ग्वालियर में EOW की बड़ी कार्रवाई: नगर निमग के 4 अफसर समेत 5 पर FIR, जानें क्या है पूरा मामला

Gwalior Municipal Corporation Case: मध्यप्रदेश के ग्वालियर में नगर निगम के 4 अफसरों समेत 5 लोगों पर आर्थिक अपराध शाखा ने FIR की है।

Gwalior Municipal Corporation Case

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हाइलाइट्स

  • ईओडब्ल्यू ने नगर निगम अफसरों पर की FIR
  • सुलभ शौचालय विज्ञापन में 54 लाख घोटाला
  • दो अपर आयुक्त समेत पांच आरोपी 

Gwalior Municipal Corporation Case: मध्यप्रदेश के ग्वालियर में नगर निगम (Gwalior Municipal Corporation) के 4 अफसरों समेत 5 लोगों पर आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने FIR की है। इन पर नगर निगम को 54 लाख रुपए की आर्थिक क्षति पहुंचाने का आरोप है। ईओडडब्ल्यू ने यह कार्रवाई सुलभ शौचालय (Sulabh Shouchalaya) में विज्ञापन के मामले में कार्रवाई की है।

इन अफसरों पर हुई FIR

ग्वालियर नगर निगम के जिन चार अफसरों पर कार्रवाई हुई है, उनमें अपर आयुक्त राजेश श्रीवास्तव, अपर आयुक्त देवेंद्र पालिया, अधीक्षण यंत्री जेपी पारा और उपायुक्त सुनील सिंह चौहान शामिल हैं। वहीं, 5वां आरोपी दीपक एडवरटाइजिंग कंपनी का संचालक है। आरोप है कि दीपक एडवरटाइजिंग ने नगर निगम को 54 लाख रुपए की आर्थिक क्षति पहुंचाई।

EOW ग्वालियर का प्रेसनोट

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EOW ग्वालियर प्रेसनोट के मुताबिक ये मामला 2017 से 2021 के बीच का है। जिसमें दीपक एडवरटाइजर्स नामक विज्ञापन एजेंसी को अनुचित आर्थिक लाभ पहुंचाने के लिए अफसरों ने नगर निगम को आर्थिक नुकसान पहुंचाया है। इस करप्शन में विज्ञापन शाखा के स्टाफ सहित अपर आयुक्त स्तर के अधिकारी शामिल रहे। इस घोटाले की शिकायत एक व्यक्ति ने ईओडब्ल्यू में की थी।

शिकायत की जांच में ईओडब्ल्यू ने पाया गया कि नगर निगम ग्वालियर के 48 सार्वजनिक शौचालयों पर विज्ञापन के लिए 10 नवम्बर 2017 को निविदा आमंत्रित की गई थी, यह निविदा दीपक एडवरटाइजर्स को स्वीकृत की गई थी। आयुक्त नगर निगम ग्वालियर की ओर से तत्कालीन सीसीओ प्रदीप चतुर्वेदी एवं फर्म दीपक एडवरटाइजर्स की ओर से दीपक जेठवानी द्वारा अनुबंध किया गया था।

टेंडर में हेरफेरी, जोड़ी अलग से नई शर्त

नगर निगम और विज्ञापन एजेंसी के बीच हुए अनुबंध पत्र की शर्त क्रमांक 1 में नगर निगम ग्वालियर के 48 प्रमुख सार्वजनिक सुलभ शौचालयों और शर्त क्रमांक 10 में टेण्डर अवधि समाप्त होने पर निविदाकार को 5 प्रतिशत राशि बढ़ाकर आगामी वर्षों के लिए टेण्डर नवीनीकरण किये जाने का उल्लेख कूटरचित है। जबकि मेयर-इन-काउंसिल के संकल्प क्रमांक 582 में उक्त शर्तों का कोई उल्लेख नहीं है।

विज्ञापन एजेंसी को लाभ पहुंचाने समितियों का गोलमाल

जांच में सामने आया कि विज्ञापन एजेंसी द्वारा किए गए विज्ञापन की देय राशि का निर्धारण करने के लिए ग्वालियर नगर निगम ने कई बार अलग-अलग समितियां गठित की, जिन्होंने विज्ञापन एजेंसी के संचालक दीपक जेठवानी को आर्थिक लाभ देने के उद्देश्य से नियम विरुद्ध तरीके से सिर्फ 38 सार्वजनिक शौचालयों एवं मूत्रालयों पर होर्डिंग्स पर विज्ञापन पर देय राशि का अपने हिसाब से निर्धारण किया।

निगम को 54 लाख रुपए का चूना लगाया

05 दिसंबर 2020 को एक समिति ने दीपक एडवरटाइजर्स के लिए 48,85 272/ रुपए और अन्य समिति द्वारा 11 दिसंबर 2021 को विज्ञापन की देय राशि की गणना 18.56,942 रुपए की गई, जबकि वास्तव में 36 माह की अवधि के अनुसार 48 सार्वजनिक शौचालयों के विज्ञापन देय राशि 72,57,600 रुपए होती है, लेकिन इन सबने मिलकर शासन को करीब 54.00.658 रुपए की आर्थिक क्षति पहुंचाई।

दो अपर आयुक्त, अधीक्षण यंत्री, उपायुक्त सहित अन्य पर केस

ईओडब्ल्यू ने कहा इस कृत्य को प्रथम दृष्टया आपराधिक पाते हुए आरोपी सीसीओ प्रदीप चतुर्वेदी की मृत्यु हो जाने से शेष अन्य सहायक नोडल अधिकारी शशिकांत शुक्ला, सहायक लिपिक मदन पालिया आउटसोर्स कर्मचारी धर्मेन्द्र शर्मा, अपर आयुक्त राजेश श्रीवास्तव, अपर आयुक्त वित्त देवेन्द्र पालिया, अधीक्षण यंत्री जेपी पारा, उपायुक्त विज्ञापन सुनील सिंह चौहान एवं फर्म दीपक एडवरटाइजर्स के संचालक दीपक जेठवानी व अन्य के विरुद्ध धारा 420, 409, 467, 468, 120 बी भा.द.वि. एवं धारा 7 (ए), 13 (1) क सहपठित धारा 13(2) भ्र.नि.अ. 1988 संशोधित अधिनियम 2018 का अपराध ईओडब्ल्यू ‌द्वारा पंजीबद्ध किया गया है।

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