/bansal-news/media/post_attachments/wp-content/uploads/2024/06/bhukam.jpg)
दिसपुर। असम की धरती एक बार फिर भूकंप (Earthquake In Assam) के के झटकों से हिल उठी। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के अनुसार रिक्टर पैमाने पर 3.0 तीव्रता का भूकंप आया। राज्य स्थित नागांव में सुबह 7 बजकर 5 बजे भूकंप के झटके आए. हालांकि इससे जान और माल के नुकसान की कोई सूचना नहीं है।
https://twitter.com/ANI/status/1391577309996408832
28 अप्रैल को आया था भूकंप
28 अप्रैल को राज्य में सुबह आठ बजकर तीन मिनट, आठ बजकर 13 मिनट, आठ बजकर 25 मिनट, आठ बजकर 44 मिनट पर 4.7, 4 और दो बार 3.6 तीव्रता के भूकंप के झटके महसूस किए गए। असम में मुख्यत: तेजपुर के मध्य और पश्चिमी शहरों, नगांव, गुवाहाटी, मंगलदोई, ढेकियाजुली और मोरीगांव में इमारतों तथा अन्य ढांचों को व्यापक नुकसान पहुंचने की खबरें थीं।
क्यों आता है भूकंप?
धरती मुख्य तौर पर चार परतों से बनी हुई है, इनर कोर, आउटर कोर, मैनटल और क्रस्ट। क्रस्ट और ऊपरी मैन्टल को लिथोस्फेयर कहते हैं। ये 50 किलोमीटर की मोटी परत, वर्गों में बंटी हुई है, जिन्हें टैकटोनिक प्लेट्स कहा जाता है। ये टैकटोनिक प्लेट्स अपनी जगह से हिलती रहती हैं लेकिन जब ये बहुत ज्यादा हिल जाती हैं, तो भूकंप आ जाता है। ये प्लेट्स क्षैतिज और ऊर्ध्वाधर, दोनों ही तरह से अपनी जगह से हिल सकती हैं। इसके बाद वे अपनी जगह तलाशती हैं और ऐसे में एक प्लेट दूसरी के नीचे आ जाती है।
ऐसे करें बचाव
-सुरक्षित स्थान पर भूकंपरोधी भवन का निर्माण कराएं।
-समय-समय पर आपदा प्रबंधन का प्रशिक्षण लें व पूर्वाभ्यास करें।
-आपदा की किट बनाएं जिसमें रेडियो, जरूरी कागज, मोबाइल,टार्च, माचिस, मोमबत्ती, चप्पल, कुछ रुपये व जरूरी दवाएं रखें।
-संतुलन बनाए रखने के लिए फर्नीचर को कस पकड़ लें। लिफ्ट का प्रयोग कतई न करें।
-खुले स्थान पर पेड़ व बिजली की लाइनों से दूर रहें।
/bansal-news/media/agency_attachments/2025/12/01/2025-12-01t081847077z-new-bansal-logo-2025-12-01-13-48-47.png)
Follow Us