ईडी ने फर्जी टीईडी दावे के मामले में 20.26 करोड़ रूपये का एफडी कुर्क किया

नयी दिल्ली, आठ जनवरी (भाषा) प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शुक्रवार को कहा कि ‘टर्मिनल’ उत्पाद शुल्क (टीईडी) के कथित फर्जी रिफंड दावे के मामले से संबंधित धनशोधन जांच के सिलसिले में गुजरात की एक कंपनी की 20 करोड़ रूपये की सावधि जमा (एफडी) कुर्क कर ली गयी है।

केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की गांधीनगर इकाई ने क्रिस्टिल क्रॉप प्रोटेक्शन प्राइवेट लिमिटेड (सीसीपीएल), उसके निदेशकों- नंद किशोर अग्रवाल, अंकुर अग्रवाल और मोहित कुमार गोयल एवं अहमदाबाद में तैनात विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) के तत्कालीन संयुक्त निदेशक ए के सिंह पर संबंधित लोक सेवक की लीभगत से सरकारी खजाने के साथ 20.26 करोड़ रूपये की धोखाधड़ी करने को लेकर मामला दर्ज किया था।

ईडी ने उसी प्राथमिकी के आधार पर आरोपियों के विरूद्ध धनशोधन रोकथाम अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत आपराधिक मामला दर्ज किया।

ईडी ने एक बयान में कहा, ‘‘ सीसीपीएल ने एक निर्यातक से मुफ्त आयात अधिकृत लाइसेंस (डीएफआईए) खरीदा और जम्मू की कंपनी मॉडर्न पेपर्स से कीटनाशक की स्थानीय खरीद के लिए टर्मिनल उत्पाद शुल्क के रिफंड का दावा करने के लिए उसका इस्तेमाल किया। ’’

उसने कहा, ‘‘ जांच में पाया गया कि डीएफआईए लाइसेंस से उन्हें स्थानीय खरीद के मामले में टर्मिनल उत्पाद शुल्क के रिफंड के दावे का अधिकार मिल गया। हालांकि सीसीपीएल ने जम्मू की इकाई से चीजें खरीदी थीं और उस जींस पर उत्पाद शुल्क की छूट थी, इसलिए उसमें भुगतान एवं टीईडी के रिफंड का अधिकार नहीं बनता था। ’’

उसने कहा कि सीसीपीएल ने ऐसी वस्तुओं पर टीईडी के रिफंड का दावा किया था जिन्हें डीजीएफटी के अग्रिम रिलीज आदेश के जारी होने से पहले खरीदा गया था।

उसने कहा, ‘‘ इस प्रकार, फर्जी दावा करके सीसीपीएल ने डीजीएफटी, अहमदाबाद से 20.26 करोड़ रूपये का टीईडी रिफंड प्राप्त किया।’’

ईडी का कहना है कि रिफंड की रकम पहले ही सीसीपीएल द्वारा किया जा चुका है, इसलिए 20.26 करोड़ रूपये की सावधि जमा अंतरिम रूप से कुर्क की गयी है।

भाषा

राजकुमार अविनाश

अविनाश

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