Earthquake: सुबह-सुबह 5.3 तीव्रता वाले भूकंप से सहमी राजधानी, पास के इलाकों में भी लगे झटके

अफगानिस्तान। अफगानिस्तान (Afghanistan) की राजधानी काबुल (Kabul) में शुक्रवार तड़के भूकंप (Earthquake) के झटके महसूस किए गए। रिक्टर पैमाने पर भूकंप की तीव्रता 5.3 रही। नेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी (National Center for Seismology) के मुताबिक, आज सुबह 4:34 बजे भूकंप के झटके से काबुल के उत्तर में धरती कांपी. भूकंप के इन झटकों से अभी तक किसी तरह के जान-माल के नुकसान की खबर नहीं है।

गुरुवार को ही भारत के महाराष्ट्र के पालघर जिले में 3.7 तीव्रता का भूकंप महसूस किया गया, लेकिन इससे किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। जिला आपदा प्रबंधन प्रकोष्ठ के प्रमुख विवेकानंद कदम ने बताया कि दोपहर 12 बजे से महज कुछ मिनट पहले डहाणु के 25 किलोमीटर पूर्व में भूकंप महसूस किया गया। अधिकारी ने बताया कि भूकंप से किसी के हताहत होने या किसी संपत्ति को नुकसान पहुंचने की सूचना नहीं है।

क्यों आता है भूकंप?

पृथ्वी कई लेयर में बंटी होती है और जमीन के नीचे कई तरह की प्लेट होती है। ये प्लेट्स आपस में फंसी रहती हैं, लेकिन कभी-कभी ये प्लेट्स खिसक जाती है, जिस वजह से भूकंप आता है। कई बार इससे ज्यादा कंपन हो जाता है और इसकी तीव्रता बढ़ जाती है, इससे धरती पर कई जलजले भी आ चुके हैं। भारत में भूकंप पृथ्वी के भीतर की परतों में होने वाली भोगौलिक हलचल के आधार पर कुछ जोन निर्धारित किए गए हैं और कुछ जगह यह ज्यादा होती है तो कुछ जगह कम। इन संभावनाओं के आधार पर भारत को 5 जोन बांटा गया है, जो बताता है कि भारत में कहां सबसे ज्यादा भूकंप आने का खतरा रहता है। इसमें जोन-5 में सबसे ज्यादा भूकंप आने की संभावना रहती है और 4 में उससे कम, 3 उससे कम होती है।

भूकंप आने पर क्या करें क्या न करें
भूकंप आने के वक्त यदि आप घर से बाहर हैं तो ऊंची इमारतों, बिजली के खंभों आदि से दूर रहें। जब तक झटके खत्म न हों, बाहर ही रहें। चलती गाड़ी में होने पर जल्द गाड़ी रोक लें और गाड़ी में ही बैठे रहें। ऐसे पुल या सड़क पर जाने से बचें, जिन्हें भूकंप से नुकसान पहुंचा हो। भूकंप आने के वक्त यदि आप घर में हैं तो फर्श पर बैठ जाएं। मज़बूत टेबल या किसी फर्नीचर के नीचे पनाह लें। टेबल न होने पर हाथ से चेहरे और सिर को ढक लें। घर के किसी कोने में चले जाएं और कांच, खिड़कियों, दरवाज़ों और दीवारों से दूर रहें। बिस्तर पर हैं तो लेटे रहें, तकिये से सिर ढक लें। आसपास भारी फर्नीचर हो तो उससे दूर रहें। लिफ्ट का इस्तेमाल करने से बचें, पेंडुलम की तरह हिलकर दीवार से टकरा सकती है लिफ्ट और बिजली जाने से भी रुक सकती है लिफ्ट। कमज़ोर सीढ़ियों का इस्तेमाल न करें, आमतौर पर इमारतों में बनी सीढ़ियां मज़बूत नहीं होतीं। झटके आने तक घर के अंदर ही रहें और झटके रुकने के बाद ही बाहर निकलें।

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