Career in Engineering: इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग में ऐसे बनाएं करियर, यहां देखें डिटेल

Career in Engineering: इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग में करियर बनाने के लिए आपको बीटेक करना होगा।

Career in Engineering: इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग में ऐसे बनाएं करियर, यहां देखें डिटेल

Career in Engineering: इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग में करियर बनाने के लिए आपको बीटेक करना होगा और साइंस विषय से 12वीं करनी होगी। इस कोर्स के बाद आप टेलीकॉम और सॉफ्टवेयर इंडस्ट्री दोनों में नौकरी कर सकते हैं।

इस कोर्स में आपको इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसेज, सर्किट्स, ट्रांसमीटर, रिसीवर, इंटीग्रेटेड सर्किट्स जैसे कम्युनिकेशन इक्विपमेंट्स के अलावा, बेसिक इलेक्ट्रॉनिक्स, एनालॉग और डिजिटल ट्रांसमिशंस, डाटा-रिसेप्शन, माइक्रोप्रोसेसर्स, सैटेलाइट कम्युनिकेशन, माइक्रोवेव इंजीनियरिंग, एंटीना और वेव प्रोग्रेशन आदि की जानकारी मिलेगी।

इस फील्ड में चाहिए ये स्किल्स

इस फील्ड में सफल होने के लिए आपको प्रॉब्लम-सॉल्विंग के गुण होने बहुत आवश्यक हैं। साथ ही, सूचनाओं को सटीक, संक्षिप्त और असरदार ढंग से पेश करने में माहिर होना जरूरी है।

सही और गलत फैक्ट्स की जानकारी होनी चाहिए। इसके साथ ही, आपके पास जिज्ञासु दिमाग होना चाहिए और आप आलोचना को स्वीकार करके उस पर काम करने की इच्छा जाहिर करें ।

नौकरी के ऑप्शन

आपको इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग में स्पेशलाइजेशन करने के लिए कई विकल्प मिलेंगे जैसे कि सिग्नल प्रोसेसिंग, टेलीकम्युनिकेशन इंजीनियरिंग, कंट्रोल इंजीनियरिंग, इंस्ट्रूमेंटेशन इंजीनियरिंग, कंप्यूटर इंजीनियरिंग और वीएलएसआई डिजाइन इंजीनियरिंग ।

सिग्नल प्रोसेसिंग इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसमें सिग्नल्स को एनालाइज़ और मॉडिफाई किया जाता है। सिग्नल प्रोसेसिंग में विभिन्न तकनीकों का उपयोग करके सिग्नल्स को सुधारने, फ़िल्टर करने, और एनालाइज़ करने के लिए किया जाता है।

सिग्नल प्रोसेसिंग के कुछ मुख्य क्षेत्र हैं:

एनालॉग सिग्नल प्रोसेसिंग: इसमें एनालॉग सिग्नल्स को प्रोसेस करने के लिए सर्किट्स और डिवाइसेज़ का उपयोग किया जाता है।

डिजिटल सिग्नल प्रोसेसिंग: इसमें डिजिटल सिग्नल्स को प्रोसेस करने के लिए एल्गोरिदम और कंप्यूटर प्रोग्राम्स का उपयोग किया जाता है।

स्पेक्ट्रल एनालिसिस: इसमें सिग्नल्स के फ़्रीक्वेंसी स्पेक्ट्रम का विश्लेषण किया जाता है।

फ़िल्टर डिज़ाइन: इसमें सिग्नल्स को फ़िल्टर करने के लिए फ़िल्टर्स का डिज़ाइन किया जाता है।

सिग्नल प्रोसेसिंग के अनुप्रयोग विभिन्न क्षेत्रों में हैं, जैसे कि:

ऑडियो प्रोसेसिंग

इमेज प्रोसेसिंग

वीडियो प्रोसेसिंग

टेलीकम्युनिकेशन

मेडिकल इमेजिंग

सोनार और रडार प्रोसेसिंग

सिग्नल प्रोसेसिंग में करियर बनाने के लिए आपको सिग्नल प्रोसेसिंग के सिद्धांतों, एल्गोरिदम, और तकनीकों की गहरी समझ होनी चाहिए। इसके अलावा, आपको प्रोग्रामिंग भाषाओं जैसे कि मैटलैब, पाइथन, और सी++ का ज्ञान होना चाहिए।

टेलीकम्युनिकेशन इंजीनियरिंग इलेक्ट्रॉनिक्स विभिन्न क्षेत्रों में हैं, जैसे कि:

टेलीकम्युनिकेशन इंजीनियरिंग इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग की एक शाखा है जिसमें सूचनाओं के प्रसारण और प्राप्ति के लिए तकनीकों और प्रणालियों का डिज़ाइन, विकास और अनुप्रयोग शामिल है। टेलीकम्युनिकेशन इंजीनियरिंग में विभिन्न प्रकार के संचार प्रणालियों का अध्ययन किया जाता है, जैसे कि:

वायरलेस कम्युनिकेशन (मोबाइल फ़ोन, वाई-फ़ाई, ब्लूटूथ आदि)

वायर्ड कम्युनिकेशन (टेलीफ़ोन, इंटरनेट आदि)

सैटेलाइट कम्युनिकेशन

ऑप्टिकल कम्युनिकेशन (फ़ाइबर ऑप्टिक्स आदि)

टेलीकम्युनिकेशन इंजीनियरिंग में करियर बनाने के लिए आपको निम्नलिखित क्षेत्रों में ज्ञान और कौशल होना चाहिए:

संचार प्रणालियों के सिद्धांत और डिज़ाइन

सिग्नल प्रोसेसिंग और एनालिसिस

नेटवर्किंग और प्रोटोकॉल

वायरलेस और वायर्ड कम्युनिकेशन तकनीकें

सैटेलाइट और ऑप्टिकल कम्युनिकेशन

प्रोग्रामिंग भाषाएँ जैसे कि पाइथन, सी++, मैटलैब आदि

टेलीकम्युनिकेशन इंजीनियरिंग में करियर के अवसर विभिन्न क्षेत्रों में हैं, जैसे कि:

टेलीकॉम कंपनियाँ

नेटवर्किंग और साइबर सिक्योरिटी कंपनियाँ

सैटेलाइट और स्पेस एजेंसियाँ

वायरलेस और मोबाइल डिवाइस कंपनियाँ

शोध और विकास संस्थान

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