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Image Source- @prernakaul
नई दिल्ली। ड्रैगन फ्रूट को लेकर सोशल मीडिया पर कई मीम बनाए जा रहे हैं। ऐसा इसलिए हो रहा है, क्योंकि गुजरात सरकार ड्रैगन फ्रूट के नाम में बदलाव चाहती है। गुरजात सरकार ने इस फ्रूट का नाम बदलकर कमलम रखने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने बताया कि फ्रूट के नए नामकरण के लिए पेटेंट के लिए भी आवेदन कर दिया गया है। ऐसे में लोगों के मन में ये सवाल उठ रहा होगा कि आखिर ये ड्रैगन फ्रूट है क्या और भारत में इसका नाम क्यों बदला जा रहा है।
यह एक विदेशी फल है
ड्रैगन फ्रूट एक विदेशी फल है। इसे मुख्य रूप से चीन और थाईलैंड का फल माना जाता है। इस फल को सेहत के लिए काफी लाभकारी माना जाता है। इस फ्रूट में भरपूर मात्रा में एंटी ऑक्सीडेंट्स, प्रोटीन, फाइबर, विटामिन्स और कैलशियम आदि पाया जाता है। यही कारण है कि इसे वजन घटाने में मददगार, कोलेस्ट्राल कम करने में सहायक और कैंसर के लिए लाभकारी बताया जाता है।
खाने में काफी स्वादिष्ट होता है
ड्रैगन फ्रूट के अंदर वाले हिस्से में 90 प्रतिशत तक पानी होता है। इसलिए लोग इसे तरबूज का भाई भी कहते हैं। लोग इसे सबसे ज्यादा गर्मियों में इस्तेमाल करते हैं। यह खाने में भी बहुत स्वादिष्ट होता है। कुल मिलाकर कहें तो यह एक ऐसा फल है जिससे अनेक फायदे मिलते हैं। यही कारण है कि अब इसे भारत में भी उगाया जाने लगा है। पहले इसे भारत में चाईना, थाईलैंड या वियतनाम से मंगाया जाता था। इसका वैज्ञानिक नाम हायलेसिरस अनडेटस है। जो मुख्य रूप से मैक्सीको में उगाया जाता था। पर अब इस फल से होने वाले फायदे को देखते हुए, इसे दुनिया के कई देशों में उगाया जाता है।
गुजरात के कई हिस्सों में बड़े पैमाने पर की जाती है खेती
आज भारत में इस फल को कई राज्यों में उगाया जाता है। लेकिन गुजरात के कच्छ, नवसारी और सौराष्ट्र जैसे हिस्सों में बड़े पैमाने पर उगाया जाता है। यही कारण है कि गुजरात सरकार ने इसका नाम बदलने का फैसला लिया है। गुजरात सरकार के मुखिया विजय रूपाणी ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि किसी भी फल का नाम ड्रैगन फ्रूट नहीं होना चाहिए। इस नाम से कोई भी व्यक्ति चाइना का फल समझता है। इसलिए हमारी सरकार ने इसका नाम बदलकर कमलम करने का फैसला किया है। जब पत्रकारों ने पुछा कि आप इस फल का नाम कुछ और भी रख सकते थे। इस पर उन्होंने कहा कि किसानों ने उन्हें बताया है कि फ्रूट कमल जैसा दिखता है। इस कारण से हमने इसका नाम कमलम रखा है।
बतादें कि गुजरात में इस वक्त भाजपा की सरकार है और उनका चुनाव चिन्ह कमल है। साथ ही भाजपा के प्रदेश कार्यालय का नाम भी कमलम है। ऐसे में लोग अब इस फल के नामकरण पर सवाल उठा रहे हैं।
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