Earth Hour Day 2023: क्या है अर्थ आवर, जिसकी वजह से इस दिन एक घंटे तक पूरी दुनिया में छाएगा अंधकार

Earth Hour Day 2023: क्या है अर्थ आवर, जिसकी वजह से इस दिन एक घंटे तक पूरी दुनिया में छाएगा अंधकार Earth Hour Day 2023: What is Earth Hour, due to which darkness will cover the whole world for one hour on this day sm

Earth Hour Day 2023: क्या है अर्थ आवर, जिसकी वजह से इस दिन एक घंटे तक पूरी दुनिया में छाएगा अंधकार

Earth Hour 2023:  अर्थ ऑवर के बारें में हर साल आप सुनते ही होंगे। दुनियाभर में अर्थ आवर डे (Earth Hour Day) का आयोजन किया जाता है। आखिर अर्थ ऑवर डे होता क्या है,इसे क्यों और कब मनाया जाता है इसके बारे में जानेंगे। Earth Hour Day हर साल मनाया जाता है इसका आयोजन वर्ल्ड वाइड फंड फोर नेचर (WWF) की ओर से हर साल मार्च महीने के आखिरी शनिवार को किया जाता है। इसका मकसद दुनिया में लोगों को प्रकृति और जलवायु परिवर्तन के प्रति जागरूक करना है। इस साल ये कार्यक्रम 25 मार्च, 2023 को होगा।

क्या है अर्थ आवर डे ?

यह आयोजन साल में एक बार होता है लेकिन इसका प्रभाव काफी लंबे समय तक रहता है। इस साल अर्थ ऑवर डे 25 मार्च को मनाया जाएगा। 25 मार्च 2023 को रात 8 : 30 बजे से शुरू होगा जोकि एक घंटे तक चलेगा। इस समय पूरी दुनिया में एक घंटे के लिए बिजली की खपत को बंद कर दिया जाता है और हर जगह सिर्फ अंधकार रहता है। इस कारण इसे अर्थ आवर कहा जाता है। यह एक ऐसा आयोजन है जिसमे दुनिया के करोड़ों लोग भाग लेते है।

इसे मानाने का क्या है कारण ?

अर्थ आवर डे के इसे मानाने के पीछे मनसा ये है कि दुनिया में ऊर्जा की बड़े स्तर पर हो रही खपत को रोका जाए और प्रकृति की सुरक्षा के लिए जलवायु परिवर्तन और सतत विकास पर ध्यान केंद्रित करना है। अर्थ आवर डे की आधिकारिक वेबसाइट पर लिखा है कि प्रकृति के नुकसान और जलवायु परिवर्तन पर चर्चा पर जल्द से जल्द प्रकाश डालने को लेकर दुनिया भर के लाखों लोगों, व्यवसायों और नेताओं को एक साथ लाएं। प्रकृति के नुकसान और कोरोना महामारी के बढ़ते असर को देखते हुए अर्थ आवर दुनिया के लोगों को इस मुद्दे पर बोलने के लिए ऑनलाइन एकजुट करेंगा। ताकि विश्व के लोग एक साथ इस मुहीम से जुड़ सकें।

कब से मनाया जा रहा है ये कार्यक्रम

अर्थ आवर डे का आयोजन साल 2007 में शुरू हुआ था जब से हर इस आयोजन को मनाया जाता है। दुनियाभर के सैकड़ों देशों के करोड़ों लोग हर साल इस वैश्विक कार्यक्रम में भाग लेते है। इस दिन दुनिया के कई लोगों के घर के अलावा ऐतिहासिक इमारतों की रौशनी को भी बंद कर दिया जाता है।

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