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Earthquake in Himachal: फिर भूकंप के झटकों से कांगड़ा की धरती हिली, रिक्टर स्केल पर मापी गई 3.5 तीव्रता

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Shreya Bhatia
Earthquake: 24 घंटे में दो बार भूकंप के झटके से दहला राज्य, रिक्टर स्केल पर 5.3 मापी गई तीव्रता

शिमला। हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में शुक्रवार तड़के करीब तीन बजे भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं। हालांकि, गहरी नींद में होने के चलते लोगों को भूकंप का अहसास नहीं हुआ। मौसम विभाग के शिमला केंद्र के अनुसार, रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 3.5 मापी गई है। फिलहाल कहीं से किसी भी तरह के नुकसान की खबर नहीं है।

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8 मार्च को भी आया था भूकंप
हिमाचल प्रदेश में बीते माह आठ मार्च 2021 को भी चंबा जिले में भूकंप आया था. इस दौरान भूकंप की तीव्रता 3.6 रिक्टर स्केल मापी गई थी। इसके अलावा, किन्नौर में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए थे।

चंबा में आते हैं सबसे अधिक भूकंप
हिमाचल में सबसे अधिक भूकंप चंबा जिले में आते हैं। इसके बाद किन्नौर, शिमला, बिलासपुर और मंडी संवेदनशील जोन में हैं। शिमला जिले को लेकर भी चेतावनी दी गई थी कि यह शहर भूकंप जैसी आपदा के लिए तैयार नहीं है। इसके अलावा किन्नौर में 1975 में बड़ा भूकंप आ चुका है। वहीं, कांगड़ा में 1905 में भूकंप आया था, जिसमें 20 हजार लोगों की जान गई थी।

क्यों आता है भूकंप?

पृथ्वी कई लेयर में बंटी होती है और जमीन के नीचे कई तरह की प्लेट होती है. ये प्लेट्स आपस में फंसी रहती हैं, लेकिन कभी-कभी ये प्लेट्स खिसक जाती है, जिस वजह से भूकंप आता है. कई बार इससे ज्यादा कंपन हो जाता है और इसकी तीव्रता बढ़ जाती है, इससे धरती पर कई जलजले भी आ चुके हैं. भारत में भूकंप पृथ्वी के भीतर की परतों में होने वाली भोगौलिक हलचल के आधार पर कुछ जोन निर्धारित किए गए हैं और कुछ जगह यह ज्यादा होती है तो कुछ जगह कम. इन संभावनाओं के आधार पर भारत को 5 जोन बांटा गया है, जो बताता है कि भारत में कहां सबसे ज्यादा भूकंप आने का खतरा रहता है. इसमें जोन-5 में सबसे ज्यादा भूकंप आने की संभावना रहती है और 4 में उससे कम, 3 उससे कम होती है.

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