Dussehra 2025 Kab Hai: दशहरा कब है, 1 या 2 अक्टूबर, देखें सही तिथि-मुहूर्त, इस दिन क्यों जरूरी है वहां पूजा

Dussehra 2025 Kab Hai: दशहरा कब है, 1 या 2 अक्टूबर, देखें सही तिथि-मुहूर्त , इस दिन क्यों जरूरी है वहां पूजा dussehra-2025-kab-hai-1-or-2-oct-tithi-muhurat-vrat-tyohar-hindi-news-pds

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Dussehra 2025 Kab Hai:  22 सितंबर से शुरू हुई नवरात्रि में लोग भक्ति के साथ रमे हैं। इस बार चतुर्थी तिथि बढ़ने के कारण शारदीय नवरात्री 10 की हैं। ऐसे में यदि आप भी इस बात को लेकर कंफ्यूज हैं कि अष्टमी, महानवमीं और दशहरा कब है तो चलिए जानते हैं ज्योतिषाचार्य पंडित रामगोविंद शास्त्री के अनुसार कि 1 या 2 अक्टूबर कब है दशहरा।
साथ ही जानेंगे दहशरा पर वाहनों की पूजा क्यों होती (Dussehra par vahan Puja kyon karte hain)  है, इस दिन शमी की पूजा (Shami Puja on Dussehra) करने से क्या होता है।

कब है दशहरा

हिन्दू पंचांग के अनुसार इस बार 30 सितंबर को शाम को 6:06 मिनट तक अष्टमी तिथि रहेगी। इसके बाद नवमी तिथि लगेगी जो 1 अक्टूबर को शाम 7:07 मिनट तक रहेगी। यानी नवमी तिथि 1 अक्टूबर को उदया तिथि में आने के कारण नवमीं 1 अक्टूबर को पड़ेगी और दशहरा 2 अक्टूबर को होगा।

शारदीय नवरात्रि की तिथियां

तिथिवारतिथि/दिवस
22 सितंबर
नवरात्रि पूजा किट
रविवारपरमा
23 सितंबरसोमवारदोज
24 सितंबरमंगलवारतीज
25 सितंबरबुधवारचौथ
26 सितंबरशुक्रवारचौथ
27 सितंबरशनिवारपंचमी
28 सितंबररविवारषष्ठी
29 सितंबरसोमवारसप्तमी
30 सितंबरमंगलवारअष्टमी
1 अक्टूबरबुधवारनवमी
2 अक्टूबरगुरुवारदशमी (दशहरा)

दशहरा की बुंदेलखंड से जुड़ी परंपरा

बुंदेलखंड में कई ऐसी परंपराएं हैं जो सदियों से चली आ रही हैं। दशहरा (Dussehra)  पर यहां गिलकी के भजिए खाने की परंपरा भी है। ऐसा कहा जाता है इस दिन ऐसा करने से लोगों को स्वास्थ्य लाभ होता है।

दशहरा पर क्यों जरूरी है गाड़ी की पूजा (Dussehra Vahan Puja) 

Dussehra-Puja-2024- Vahan Puja

ज्योतिषाचार्य पंडित रामगोविंद शास्त्री के अनुसार पहले के समय में राजा घोड़े पर सवार होकर युद्ध के लिए जाते थे। इस अवसर पर अश्व यानी घोड़े की पूजा करते थे।

वर्तमान में अश्व का उपयोग तो होता नहीं है। इसलिए इसके प्रतीक रूप में आज के समय में हम वाहन पूजा (Vahan Puja) करते हैं। इस दिन सुबह वाहन को अच्छी तरह धोकर उस पर फूलमाला चढ़ाकर पूजा करें। आपको बता दें हिन्दू धर्म ग्रंथों के अनुसार पुराने समय में राजा युद्ध के लिए उत्तर दिशा का चयन करते थे।

 

 

दशहरे पर शमी की पूजा करने से क्या होता है

Shami Plant

हिन्दू ग्रंथों के अनुसार जब महाभारत काल में पांडव अज्ञातवास के लिए गए थे तो उन्होंने अपने शस्त्र शमी के पेड़ के नीचे शस्त्र छिपाए थे। यही कारण है कि दशहरे के लिन शमी के पेड़ की पूजा करने से वियज प्राप्ति होती है और ये विजय का त्योहार है तो ऐसे में इस पेड़ की पूजा करने से विजय की प्राप्ति होती है।

दशहरा पर क्यों काटते हैं भूरा कुमड़ा

दशहरा पर भूरा कुमड़ा क्यों काटते हैं

पहले के समय में राजा महाराजा मां दुर्गा को प्रसन्न करने के लिए नरबलि या पशुबलि दिया करते थे, लेकिन अब उसके स्थान अब भूरा कुमड़ा की बलि दी जाती है। ऐसे में दशहरा के दिन जो लोग नौदिनी तंत्र साधना करते हैं वे इस दिन भूरा कुमड़ा की बलि देते हैं।

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