Driving License:अब बिना टेस्ट दिए ही बन सकेगा ड्राइविंग लाइसेंस! जानें नए नियम

Driving License:अब बिना टेस्ट दिए ही बन सकेगा ड्राइविंग लाइसेंस! जानें नए नियम

नई दिल्ली। अगर आप भी ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के बारे में सोच रहे हैं तो आपके लिए एक अच्छी खबर है, दरअसल रीजनल ट्रांसपोर्ट ऑफिस (RTO) ने ड्राइविंग लाइसेंस के नियमों में कुछ बदलाव किए हैं जिसके बाद अब आपको ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए आरटीओ के चक्कर काटने की जरूरत नहीं होगी। न ही अब आपको ड्राइविंग लाइसेंस(Driving License) बनवाने के लिए ड्राइविंग टेस्ट देने की जरूरत है। तो आइए जानते हैं ड्राइविंग लाइसेंस के इन नए नियमों के बारे में विस्तार से

अब नहीं देना होगा ड्राइविंग टेस्ट
अब आप बिना ड्राइविंग टेस्ट(Driving test) दिए भी ड्राइविंग लाइसेंस बनवा सकते हैं। दरअसल सरकार ने ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए नियमों में कुछ संशोधन किया है जिसके बाद अब ड्राइविंग टेस्ट देने के लिए आपको आरटीओ(RTO) के चक्कर नहीं लगाने होंगे। बता दें कि इन नियमों को लागू करने के निर्देश केंद्रीय सड़क परिवहन और हाईवे मंत्रालय ने दिए हैं जिसके बाद इन नियमों को इस महीने से लागू भी कर दिया गया है। हालांकि ड्राइविंग टेस्ट के बदले आरटीओ ने अपने नियमों में कई दूसरे संशोधन किए हैं जैसे।

अब जाना होगा ड्राइविंग स्कूल
जो भी एप्लीकेंट्स लंबे समय से आरटीओ(RTO) जाकर अपने टेस्ट का इंतजार कर रहे थे। उन्हें मंत्रालय की तरफ से नेटिफिकेशन जारी किया गया है। जिसमें बताया गया है कि अब एप्लीकेंट्स को ड्राइविंग टेस्ट देने के लिए आरटीओ जाने की जरूर नहीं है। अब एप्लीकेंट्स को किसी भी मान्यता प्राप्त ड्राइविंग ट्रेनिंग स्कूल में पहले अपना रजिस्ट्रेशन करवाना होगा, बाद में उसी ड्राइविंग ट्रेनिंग स्कूल से ट्रेनिंग लेकर वहीं टेस्ट भी देना होगा।

टेस्ट देने के बाद ड्राइविंग स्कूल एप्लीकेंट्स को एक सर्टिफिकेट देगा जिसके आधार पर एप्लीकेंट्स का ड्राइविंग लाइसेंस बन सकेगा। वहीं इन ड्राइविंग स्कूलों को लेकर सरकार द्वारा कुछ गाइडलाइन भी जारी की है। तो आइए जानते है इन गाइडलाइन को

1.किसी भी ड्राइविंग स्कूल को ट्रेनिंग देने की अनुमति तभी मिलेगी जब उनके पास कम से कम एक एकड़ की जमीन हो।
2. ड्राइविंग स्कूल से जो भी ट्रेनिंग लेना चाहता है वह कम से कम 18 वर्ष और 12वीं पास होना चाहिए। वहीं ट्रेनर को ड्राइविंग अनुभव होना भी होना चाहिए।
3. मंत्रालय ने ड्राइविंग स्कूलों में ट्रेनिंग शिक्षण पाठ्यक्रम को दो हिस्सों में चलाने का निर्देश दिया है जिसमें पहला थ्योरी और दूसरा प्रैक्टिकल रहेगा।

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