महादेव सट्टा मामला: EOW को भीमसिंह यादव और अमित अग्रवाल की मिली रिमांड, 2 मई को नी​तीश दीवान की कोर्ट में होगी पेशी

Mahadev Satta App Case: महादेव सट्टा एप मामले में EOW को आरोपी भीमसिंह यादव और अमित अग्रवाल की रिमांड मिल गई है.

महादेव सट्टा मामला: EOW को भीमसिंह यादव और अमित अग्रवाल की मिली रिमांड, 2 मई को नी​तीश दीवान की कोर्ट में होगी पेशी

   हाइलाइट्स

  • आरोपी भीमसिंह यादव और अमित अग्रवाल की मिली रिमांड
    कोर्ट ने 4 मई तक दोनों को EOW को सौंपा
    EOW ने दोनों आरोपियों की मांगी थी 14 दिन की रिमांड

Mahadev Satta App Case:महादेव सट्टा एप मामले में EOW को आरोपी भीमसिंह यादव और अमित अग्रवाल की रिमांड मिल गई है. रायपुर की कोर्ट ने दोनों को 4 मई तक EOW को सौंप दिया है. EOW ने दोनों आरोपियों की  14 दिन की रिमांड मांगी थी. नीतीश दीवान को प्रोडक्शन वारंट पर EOW ने आवेदन लगाया था. विशेष कोर्ट ने EOW के आवेदन को मंजूर कर लिया है. अब कल यानी 2 मई को नी​तीश दीवान की कोर्ट में पेशी होगी. खबर है कि EOW नी​तीश दीवान की भी रिमांड मांगेगा.

   कौन है नी​तीश दीवान ?

नीतीश दीवान (Mahadev Satta App Case) पर आइफा अवॉर्ड में महादेव की स्‍पॉन्‍सरशिप में बड़ी भूमिका निभाने का आरोप है. जानकारी के अनुसार नीतीश महादेव सट्टा ऐप की पैनल ऑपरेटर टीम में था. वह 2 साल दुबई में रहा. नीतीश ने दुबई में कई प्रॉपर्टी  खरीदी है. बताया ये भी जा रहा है  कि महादेव ऐप के पैसों को क्रिप्‍टो  करेंसी में भी  इन्‍वेस्‍ट किया है.

   क्या है महादेव सट्टा मामला ?

सट्टा रहेगा जारी! सरकार ने लगाया बैन तो महादेव ऐप ने निकाला नया रास्ता | mahadev app changed his domen id and password will be same after government and ed action |

भिलाई के रहने वाले एक जूस शॉप के मालिक ने महादेव सट्‌टा ऐप की शुरुआत कुछ साल पहले की थी. जो आज प्रदेश का सबसे बड़ा पॉलिटिकल केस बन चुका है. ED ने इसमें अफसर से लेकर नेताओं तक के शामिल हाेने की बात की है. महादेव सट्टा मामले में ED के प्रतिवेदन पर EOW ने मार्च में ही साजिश, जालसाजी और भ्रष्टाचार का केस दर्ज किया है. ऐप के प्रमोटर सौरभ चंद्राकर, रवि उप्पल और शुभम सोनी के साथ अज्ञात पुलिस अधिकारियों पर भी एफआईआर दर्ज की गई है.

भूपेश बघेल समेत 21 लोगों के खिलाफ एफआईआर

[caption id="" align="alignnone" width="605"]publive-image पूर्व सीएम भूपेश बघेल[/caption]

बता दें कि EOW और ACB विंग ने महादेव ऐप के मालिकों से 508 करोड़ रुपये प्रोटेक्शन मनी लेने के मामले में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल समेत 21 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है. EOW ने ये एफआईआर प्रिवेंशन ऑफ करप्शन एक्‍ट के तहत दर्ज की है. इसमें बघेल पर धोखाधड़ी, आपराधिक साजिश, विश्वासघात और जालसाजी से संबंधित विभिन्न धाराओं और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 और 11 के तहत आरोप लगाया गया है.

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