Dussehra 2022 Fact : दशहरा पर क्यों खाते हैं गिलकी के भजिए, आप भी जान लें दशहरे से जुड़ी 10 बातें

Dussehra 2022-Fact दशहरा-पर-क्यों-खाते-हैं-गिलकी-के-भजिए-आप-भी-जान-लें-दशहरे-से-जुड़ी-10-बातें Dussehra 2022 Fact: Why do you eat Gilki on Dussehra, you should also know 10 things related to Dussehra/pds

Dussehra 2022 Fact : दशहरा पर क्यों खाते हैं गिलकी के भजिए, आप भी जान लें दशहरे से जुड़ी 10 बातें

नई दिल्ली। वैसे तो विजयादशमी Dussehra 2022 Fact को बुराई पर अच्छाई के विजय navratri 2022 के रूप में जाना जाता है। religion लेकिन इस दिन की कुछ खास बातें हैं। जिसमें लोगों को पान Paan खिलाने और गिलकी gilki bhajiya खाने की परंपरा को बहुत खास माना जाता है। आइए हम भी आपको बताते हैं। कुछ ऐसी ही खास बातें।

दशहरा का त्योहार में भी अपने जीवन में अहंकार, लोभ, लालच और अत्याचारी वृत्तियों को त्यागकर क्षमारूपी बनकर जीवन जीना सिखाता है। भगवान श्रीराम की यह सीख बहुत ही सच्ची और हमें मोक्ष प्राप्ति की ओर ले जाने वाली है।

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दशहरा पर क्यों खाते हैं पान Dussehra per kyon khate hai paan 
पान को विजयी का प्र​तीक माना जाता है। विजयादशमी पर रामजी ने रावण पर विजय हासिल की थी। इसलिए इस दिन पान खिला कर विजय दिवस मनाया जाता है। पंडित रामगोविन्द शास्त्री के अनुसार पान को ऐश्वर्य का प्रतीक माना जाता है। एक—दूसरे के घर जाकर विजयादशमी की शुभकामनाएं दी जाती हैं।

आप भी जान लें इस दिन की खास बातें —
1 — इस दिन भगवान राम-सीता और हनुमान Shri Hanuman की विशेष पूजा-अर्चना की जाती है।
2 — इस दिन करोड़ों रुपए के फूलों की बिक्री होती है और लोग अपने घर के दरवाजे फूलों की मालाओं से सजाकर उत्सव मनाते हैं।
3 — इस दिन लोग अपनी-अपनी क्षमतानुसार सोना-चांदी, वाहन, कपड़े तथा बर्तनों की खरीददारी करते हैं।
4 — इस दिन विजयादशमी vijya Dashami पर शमी वृक्ष का पूजन किया जाता है। ऐसी माना जाता है कि महाभारत में पाण्डवों ने इस दिन युद्ध के समय शमी के पेड़ में ही अपने शस्त्र छिपाए थे।
5 — रावण रचित शिव तांडव स्तोत्र से भगवान शिव की आराधना की जाती है।
6 — देशभर में रावण के पुतले जलाए जाते हैं।
7 — दशहरे के दिन शहर-कस्बों और गांवों में श्रीराम-सीता स्वयंवर प्रसंग, रामभक्त हनुमान का लंकादहन कार्यक्रम, रामलीला का बखान करते हुए राम-रावण युद्ध के साथ रावण दहन किया जाता है।
8 — इस दिन खासतौर पर गिलकी के पकौड़े और गुलगुले (मीठे पकौड़े) बनाने का प्रचलन है।
9 रावण दहन के बाद एक-दूसरे के घर जाकर दशहरे की शुभकामनाएं दी जाती है। गले मिलकर, चरण छूकर आशीर्वाद लिया जाता है। शमी पत्ते बांटे जाते हैं। यह त्योहार बुराई पर अच्छाई की जीत को दर्शाता है।

10 —जो लोग नौ दिनों के व्रत रखते हैं वे इस दिन वाहन पूजन करके वाहन से अपने विजय पथ पर निकलते हैं।

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