RGPV Scam: 476 करोड़ के आरजीपीवी घोटाले में ED की एंट्री, मनी लॉड्रिंग के एंगल से हो रही जांच, कई नेता- अफसर भी संदिग्ध

RGPV Scam: 476 करोड़ के आरजीपीवी घोटाले में ED की एंट्री, मनी लॉड्रिंग के एंगल से हो रही जांच, कई नेता- अफसर भी संदिग्ध

RGPV Scam

RGPV Scam: मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल के राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (RGPV) में हुए एफडी घोटाले (FD Scams) की परतें खुलने लगी हैं। 19 करोड़ 48 लाख रुपए की जांच में ईडी की एंट्री के बाद घोटाले में हैरान कर देने वाला आंकड़ा सामने आया है।

जानकारी के मुताबिक, आरजीपीवी (RGPV Scam) में कुल 476 करोड़ रुपए का घोटाला हुआ है। यह गड़बड़झाला संस्थान में पिछले 10 साल से चल रहा था। इसमें यूनिवर्सिटी के कई पूर्व अफसरों और कर्मचारियों की भूमिका सामने आई है। इसलिए उन पर भी कार्रवाई की तलवार लटक गई है। मामले में जब से ईडी की एंट्री हुई है घोटाले का आंकड़ा बढ़कर 476 करोड़ रुपए हो गया है। ईडी अब ठंडे दिमाग से मामले की हर एंगल से जांच का मन बना चुकी है। इसमें अब मनी लॉड्रिंग को लेकर भी जांच की जाएगी।

पूर्व अफसरों- कर्मचारियों पर ईडी का शिकंजा

सूत्र बताते हैं कि ईडी की शुरुआत पड़ताल में समाने आया है कि आरजीपीवी के घोटाले (RGPV Scam) में एफडी ही नहीं अलग-अलग मदों में बड़े स्तर पर गड़बड़ी की गई है। इसमें अब कुछ नेताओं और पूर्व अफसरों के नाम सामने आए हैं। मामले में ईडी ने आरजीपीवी के पूर्व अधिका​री-कर्मचारियों पर शिकंजा कस दिया है। उनके ठिकानों से दस्तावेज खंगाले जा रहे हैं।

आठ स्थानों पर ED की रेड

RGPV घोटाले (RGPV Scam) में 2 सितंबर, सोमवार को ईडी की एंट्री हुई है। एक अफसर ने बताया, जांच एजेंसी लंबे समय से इस मामले पर नजरें गड़ाए हुए थी। सटीक सूचनाओं के बाद ईडी की तीन टीमों ने भोपाल, नर्मदापुरम क्षेत्र के पिपरिया और सोहागपुर में आठ जगह पर सर्चिंग की है। इसमें भी FD घोटाले से जुड़ी कई अहम जानकारियां मिली हैं। इसके अलावा आधा सैकड़ा से ज्यादा लोग जांच की जद में आए हैं। उनकी जांच की जा रही है।

पूर्व रजिस्ट्रार और वीसी के यहां रेड

ईडी ने आरजीपीवी के निलंबित रजिस्ट्रार आरएस राजपूत और पूर्व कुलपति प्रो. सुनील कुमार के निवास पर दबिश दी है। इसके बाद ईडी ने दस्तावेज जब्त कर घोटाले से जुड़े लोगों से गहन पूछताछ की है। ईडी की टीम ने पूर्व फाइनेंस कंट्रोलर के यहां भी सर्चिंग की है।

बताते हैं फाइनेंस कंट्रोलर ने आरजीपीवी के 19.48 करोड़ रुपए निजी खाते में ट्रांसफर कराए गए हैं। इस केस में तत्कालीन रजिस्ट्रार आरएस राजपूत के साथ तत्कालीन कुलपति प्रो.सुनील कुमार, बैंक अधिकारी कुमार मयंक, तत्कालीन फाइनेंस कंट्रोलर ऋषिकेश वर्मा के खिलाफ भोपाल के गांधीनगर थाने में FIR दर्ज है।

अफसरों ने निजी अकाउंट्स को RGPV का बताया

RGPV के खाते से 19 करोड़ 48 लाख रुपए ट्रांसफर करने के लिए नोटशीट में गलत जानकारी लिखने का आरोप है। दलित संघ सोहागपुर और कुमार मयंक के निजी बैंक खातों को नोटशीट में RGPV का अकाउंट दर्शाया गया था। इसकी नोटशीट आरएस राजपूत ने बनवाई थी। यह बात का खुलासा घोटाले (RGPV Scam) की जांच रिपोर्ट में हुआ है। इसके बाद ईडी की टीम ने सोहागपुर में रेड डालकर जानकारियां जुटाई हैं।

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