **20 दिनों के भीतर बीमा राशि का भुगतान** करना अनिवार्य है।

कैसे तय होती है ₹7 लाख की रकम?

बीमा राशि की गणना इस फॉर्मूले से की जाती है:

(पिछले 12 महीनों का औसत वेतन × 35) + (PF बैलेंस का 50%)

औसत वेतन की अधिकतम सीमा ₹15,000 रखी गई है। PF बैलेंस वाले हिस्से की अधिकतम सीमा ₹1.75 लाख है।

इसलिए,₹15,000 × 35 = ₹5,25,000) + ₹1,75,000 = ₹7,00,000 यानी, कर्मचारी के परिवार को अधिकतम **₹7 लाख रुपये का बीमा कवर** मिल सकता है।

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